पंजाब
श्री गुरू नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व के सरकारी समागमों के लिए प्रोफ़ैसर मोहन सिंह फाऊंडेशन द्वारा सहयोग की पेशकश
सांस्कृतिक मंत्री द्वारा प्रस्ताव को सहमति, मुख्यमंत्री के साथ विचार करने के उपरांत औपचारिक मंजूरी दी जाएगी
चंडीगढ़ – प्रोफ़ैसर मोहन सिंह फाऊंडेशन के प्रधान स. प्रगट सिंह गरेवाल, सचिव जनरल प्रोफ़ैसर निर्मल जौढ़ा, चेयरमैन इन्द्रजीत सिंह गरेवाल, गुरनाम सिंह धालीवाल, कैप्टन हरजिन्दर सिंह और सरपंच स. जगजिन्दरा सिंह ने आज पंजाब के सांस्कृतिक मामलों के मंत्री स. चरनजीत सिंह चन्नी के साथ उनके कैंप कार्यालय में मुलाकात की।इस मौके पर प्रो. मोहन सिंह फांउडेशन ने पंजाब सरकार द्वारा सुलतानपुर लोधी में श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व समागमों में भागीदार बनने के लिए प्रस्ताव सांस्कृतिक मामलों के मंत्री के पास रखा। प्रो. मोहन सिंह फांउडेशन ने प्रस्ताव पेश किया है कि फांउडेशन इन समागमों में केवल धार्मिक और बाबा नानक जी की शिक्षा के आधार पर ही संगीतात्मक प्रस्तुतियों सम्बन्धी प्रोग्राम करवाना चाहती है। फाऊंडेशन द्वारा ढाडी, कवीसर, धार्मिक संगीत, धार्मिक नाटक और बाबा नानक जी के जीवन पर आधारित प्रदर्शनियां लगाए जाने संबंधी प्रस्ताव पेश किया गया।स. चन्नी ने इस प्रस्ताव के साथ सहमति प्रकट करते हुए कहा कि प्रो. मोहन सिंह फांउडेशन द्वारा दिए गए प्रस्ताव के साथ वह प्राथमिक रूप में सहमत हैं, परन्तु इसको अमली रूप में मंजूरी मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह के साथ विचार-विमर्श करने के उपरांत दी जायेगी।पंजाब के सांस्कृतिक मामलों के मंत्री स. चरनजीत सिंह चन्नी ने कहा कि अवाम की सांस्कृतिक तंदुरुस्ती ही किसी कौम की कामयाबी का राज होती है। स. चन्नी ने कहा कि पंजाब और विदेशों में पंजाबी संस्कृति, साहित्य, कला, गीत संगीत के लिए यत्नशील संस्थाएं यदि इक_े होकर एक मंच पर काम करें तो हम पंजाब को और विकास की ओर ले जा सकते हैं। उन्होंने प्रोफ़ैसर मोहन सिंह फाऊंडेसन द्वारा पंजाब में चलाई गई सांस्कृतिक लहर की प्रशंसा भी की। उन्होंने कहा कि सामाजिक बुराईयों और देश के दुश्मनी ताकतों का मुकाबला करने के लिए सार्थक गीत संगीत, रचनात्मक साहित्य, कोमल कलाएं और विरासती कलाओं का ज्ञान ही ताकत बनता है।स. चन्नी द्वारा फाऊंडेशन के इस प्रस्ताव को दिए उत्साही समर्थन के लिए प्रो. निर्मल जौढ़ा ने स. चन्नी का धन्यवाद किया।