पंजाब
अधीनस्थ सेवाएं चयन बोर्ड ने 1648 क्लर्कों को किया विभागों का आवंटन
विभागों का आवंटन उम्मीदवारों की पसंद के आधार पर किया – बहल
चंडीगढ़ – राज्य सरकार के 48 विभिन्न विभागों में क्लर्क के पदों के लिए शॉर्टलिस्टड उम्मीदवारों की अंतिम सूची जारी करते हुए अधीनस्थ सेवाएं चयन बोर्ड (एस.एस.एस.बी.) के चेयरमैन श्री रमन बहल ने बताया कि यह पहली बार हुआ है कि बोर्ड द्वारा उम्मीदवारों की पसंद के आधार पर विभागों का आवंटन किया गया है।
इस प्रक्रिया पर प्रकाश डालते हुए श्री बहल ने कहा कि पंजाब सरकार ने सिफारिश और पहुँच के दौर का ख़ात्मा किया है। यहाँ सिफारिश के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने बताया कि इस कदम से अधीनस्थ सेवाएं चयन बोर्ड के पास अपनी मजऱ्ी से शॉर्टलिस्टड उम्मीदवारों को विभागों के आवंटन करने का अधिकार ख़त्म हो गया है। इस प्रक्रिया में मुकम्मल पारदर्शिता लाते हुए उम्मीदवारों को अपनी पसंद के आधार पर विभागों के चयन का मौका दिया गया। मेरिट सूची के बीच की दजऱ्ाबन्दी के आधार पर उम्मीदवारों को अपनी पसंद के विभाग का चयन करने का मौका दिया गया। पहला रैंक हासिल करने वाले उम्मीदवार को सबसे पहले और फिर मेरिट सूची में अपनी पोजि़शन के आधार पर अन्य को विभाग का चयन करने का मौका मिला।चेयरमैन ने बताया कि एस.एस.एस.बोर्ड द्वारा विभागों के आवंटन संबंधी सूची काउंसलिंग के समय उम्मीदवारों द्वारा चुने गए विकल्पों के आधार पर जारी की गई है और यह सूची अब बोर्ड की सरकारी वैबसाईट ( http://www.punjabsssb.gov.in) पर उपलब्ध है।जि़क्रयोग्य है कि एस.एस.एस. बोर्ड द्वारा क्लर्कों के 1883 पदों के लिए विज्ञापन दिया गया था, जिसके लिए 46798 उम्मीदवारों ने अप्लाई किया। 10300 उम्मीदवारों ने लिखित परीक्षा में क्वालीफाई किया जिसमें न्यूनतम 33 प्रतिशत पास अंक रखे गए थे। इसके बाद 4279 उम्मीदवारों ने अंग्रेज़ी और पंजाबी टाइपिंग टैस्ट पास किया और फिर सर्टीफिकेटों की जांच के लिए काउंसलिंग की गई। प्री-एलिज़ीबिल्टी लिस्ट (ऐतराज़ की माँग के लिए, अगर कोई हो) मार्च 2019 में जारी की गई और सफल रहने वाले 1648 उम्मीदवारों की अंतिम सूची मई 2019 में जारी की गई। इसके बाद जून 2019 में उम्मीदवारों द्वारा चुने गए विकल्पों के आधार पर विभागों के आवंटन के लिए काउंसलिंग की गई।श्री बहल ने कहा कि एस.एस.एस. बोर्ड भविष्य में भी मेरिट और उम्मीदवारों की पसंद के आधार पर विभागों के आवंटन के लिए इस पारदर्शी प्रणाली को जारी रखेगा क्योंकि यह प्रणाली उम्मीदवारों के मन में संदेह को ख़त्म करके चयन प्रक्रिया में उनके विश्वास को बहाल करती है।