पंजाब
राणा केपी सिंह को राष्ट्रीय राजपूत विद्यार्थी सहायता सोसाइटी का मुख्य सरपरस्त नियुक्त किया
विधानसभा स्पीकर ने कहा मेवाड़ केसरी राणा प्रताप किसी धर्म के विरुद्ध नहीं बल्कि अपनी मातृभूमि के लिए लड़े
चंडीगढ़ – पंजाब विधानसभा स्पीकर राणा के.पी सिंह को महाराणा प्रताप होस्टल, सैक्टर -25 में करवाए एक समारोह के दौरान राष्ट्रीय राजपूत विद्यार्थी सहायता सोसाइटी का मुख्य सरपरस्त नियुक्त किया गया। विधानसभा स्पीकर, राष्ट्रीय राजपूत विद्यार्थी सहायता सोसाइटी द्वारा महाराणा प्रताप के जीवन और विरासत सम्बन्धी करवाए एक समारोह में मुख्य मेहमान के तौर पर पहुँचे थे।मेवाड़ के राजा को गरिमापूर्ण श्रद्धाँजलि भेंट करते हुए स्पीकर ने कहा कि मेवाड़ केसरी महाराणा प्रताप कभी किसी धर्म या जाति के विरुद्ध नहीं बल्कि अपनी मातृ-भूमि की रक्षा के लिए लड़े हैं। उन्होंने स्वतंत्रता के सिद्धांतों और स्वाभिमान को दाव पर रखकर कोई समझौता नहीं किया और न ही मुग़ल सेना के आगे कभी घुटने टेके।उन्होंने कहा कि धन की तंगी और सिपाहियों की कमी के बावजूद भी महाराणा प्रताप मुगलों के विरुद्ध डटे रहे।उन्होंने अधिक जानकारी देते हुए कहा कि महाराणा प्रताप और अ$कबर की सेना के बीच लड़ी गई ‘हल्दीघाटी’ की ऐतिहासिक जंग में चाहे महाराणा प्रताप जीत हासिल नहीं कर पाए परन्तु उन्होंने अपने बुलंद हौसले और युद्ध कला से हरेक को हैरान कर दिया था।महाराणा प्रताप को याद करते हुए राणा केपी ने राजपूत समुदाय को महाराणा प्रताप के पदचिन्हों पर चलने और देश की शान के लिए लडऩे के लिए हमेशा तैयार रहने की अपील भी की।समारोह के दौरान राणा केपी सिंह ने 10 लाख रुपए के अनुदान देने की घोषणा की और सोसाइटी की सालाना रिपोर्ट बुक 2017 -18 भी रिलीज की। सोसाइटी के सदस्यों ने स्पीकर को एक मोमैंटो देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर अन्य आदरणीयों के अलावा श्री श्याम सिंह राणा, विधायक हरियाणा, हरियाणा के पूर्व विधायक श्री सतविन्दर सिंह राणा, शारदा राठौड़ और करनी सेना के प्रमुख श्री सूरज पाल अमू भी शामिल थे।