पंजाब
कैप्टन अमरिन्दर सिंह द्वारा 10 करोड़ रुपए के निवेश वाले प्रोजैक्टों को मंजूरी के लिए डिप्टी कमीश्नरों को शक्तियां
नशा मुक्त गाँवों के लिए लाभों का ऐलान, जेलों की सुरक्षा को मज़बूत बनाने के लिए कदम
चंडीगढ़ – पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने 10 करोड़ रुपए के निवेश वाले प्रोजैक्टों को स्वतंत्र तौर पर मंजूरी देने के लिए डिप्टी कमीश्नरों को शक्तियां देने के लिए निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही उन्होंने ऑनलाइन मंजूरी की प्रक्रिया को और सरल बनाकर व्यापार को बढ़ावा देने के लिए अन्य प्रमुख कदम उठाए हैं।
विभिन्न प्रोग्रामों और प्रोजैक्टों का जायज़ा लेने के लिए डिप्टी कमीश्नरों के साथ मुख्यमंत्री ने एक उच्च स्तरीय मीटिंग की अध्यक्षता की जिसमें प्रणाली को और जन समर्थकी और अधिक सुरक्षित बनाकर इन प्रोजैक्टों को लागू करने में अंतर को भरने के लिए रूप रेखा तैयार की। जेलों की सुरक्षा, नशों, जल प्रबंधन, शिक्षा और श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व के समारोहों संबंधी मीटिंग में विचार-विमर्श किया गया। मुख्यमंत्री ने राज्य में निवेश के सम्बन्ध में तसल्ली का प्रगटावा किया क्योंकि अब तक 50 हज़ार करोड़ तक के प्रोजैक्ट पहले ही ज़मीनी स्तर पर आ गए हैं।मुख्यमंत्री ने नशा मुक्त होने वाले गाँवों और नशों में फंसे व्यक्तियों को ईलाज और पुनर्वास प्रदान कराने के लिए इकठ्ठा होकर काम करने वालों के लिए लाभ देने के सरकार के फ़ैसले का ऐलान किया। नशों के मामलों में मुक्ति दर पर चिंता प्रकट करते हुए उन्होंने मुकदमा चलाने की प्रक्रिया पर और ज़ोर देने का न्योता दिया जिससे नशों के समगलर आसान ढंग से ज़मानत प्राप्त न कर सकें। उन्होंने नशों के तस्करों पर कानून का शिकंजा सख़्ती से कसने के लिए जि़ला पुलिस को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस विशाल कार्य के साथ अकेली एस.टी.एफ. नहीं निपट सकती। जेलों की सुरक्षा के मामले में मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार दिल्ली की तिहाड़ जेल की तजऱ् पर दक्षिणी राज्यों से सुरक्षा बटालियन प्राप्त करने के लिए विचार कर रही है जिससे सुरक्षा मुलाजिमों और कैदियों और उनके परिवारों के बीच भाषाई अड़चने पैदा की जा सकें। उन्होंने कहा कि इससे सुरक्षा मुलाजिमों के कैदियों के नज़दीक जाने पर रोक लगेगी। कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने जेलों की नियमित आधार पर निजी जांच के लिए डिप्टी कमीश्नरों को निर्देश दिए जिससे कैदियों के कल्याण को यकीनी बनाया जा सके। कैदियों के कल्याण की महत्ता पर ज़ोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जेलें कोई बुच्चडख़ाने नहीं हैं जहाँ कैदियों को डालकर भुला दिया जाये। उन्होंने कहा कि कैदियों को शारीरिक प्रशिक्षण समेत व्यस्त रखने के ढंग ढूँढना बहुत महत्वपूर्ण है। राज्य में पानी की नाजुक स्थिति पर चिंता प्रकट करते हुए मुख्यमंत्री ने पानी की बर्बादी को रोकने और इस सम्बन्ध में लोगों में जागरूकता पैदा करने के लिए डिप्टी कमीश्नरों को कहा। डिप्टी कमीश्नरों को अपने-अपने जिले में जल संभाल और बारिश के पानी की संभाल के लिए योजना तैयार करने के लिए निर्देश दिए। उन्होंने इन कामों को बिना अड़चन चलाने को यकीनी बनाने के लिए अंतर-विभागीय तालमेल करने के लिए कहा। मुख्यमंत्री ने बारिश के पानी की स्टोरेज के लिए गाँवों के छप्पड़ों की सफ़ाई पर नियमित निगरानी रखने के लिए भी डिप्टी कमीश्नरों को कहा। उन्होंने पानी के कम इस्तेमाल करने वाली फसलों और फ़सली तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए कदम उठाने के लिए भी कहा। सरकार द्वारा राज्य भर में शुरू की सफ़ाई मुहिम का जायज़ा लेते हुए कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने घर स्तर पर कूड़ा-कर्कट अलग करने की स्कीम शुरू करने का ऐलान किया जिससे सूखे और गीले कूड़े को इक_ा करके इसका अलग-अलग तौर पर निपटारा करने को यकीनी बनाया जा सके। 550वें प्रकाश पर्व समारोहों के प्रबंधों का जायज़ा लेते हुए मुख्यमंत्री ने डिप्टी कमीश्नरों को विकास कामों की प्रगति का जायज़ा करने के लिए कहा जिससे इन कामों के उच्च मानक को यकीनी बनाया जा सके। उन्होंने पहले गुरू श्री गुरु नानक देव जी के जीवन से सम्बन्धित गाँवों के सुधार और साफ़ सफ़ाई में लोगों के सम्मिलन को भी यकीनी बनाने के लिए कहा। मुख्यमंत्री ने पौधों को लगाने की रफ़्तार में तेज़ी लाने की ज़रूरत पर भी ज़ोर दिया। उन्होंने अगले 30 दिनों में अधिक से अधिक पौधे लगाए जाने पर ध्यान केंद्रित करने के लिए कहा। उन्होंने खुले इलाकों और सडक़ों के साथ-साथ पौधे लगाने पर ज़ोर दिया। उन्होंने हर घर में फलदार पौधे लगाने के लिए भी कहा। शिक्षा के सम्बन्ध में कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने राज्य में नतीजों में सुधार होने और स्कूलों के बुनियादी ढांचे के स्तर को ऊँचा उठाने पर शिक्षा सचिव को बधाई दी। उन्होंने शिक्षा प्रणाली को आगे और मज़बूत बनाने के लिए लगातार ठोस कोशिशें करने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया। इस मीटिंग में मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार रवीन ठुकराल, मुख्य सचिव करन अवतार सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव आवास निर्माण एवं शहरी विकास विन्नी महाजन, ए.सी.एस वन और वन्य रौशन सुंकारिया, ए.सी.एस स्वास्थ्य सतीश चंद्र, वित्त कमिश्नर राजस्व के.बी.एस. सिद्धू, वित्त कमिश्नर कर एम.पी. सिंह, वित्त कमिश्नर विकास विश्वाजीत खन्ना, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री तेजवीर सिंह, प्रमुख सचिव स्थानीय निकाय ए. वेनू प्रसाद, डी.जी.पी. दिनकर गुप्ता, सचिव रोजग़ार सृजन राहुल तिवाड़ी, सचिव स्कूल शिक्षा कृष्ण कुमार और ए.डी.जी.पी /एस.टी.एफ. गुरप्रीत दियो शामिल थे।