भारत
मुख्यमंत्री द्वारा लुधियाना की केंद्रीय जेल में हुई हिंसा की मैजिस्ट्रेट जांच के आदेश
एक कैदी की मौत और बैरकें तोड़ कर भागने की कोशिश करते पाँच हवालाती ज़ख्मी
नई दिल्ली – पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने लुधियाना की केंद्रीय जेल में आज हुई हिंसा की मैजिस्ट्रेट जांच करने के हुक्म दिए हैं। यह जांच लुधियाना के डिप्टी कमिश्नर द्वारा की जायेगी। इस घटना में एक कैदी के मारे जाने जबकि पाँच कैदियों और लगभग आधे दर्जन पुलिस कर्मचारियों के ज़ख्मी होने का गंभीर नोटिस लेते हुए मुख्यमंत्री ने इस घटना की विस्तृत जांच करके हिंसा के लिए उकसाने वालों की शिनाख़्त करने के लिए कहा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि दोषियों के खि़लाफ़ सख्त कार्यवाही की जायेगी। एक कैदी सनी सूद की पटियाला के राजिन्द्रा अस्पताल में मौत हो जाने की ख़बर जेल में पहुँचने के बाद प्रात:काल लगभग 11:30 बजे हिंसा हुई। सनी सूद एन.डी.पी.एस. एक्ट के अंतर्गत दर्ज एक मामले में विचाराधीन है। प्राथमिक जानकारी के मुताबिक सनी सूद की मौत की ख़बर के बाद जेल में दंगे हुए और 3100 के करीब हवालाती ने अपनी बैरकों में जाने से इन्कार कर दिया और पत्थर मारने शुरू कर दिए। यह कैदी निर्माण के चल रहे काम के लिए बैरकों से बाहर थे। दंगाकारी कैदियों ने रिकॉर्ड रूम के साथ जेल सुपरीटेंडेंट की कार को आग लगा दी और जेल की अन्य जायदाद को भी नुक्सान पहुँचाया।प्राथमिक रिपोर्टों के मुताबिक कैदियों ने जब गेट तोडऩे की कोशिश की तो जेल पुलिस ने हवाई फायर करके इनको रोकने के यत्न किये। इस दौरान लुधियाना के डी.सी.पी. अश्वनी कुमार स्थिति को काबू करने के लिए आँसू गैस छोडऩे वाले वाहन और 250-300 पुलिस कर्मचारियों की अतिरिक्त फोर्स लेकर मौके पर पहुँचे। इसी तरह लुधियाना के डिप्टी कमिश्नर प्रदीप अग्रवाल और आई.जी. जेल एल.एस. जाखड़ भी मौके पर पहुँचे। स्थिति को आखिर दोपहर 1:30 बजे काबू कर लिया गया जब सभी कैदियों को बैरकों में वापस भेज दिया।
इस हिंसा में मारे गए कैदी की पहचान अजीत बाबा पुत्र हरजिन्दर सिंह जबकि जख्मी होने वालों में विशाल कुमार पुत्र रकेश शर्मा निवासी दाबा, प्रिंस पुत्र राजपाल निवासी सिवल लाईनज़ लुधियाना, सुनील पुत्र बाबू राम निवासी हाजीपुर (होशियारपुर), रणबीर पुत्र सुखदेव निवासी गोबिंद नगर जालंधर और पंकज पुत्र वीरपाल निवासी ताजपुर रोड लुधियाना शामिल हैं। आज यहाँ कुछ पत्रकारों के साथ अनौपचारिक बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि इस घटना से पंजाब में अमन कानून की स्थिति के बिगड़ जाने वाली कोई बात नहीं है जबकि राज्य में अमन कानून की स्थिति पूरे देश से बेहतर है। विरोधी पक्ष द्वारा पंजाब के जेल मंत्री सुखजिन्दर रंधावा के इस्तीफ़े की माँग करने संबंधी पूछे गए सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सवाल ही पैदा नहीं होता। उन्होंने कहा, ‘‘वास्तव में अकाली दल और आम आदमी पार्टी के पास ऐसी बेतुकी माँगों के अलावा कोई रचनात्मक बात करने को नहीं। स्थिति के साथ निपटा जायेगा और हम निपट रहे हैं।’’