पंजाब
राजस्व मंत्री ने जो कहा, वह करके दिखाया
पट्यिाला और जालंधर डिवीजनों के सुपरटेंडेंट ग्रेड -2 के अधिकारियों को सुपरटेंडेंट ग्रेड -1 में पदोन्नत किया
चंडीगढ़ – राजस्व मंत्री, पंजाब श्री गुरप्रीत सिंह कांगड़ की कर्मचारी यूनियन के प्रतिनिधियों के साथ मुलाकात के बाद पंजाब राज्य जिला (डी.सी.) कार्यालय के कर्मचारियों की सुपरीटेंडेंट ग्रेड -2 के अधिकारियों को सुपरीटेंडेंट ग्रेड -1 में पदोन्नत करने सम्बन्धी काफी समय से लम्बित पड़ी मांग को एक सप्ताह में पूरा किया गया है।
इस सम्बन्धी जानकारी देते हुये राजस्व मंत्री ने बताया कि यूनियन के प्रतिनिधि उनको 20 जून, 2019 को मिले थे और उनको कर्मचारियों की पदोन्नति सम्बन्धी लम्बित पड़े मुद्दों को सुलझाने का भरोसा दिए जाने के बाद में यूनियन द्वारा हड़ताल वापस ले ली गई थी। इस सम्बन्ध में रूपनगर, पटियाला, फरीदकोट, फिऱोज़पुर और जालंधर डिवीजऩ के डिवीजनल कमीशनरों को कर्मचारियों के रिकार्ड समेत बुलाया गया था जिससे उनकी वरिष्ठता सम्बन्धी मामलों को जल्द सुलझाया जा सके। अधिकारियों द्वारा अपने संबंधित डिवीजनों की वरिष्टता सूची पेश की गई। इसके बाद पटियाला और जालंधर डिवीजनों की वरिष्ठता सूची हर पक्ष से दुरुस्त पाये जाने के मद्देनजऱ सुपरीटेंडेंट ग्रेड -2 के अधिकारियों को सुपरीटेंडेंट ग्रेड -1 में पदोन्नत करना मंज़ूर किया गया।श्री कांगड़ ने कहा कि विभागीय तरक्की कमेटी (डी.पी.सी.) की मीटिंग के बाद 27 जून को पदोन्नति सम्बन्धी औपचारिक आदेश जारी किये जाएंगे और दूसरे डिवीजऩल कमिशनरों को इस मामले को प्राथमिकता देने और जुलाई के पहले सप्ताह तक पदोन्नति सम्बन्धी सूची को मुकम्मल करने के निर्देश दिए गए हैं। सभी डिप्टी कमीशनरों के दफ़्तरों में इस श्रेणी के अधीन आने वाले कर्मचारियों की तरक्कियों के बैकलॉग को भरने के लिए विभागीय तरक्की कमेटी की आगामी मीटिंग 10 जुलाई को की जायेगी।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री, पंजाब कैप्टन अमरिन्दर सिंह कर्मचारियों की माँगों को लेकर चिंतित हैं और मंत्रियों को कर्मचारियों के इस मुद्दे को जल्द सुलझाने के लिए कहा है। मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुसार राजस्व विभाग कर्मचारियों के सभी मुद्दों की निगरानी कर रहा है जिससे उनको अधिकतम राहत दी जा सके।उन्होंने कहा कि विभाग में एक निवेकली शिकायत निवारण प्रणाली लाते हुये उनकी तरफ से कर्मचारी यूनियनों को माँगों विचारने का भरोसा देकर वापस भेजने की पुरानी प्रथा को ख़त्म किया है। इसके अलावा उन्होंने वित्त कमिशनर राजस्व को 15 दिनों के अंदर इस सम्बन्धी कार्यवाही रिपोर्ट लिखित रूप में पेश करने के लिए कहा है जिसकी एक कापी यूनियनों के प्रधान हासिल कर सकते हैं जिससे उनकी शिकायतों के निवारण करने के लिए विभाग की कोशिशों से वह अवगत हो सकें। यह कदम कर्मचारियों के मुद्दों को समय पर सुलझाने में सहायक होगा और उनकी अनावश्यक बेचैनी को ख़त्म करेगा जो विभाग की तरफ से की जाने वाली कार्यवाही सम्बन्धी उनके मन में पैदा होती है।श्रीमती कल्पना मित्तल बरुआ, एफ.सी.आर., श्री राजकमल चौधरी, श्री दपिन्दर सिंह, श्री रवीन्द्र कुमार कौशिक, श्री एस. एस. गुर्जर, बी. पुरुशारथा, रूपनगर के डिवीजऩल कमिशनर, पटियाला, फरीदकोट, फिऱोज़पुर और जालंधर डिविजऩ क्रमवार, श्री राजीव पराशर, विशेस सचिव राजस्व और श्री गुरनाम सिंह विर्क, पंजाब राज्य डी.सी. दफ़्तरों की कर्मचारी यूनियन के प्रमुख समेत यूनियन के अन्य अधिकारी इस मीटिंग में उपस्थित थे जो पंजाब सिविल सचिवालय में एफ.सी.आर के कमेटी रूम में की गई।