व्यापार
विलफुल डिफॉल्टर्स की संख्या 60% बढ़ी, 8582 तक पहुंचा आंकड़ा
सरकारी बैंकों में बीते 5 साल के दौरान विलफुलडिफॉल्टर्स की संख्या 60 फीसदी बढ़कर 8,582 तक पहुंच गई है। सरकार ने लोकसभा में दी गई जानकारी में कहा कि वित्त वर्ष 2014-15 के अंत तक यह आंकड़ा 5,349 था।विलफुल डिफॉल्टर ऐसी एंटिटी या व्यक्ति को कहा जाता है, जिसने पैसा देने में सक्षम होने के बावजूद कर्ज नहीं चुकाया है, वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा, ‘विलफुल डिफॉल्टर्स के खिलाफ व्यापक कार्रवाई की गई है। आरबीआई के दिशानिर्देशों के तहत विलफुल डिफॉल्टर्स को बैंकों या वित्तीय संस्थानों द्वारा कोई अतिरिक्त सुविधा नहीं दी जाती है। उनकी यूनिट को नए वेंचर्स की स्थापना के लिए 5 साल के वास्ते प्रतिबंधित कर दिया जाता है।’ उन्होंने कहा कि बीते 5 वित्त वर्ष के दौरान विलफुल डिफॉल्टर्स के खातों से 7654 करोड़ रुपए की रिकवरी हो चुकी है