पंजाब
विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस: पंजाब को फूड सेफ्टी इंडैक्स में ‘सर्टीफिकेट ऑफ अचीवमेंट’ से नवाज़ा गया
हरिमंदिर साहिब स्ट्रीट अमृतसर को राज्य की पहली ‘साफ़ सुथरी फूड हब्ब स्ट्रीट’ किया घोषित
चंडीगढ़ – फूड सेफ्टी के मद्देनजऱ राज्य द्वारा किये प्रयासों को पहचान प्रदान करते हुए भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस के अवसर पर पंजाब को ‘सर्टीफिकेट ऑफ अचीवमेंट’ से सम्मानित किया। यह जानकारी फूड सेफ्टी और ड्रग प्रबंधन पंजाब के कमिश्नर, श्री काहन सिंह पन्नू ने नई दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय से सर्टीफिकेट प्राप्त करने के उपरांत दी।उन्होंने बताया कि पंजाब को यह सर्टीफिकेट 1 अप्रैल, 2018 से 31 मार्च 2019 के दौरान ‘स्टेट फूड सेफ्टी इंडैक्स (एसएफएसआई)’ में फूड सेफ्टी सम्बन्धी विभिन्न मापदण्डों के अनुसार अच्छा प्रदर्शन करने वाले राज्यों में से एक राज्य होने के लिए दिया गया है।पंजाबियों और अमृतसरियों के लिए यह और भी गर्व की बात है क्योंकि भारत सरकार के एफएसएसएआई द्वारा हरिमंदिर साहिब अमृतसर की नज़दीकी स्ट्रीट को राज्य की पहली ‘साफ़ सुथरी फूड हब्ब स्ट्रीट’ घोषित किया गया है।‘साफ़ सुथरी फूड हब्ब स्ट्रीट’ बनाने सम्बन्धी किये प्रयासों बारे अधिक जानकारी देते हुए श्री पन्नू ने कहा कि फूड सेफ्टी एंड ड्रग प्रबंधन पंजाब द्वारा हरिमंदिर साहिब अमृतसर के नज़दीक स्थित इस फूड स्ट्रीट को साफ़ सुथरी फूड हब्ब स्ट्रीट के अवार्ड के लिए सुझाया गया था। देशभर और विदेशों से हर रोज़ लाखों श्रद्धालू हरिमंदिर साहिब आते हैं इसलिए यह माना गया कि इस फूड स्ट्रीट में खाद्य वस्तुएँ बेचने वालों को सफ़ाई के मापदण्डों सम्बन्धी जागरूक करने की ज़रूरत है।इसके बाद मौजूदा साल के मार्च महीने के दौरान फूड सेफ्टी जागरूकता और प्रशिक्षण संस्था (फसाटो) और जिला प्रशासन की तरफ से प्रारंभिक सर्वेक्षण करवाया गया और इस स्ट्रीट को लोगों की और ज्यादा आमद के कारण चुना गया। फिर फूड और ड्रग प्रबंधन पंजाब की तरफ से डी.एन.वी. जीएल और फसाटो के साथ मिलकर एक प्री-ऑडिट भी करवाया गया।इस प्री-ऑडिट के दौरान कई कमीयां पईं गई। निष्कर्ष के तौर पर इन कमीयों को दूर करने और ज़रुरी सुधार लाने हेतु ‘फसाटो’ ने स्ट्रीट के दुकानदारों को विशेष ध्यान से प्रशिक्षण दिया। बाद में इसको क्लीन फूड स्ट्रीट हब्ब घोषित करने सम्बन्धी एफ.एस.एस.ए.आई और डी.एन.वी. जीएल की तरफ से साझे रूप में फूड सेफ्टी और स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा निर्धारित किये गए सफ़ाई मापदण्डों पर आधारित आखिरी मुल्यांकन करवाया गया। फूड कमिश्नर पंजाब को पेश हुई फ़ाईनल ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार यह सिफ़ारिश की गई कि हरिमंदिर साहिब की नज़दीकी फूड स्ट्रीट सफ़ाई और अपेक्षित स्वच्छता के लिए निर्धारित किये 85 फीसद मापदण्डों पर खरी उतरती है और इसलिए इसको ‘क्लीन स्ट्रीट फूड हब्ब’ घोषित किया जाता है। श्री पन्नू ने बताया कि इस तरह एफ.एस.एस.ए.आई ने हरिमंदिर साहिब की नज़दीकी फूड स्ट्रीट को पंजाब की पहली ‘क्लीन स्ट्रीट फूड हब्ब’ घोषित किया।दरबार साहिब से जलियांवाला बाग़ की तरफ जाती इस फूड स्ट्रीट में 25 के करीब खाद्य वस्तुएँ बेचने वाले हैं जिनमें अमृतसरी कुलचा, समोसा, चाट, खोया कुल्फ़ी और अन्य पंजाबी भोजन वाले ढाबे शामिल हैं।पंजाब फूड सेफ्टी टीम को बधाई देते हुए श्री पन्नू ने मिल-जुलकर कार्य करने वाली सारी टीम का धन्यवाद भी किया। उन्होंने कहा कि लोगों की अच्छी सेहत और भलाई ही हमारा मुख्य लक्ष्य है। राज्य में बढिय़ा और उत्तम दर्जे के खाद्य पदार्थ उपलब्ध करवाने के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जायेगी। उन्होंने कहा कि यह पंजाब की पहली ‘क्लीन स्ट्रीट फूड हब्ब’ है परन्तु हम राज्यभर में ऐसी और क्लीन स्ट्रीट फूड हब्बज़ तैयार करेंगे।इस प्रशिक्षण सम्बन्धी सारा ख़र्च श्रीमती रमीता मेहता देयोल, मैनेजिंग डायरैक्टर, नैक्टर फूड ग्रुप, यूके की तरफ से किया गया। ‘क्लीन स्ट्रीट फूड हब्ब’ घोषित किए जाने के अवसर पर श्रीमती रमीता मेहता दयोल ने कहा कि जब यह प्रस्ताव मेरे पास आया तो मैं इसका हिस्सा बनने के लिए उत्सुक थी। आज हम पंजाब की पहली ‘क्लीन स्ट्रीट फूड हब्ब’ बनाने की उपलब्धि हासिल कर ली है। इसलिए मैं फूड कमिश्नर पंजाब और उनकी टीम का धन्यवाद करती हूँ और भविष्य में राज्य में ऐसी और स्ट्रीट्स बनाने के लिए हमारी तरफ से सहयोग दिया जायेगा।
फूड सेफ्टी जागरूकता और प्रशिक्षण संस्था (फसाटो), रजिस्टर्ड प्रशिक्षण और हाईजीन रेटिंग पार्टनर ने प्रशिक्षण और इंप्लीमैंटेशन का काम किया।