पंजाब
स्कूल के अध्यापकों के लिए ऑनलाइन तबादला नीति अब पब्लिक डोमेन में – सिंगला
छात्रों के शैक्षणिक हितों की रक्षा के लिए मानव संसाधन के उपयुक्त वितरण पर ध्यान केंद्रित
चंडीगढ़ – पंजाब के शिक्षा मंत्री श्री विजय इंदर सिंगला ने पंजाब भवन में आयोजित एक प्रैस वार्ता के दौरान जानकारी देते हुए बताया कि छात्रों के शैक्षणिक हितों की रक्षा करने तथा एक पारदर्शी और निष्पक्ष तबादला नीति के माध्यम से कर्मचारियों में नौकरी के प्रति संतुष्टि की भावना को बढ़ाने हेतु, स्कूल अध्यापकों के लिए राज्य सरकार द्वारा स्वीकृत ऑनलाइन तबादला नीति अब पब्लिक डोमेन में है। इसे आधिकारिक तौर पर 25 जून को अधिसूचित किया गया है।अध्यापकों के तबादलों हेतु यह एक कार्यकुशलता-आधारित समीक्षा नीति है और यह नीति शैक्षणिक सत्र 2019-20 से लागू होगी। यह नीति सेवानिवृत्त होने के बाद सेवा में विस्तार के बाद सेवा निभा रहे कर्मचारियों को छोडक़र सभी शिक्षण पदों जैसे कि ईटीटी, एचटी, सीएचटी, मास्टर, सीएंडवी, लेक्चरर और वोकेशनल मास्टर्स पर लागू होगी। हालाँकि, इस नीति के अधीन मिनिस्टेरियल कैडर, ब्लॉक अधिकारी, जिला अधिकारी, प्रिंसिपल डीआईईटीज़, स्कूल हेड मास्टर्स और प्रिंसिपलों के पदों को शामिल नहीं किया जाएगा।
तबादलों के समय संबंधी जानकारी देते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार आम तबादले वर्ष में केवल एक बार ही किए जाएंगे। हालांकि, प्रशासनिक अनिवार्यता (यानी प्रतिकूल पीटीआर और अनुशासनात्मक मामले) के मामलों में वर्ष के दौरान किसी भी समय सरकार द्वारा तबादलों में बदलाव किया जा सकता है। चुने गए क्षेत्र/स्कूल में तबादला/तैनाती का न ही दावा किया जा सकेगा और न ही इसे अधिकार माना जाएगा।तबादला प्रक्रिया संबंधी नीति में शामिल समय सारिणी संबंधी जानकारी देते हुए श्री सिंगला ने बताया कि नया स्कूल खोलने, स्कूलों/सैक्शनों के स्तरों में विस्तार करने, नए विषय/स्ट्रीम को शामिल करने और शिक्षण पदों के पुनर्वितरण/तर्कसंगतता के बारे में निर्णय हर वर्ष 1 दिसंबर से 31 दिसंबर तक किया जाएगा।इसके बाद 1 जनवरी से 15 जनवरी तक ‘वास्तविक रिक्तियों’ की अधिसूचना जारी की जाएगी। योग्य शिक्षक 15 जनवरी से 15 फरवरी तक अपनी पसंद के स्कूल का ऑनलाइन विकल्प देंगे। तबादला आदेश हर साल मार्च के दूसरे सप्ताह में जारी किए जाएंगे और अप्रैल के पहले सप्ताह में ज्वाइनिंग होगी।तबादलों के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित करने की तारीख से एक महीने के भीतर संपूर्ण प्रक्रिया पूरी होने की शर्त के साथ तबादलों के और भी दौर हो सकते हैं। वास्तविक रिक्तियों के लिए क्वालिफाईंग तिथि, अंक गणना, ठहराव की गिनती हर साल 31 मार्च होगी।इस क्रम का पालन पहले वर्ष को छोडक़र, जिसमें ऑनलाइन तबादला नीति लागू की जा रही है, हर वर्ष किया जाएगा।रिक्ति हेतु दावा तय करने के लिए अपनाई गई अंक गणना प्रणाली के बारे में जानकारी देते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि एक रिक्ति को आवंटित करने का निर्णय एक शिक्षक द्वारा 250 अंकों में से अर्जित अंकों के कुल संयुक्त अंकों के आधार पर होगा। सबसे अधिक अंक अर्जित करने वाला शिक्षक किसी विशेष रिक्ति पर तबादले का हकदार होगा।