पंजाब
पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग की चेअरपर्सन द्वारा समीक्षा मीटिंग
2016 तक के पैंडिंग मामलों की कार्यवाही 3 महीनों में मुकम्मल करने के लिए डी.जी.पी. पंजाब को हिदायत
चंडीगढ़ – पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग की चेअरपर्सन श्रीमती तेजिन्दर कौर आई.ए.एस. (सेवा मुक्त) द्वारा आज यहां पंजाब भवन में विभिन्न विभागों के साथ सम्बन्धित पैंडिंग मामलों की समीक्षा करने के लिए मीटिंग की गई। मीटिंग के दौरान पंजाब पुलिस के डायरैक्टर जनरल ऑफ पुलिस श्री दिनकर गुप्ता, श्री प्रबोध कुमार आई.पी.एस., श्री बलविन्दर सिंह धालीवाल, श्री भुपिन्दर सिंह आई.ए.एस. मैंबर सैक्ट्री और आयोग के समूह ग़ैर-सरकारी सदस्य उपस्थित थे। मीटिंग के दौरान श्रीमती तेजिन्दर कौर, चेअरपर्सन, पंजाब राज अनुसूचित जाति आयोग द्वारा पुलिस से सम्बन्धित पैंडिंग मामलों संबंधी समीक्षा की गयी और हिदायत की गई कि 2016 तक के एस.सी. /एस.टी. एक्ट से सम्बन्धित मामलों की कार्यवाही अगले 3 महीनों में मुकम्मल कर दी जाये जबकि 2017 तक के मामलों की जांच अगले 6 महीनों में मुकम्मल कर दी जाये और पैंडिंग मामलों की समुची रिपोर्ट भी पुलिस विभाग से तलब की गई है।उन्होंने हिदायत की कि एस.सी. /एस.टी. से सम्बन्धित मामलों की प्रगति संबंधी हर सप्ताह मूल्यांकन किया जाये। इसके अलावा उन्होंने डी.जी.पी. को कहा कि जांच अधिकारियों द्वारा एस.सी. /एस.टी. एक्ट से सम्बन्धित मामलों में कई कमियां अक्सर सामने आती हैं जिसके लिए समूह अधिकारियों को एस.सी. /एस.टी. एक्ट की प्रशिक्षण देने की ज़रूरत है।डी.जी.पी. दिनकर गुप्ता ने आयोग को भरोसा दिया कि आयोग की हिदायतों को यथावत लागू करने के लिए ज़रुरी प्रबंध किये जाएंगे। मीटिंग के दौरान आशीर्वाद स्कीम, पोस्ट -मैट्रिक स्कॉलरशिप स्कीम का भी मूल्यांकन किया गया और सम्बन्धित विभाग के अधिकारियों को हिदायत की कि वह बीते 5 सालों की इन दोनों स्कीमों की रिपोर्ट एक सप्ताह में पेश करें।इस दौरान ग़ैर -सरकारी सदस्य श्री गियान चंद दीवाली द्वारा एस.सी. /एस.टी. लोगों के लिए सरकार की स्कीमों का लाभ लेने के लिए आयकर सीमा 2.50 लाख से जनरल वर्ग के बराबर बड़ा कर 8 लाख करने और किसान कजऱ् माफी की तजऱ् पर एस.सी. /एस.टी. लोगों द्वारा लिए गए कजऱ् माफ करने की सीमा 20 हज़ार से बड़ा कर 1 लाख करने सम्बन्धी 2 प्रस्ताव पेश किये गए जिनको सर्व-सम्मिति से स्वीकृत कर लिया गया।