हिमाचल प्रदेश

शिमला शहर में अनाधिकृत पार्किंग पर होगी कड़ी कार्रवाई – मुख्यमंत्री

Posted on

शिमला शहर में सड़कों पर केवल एक तरफ पीली लाईन पर ही वाहनों की पार्किंग की अनुमति दी जाएगी और अनाधिकृत पार्किंग पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर की अध्यक्षता में आज यहां सड़क सुरक्षा पर वरिष्ठ अधिकारियों की एक बैठक में यह निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि शिमला में अधिकृत पार्किंग और अनाधिकृत पार्किंग क्षेत्र के साईन बोर्ड स्थापित किए जाएंगे। शिमला में चल रहे तीन बड़ी पार्किंग स्थलों को विकसित करने के कार्य में तेजी लाई जाएगी जबकि जिला प्रशासन व नगर निगम शिमला विशेषकर आवासीय क्षेत्रों में पार्किंग विकसित करने के लिए जगह चिन्हित करेंगे। इससे लोगों को जहां पर्याप्त पार्किंग की सुविधा उपलब्ध होगी, वहीं शहर की सड़कों पर यातायात की व्यवस्था भी सुचारू बनी रहेगी। जय राम ठाकुर ने शिमला जिला प्रशासन और नगर निगम को 10 जुलाई तक ऐसे स्थल चिन्हित करने के भी निर्देश दिए जहां सड़क के किनारे पीली रेखा के साथ छोटी-छोटी पार्किंग विकसित की जा सकें। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार लोगों को अपने घरों के सैटबैक के दायरे में निजी पार्किंग विकसित करने के पहलू पर विचार करेगी।उन्होंने कहा कि सभी सरकारी कार्यलयों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि अपने वाहनों के लिए उनके पास पर्याप्त पार्किंग स्थल हो ताकि सड़कों पर वाहनों को खड़ा करने की आवश्यकता न रहे। उन्होंने कहा कि ऐसे स्थलों पर 50 मीटर के दायरे में पार्किंग की अनुमति नहीं दी जाएगी जहां स्कूली विद्यार्थी अपनी स्कूल बसों से उतरते और चढ़ते हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में लोगों को सड़क सुरक्षा के सम्बन्ध में जागरूक करने के लिए बड़े स्तर पर जागरूकता, शिक्षा एवं सम्पर्क गतिविधियां चलाई जाएंगी। राज्य में सभी तंग सड़कों को चिन्हित कर उन्हें चौड़ा करने के लिए कदम उठाए जाएंगे।बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि शिमला शहर में रोज़ाना 1,65,000 वाहन चलते हैं जिसके कारण लोगों की सुविधा के लिए वैकल्पिक सड़कों के निर्माण की आवश्यकता है।मुख्यमंत्री ने आज शिमला में एक स्कूल बस दुर्घटना पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि मृतकों के परिवारों को पांच लाख रुपये की राशि दी जा रही है तथा घायलों को निःशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाई गई है।उन्होंने कहा कि परिवहन वाहनों की स्थिति पर विशेष ध्यान दिया जाएगा तथा किसी भी लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रदेश सरकार की प्राथमिकता यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है जिसके लिए सभी स्कूल बसों की जांच नियमित रूप से की जाएगी तथा स्कूल प्रबन्धन को सुरक्षा मापदण्डों के बारे में जागरूक बनाया जाएगा।शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज और परिवहन मंत्री गोविन्द ठाकुर ने भी वाहनों की सुरक्षित आवाजाही के लिए सड़क सुरक्षा एवं सुधारं के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए।महापौर कुसुम सदरेट, उपमहापौर राकेश शर्मा, मुख्य सचिव बी.के. अग्रवाल, अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. श्रीकान्त बाल्दी व आर.डी. धीमान, प्रधान सचिव, परिवहन जे.सी. शर्मा, प्रधान सचिव राजस्व, ओंकार शर्मा, पुलिस महानिदेशक एस.आर. मरडी, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव संजय कुण्डू, परिवहन निदेशक जे.एम. पठानिया, उपायुक्त शिमला अमित कश्यप, नगर निगम आयुक्त पंकज रॉय, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव डी.सी. राणा, लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियन्ता आर.पी. वर्मा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी इस बैठक में उपस्थित थे।

Click to comment

Most Popular

Copyright © 2018 www.dinkarnews.com. All Rights Reserved Designed by TEJ iNFO