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राज्यपाल द्वारा समाज के विभिन्न वर्गों को नशों की समस्या से निपटने के लिए ‘नशा मुक्त’ और ‘तंदुरुस्त पंजाब’ सृजन करने का न्योता

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चंडीगढ़ – पंजाब के राज्यपाल और यू.टी. चंडीगढ़ के प्रशासक श्री वी.पी. सिंह बदनौर ने राज्य की यूनिवर्सिटियों, कॉलेजों, और अन्य शैक्षिक संस्थाओं, एन.जी.ओज़, इच्छुक संस्थाओं और माँ बाप को न्योता देते हुए नशा मुक्त और तंदुरुस्त पंजाब सृजन करने के लिए पंजाब सरकार के साथ साझे मंच पर आगे आने की अपील की है।बड़े स्तर पर मनाए जा रहे नशाखोरी और ग़ैर-कानूनी तस्करी के विरुद्ध अंतरराष्ट्रीय दिवस की पूर्व संध्या के मौके पर राज्यपाल ने कहा कि नशा मुक्त भारत मुहिम के अंतर्गत राज्य में से नशों के ख़ात्मे को मिशन के तौर पर लिया गया है जो अपनी किस्म की सबसे बड़ी मुहिम है जिसमें तकरीबन 30,000 विद्यार्थियों ने ‘ड्रग्गज़ न करूंगा, न करने दूंगा’ का नारा लगाते हुए नशों से दूर रहने की कसम उठाई। राज्यपाल ने बताया कि उन्होंने पंजाब के विभिन्न जि़लों में नशों के विरुद्ध हुए सैमीनारों की अध्यक्षता की है जहाँ स्थानीय पुलिस प्रशासन और यूनिवर्सिटी और कॉलेजों के विद्यार्थियों ने नौजवानों में नशों और ग़ैर-कानूनी तस्करी के विरुद्ध जागरूकता के लिए सरकार का साथ देने की इच्छा अभिव्यक्त की। राज्यपाल ने सभी राजनैतिक पार्टियों को अपनी पार्टी के हितों से ऊपर उठकर साझे मंच पर आगे आकर समाज में से नशों को उखाडऩे के मुद्दे को ज़ोर देकर उठाने का न्योता दिया। उन्होंने कहा कि इस सम्बन्धी हरेक व्यक्ति की जि़म्मेदारी बनती है।उन्होंने कहा कि वह इस सम्बन्धी आवाज़ उठाने के लिए खुद राज्य के हरेक कोने में जाएंगे। उन्होंने कहा,‘‘नशों की इस कुरीति से हमारी नौजवान पीढ़ी को बचाने के लिए समाज के हरेक वर्ग की सहायता की ज़रूरत है। राज्यपाल ने कहा,‘‘नशा तस्करी राष्ट्र की सुरक्षा के लिए एक बड़ा ख़तरा है।’’सरकार द्वारा विशेष जांच टीम का गठन करके नशों और ग़ैर-कानूनी तस्करी के मुद्दों से निपटने की कोशिशों की प्रशंसा करते हुए श्री बदनौर ने कहा कि सम्बन्धित विभागों को नशा मुक्ति और पुनर्वास प्रोग्राम के मिशन के तौर पर लागू करने, कोऑर्डीनेट और मॉनिटर करने के निर्देश दिए गए हैं। राज्य में नशों के आदी लोगों के ईलाज और पुनर्वास को यकीनी बनाना चाहिए जिससे उनको सम्मान के साथ आम जि़ंदगी जीने के योग्य बनाया जा सके। उन्होंने पुनर्वास के बाद के पड़ाव के दौरान नशों के आदी लोगों के प्रति संभाल और सावधानी पर आधारित पहुँच अपनाने पर ज़ोर दिया। सही रास्ता अपनाने वाले नौजवानों के लिए रोजग़ार के अच्छे मौके यकीनी बनाने के लिए उनको तकनीकी शिक्षा, औद्योगिक प्रशिक्षण और कौशल विकास सम्बन्धी प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए। पंजाब की यूनिवर्सिटियों के कुलपति के तौर पर श्री बदनौर ने सभी यूनिवर्सिटियों और कॉलेजों को नशाखोरी के विरुद्ध जागरूकता के लिए संदेश फैलाने और नशों के ख़ात्मे के लिए उचित कदम उठाने की अपील की। इस दिशा की तरफ केंद्र सरकार की पहलकदमी का हवाला देते हुए श्री बदनौर ने कहा कि केंद्र सरकार ने पहले ही देशभर में नशा तस्करी के धंधे पर नकेल डालने के लिए मुहिम शुरू की है। श्री बदनौर ने बुलंद आवाज़ और स्पष्ट शब्दों में बताया कि सरकार द्वारा नशा तस्करी के गहरे नेटवर्क की समस्या से सख्ती से निपटने के लिए ठोस और व्यापक योजना बनायी गई है।

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