सेवा की अवधी किसी पद के लिए शिक्षकों के दावे को तय करने के लिए मुख्य कारक होगी क्योंकि इसमें 95 अंकों का वेटेज होगा। विभिन्न क्षेत्रों में सेवा अंक या पंजाब शिक्षा विभाग में सेवा की कुल अवधि के अलावा आयु कारक को भी इस तरह से माना जाएगा कि 48 वर्ष की आयु पूरी करने वाले शिक्षक को 1 अंक मिलेगा, 49 वर्ष को 2 अंक मिलेंगे और इसी तरह अधिकतम 10 अंक शिक्षक की आयु को देखते हुए दिए जाएंगे।हालांकि, महिलाओं, विधवाओं, विधुरों, विकलांग व्यक्तियों, गंभीर बीमारियों वाले व्यक्तियों और अच्छा प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों जैसी श्रेणियों का ख्याल रखने के लिए इन श्रेणियों के शिक्षकों द्वारा अधिकतम 50 अंकों का विशेष लाभ उठाया जा सकता है।उन्होंने कहा कि नियुक्ति वाले स्कूल की ग्रेडिंग, शिक्षकों की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट आदि जैसे अन्य क्षेत्रों के साथ-साथ पिछले पांच वर्षों के परिणामों / रिपोर्टों के औसत पर भी विचार किया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि यदि शिक्षक के बच्चे सरकारी स्कूल में पढ़ते हैं तो उसे और 15 अंक दिए जाएंगे।उन्होंने कहा कि मेटरनिटी और चाईल्ड केयर अवकाश को छोडकऱ शैक्षणिक वर्ष के दौरान किसी भी प्रकार की 3 महीने से अधिक की छुट्टी लेने वाले शिक्षक नई तबादला नीति के तहत नैगेटिव प्वाइट्स के हकदार होंगे। इसके अलावा यदि दो शिक्षक 6 दशमलव स्थानों तक समान अंक प्राप्त करते हैं और यदि उनमें से एक महिला है, तो महिला को वरीयता मिलेगी। ऐसे मामले में जहां दोनों एक ही लिंग के हैं तो सेवा में वरिष्ठ अध्यापक को प्राथमिकता मिलेगी।तबादले की मांग करने के लिए किसी विशेष स्कूल में कार्यकाल की न्यूनतम अवधि दो वर्ष होगी। नवनियुक्त अध्यापकों के लिए किसी एक स्कूल में न्यूनतम कार्यकाल तीन साल होगा या फिर परखकाल जो भी पहले खत्म होता हो। वर्ष के दौरान प्राप्त किए गए तबादलों की मांग करने वाले आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा। आपसी तबादले के लिए अनुरोध केवल आम तबादलों के समय इस शर्त पर किया जाएगा कि तबादला चाहने वाले दोनों कर्मचारियों ने 250 में से 125 से अधिक अंक प्राप्त किए हों। हालांकि, प्रशासनिक अनिवार्यता (यानी, प्रतिकूल पीटीआर और अनुशासनात्मक मामले) में विभाग छात्रों के अध्ययन के हित में किसी भी स्टेशन पर किसी भी शिक्षक को पोस्ट करने के लिए स्वतंत्रत होगा।तबादला नीति से छूट प्राप्त शिक्षकों की श्रेणी के बारे में जानकारी देते हुए मंत्री ने कहा कि यह नीति उन कर्मचारियों के मामले में लागू नहीं होगी जो कैंसर के मरीज हैं/डायलिसिस पर / 60 प्रतिशत और इससे अधिक विकलांग / हेपेटाइटिस बी / हेपेटाइटिस सी / सिकल सेल एनीमिया / थैलेसीमिया / तलाक / वह शिक्षक जिनके बच्चे शारीरिक या मानसिक रूप से विकलांग / युद्ध विधवा / शहीद की विधवा / जहां पति/पत्नी की मृत्यु के कारण कार्यरत कर्मचारी को तुरंत दूसरी जगह स्थानांतरित करना आवश्यक हो और 15 वर्ष से कम आयु के बच्चे हों या वह शिक्षक जो सशस्त्र बल के कर्मचारी की पत्नी या पति हो जो कठिन क्षेत्रों में तैनात हैं। इन मामलों में ऑनलाइन तबादला अनुरोध प्रस्तुत करने की कोई आवश्यकता नहीं होगी। ऐसे मामलों में योग्यता के आधार पर मुख्यमंत्री की मंजूरी के बाद आदेश जारी किए जाएंगे।शिक्षा मंत्री ने आगे बताया कि नीति में यह भी कहा गया है कि प्रशासनिक आधार पर स्थानांतरित किए गए शिक्षकों को वापस उसी स्कूल में स्थानांतरित नहीं किया जाएगा जहां से उन्हें प्रशासनिक आधार पर स्थानांतरित किया गया था।