पंजाब

कैप्टन अमरिन्दर सिंह द्वारा धान के सीजन के दौरान किसानों को आठ घंटे और गर्मियों के दौरान बाकी खपतकारों को 24 घंटे बिजली की सप्लाई देने का भरोसा

Posted on

बिजली की माँग से निपटने के लिए बिजली कंपनियों के प्रबंधों का जायज़ा
चंडीगढ़ – पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने 13 जून से धान के शुरू हो रहे सीजन के दौरान किसानों को रोज़मर्रा की आठ घंटे बिजली सप्लाई मुहैया कराने का भरोसा दिया है और इसके साथ ही उन्होंने खपतकारों की अन्य सभी श्रेणियों को भी 24 घंटे बिजली सप्लाई देने का वायदा किया है।गर्मी और धान के सीजन के दौरान बिजली सप्लाई संबंधी पॉवर कंपनियाँ पी.एस.पी.सी.एल. और पी.एस.टी.सी.एल के प्रबंधों सम्बन्धी एक मीटिंग के दौरान जायज़ा लेते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार मानक बिजली सप्लाई मुहैया कराने के लिए वचनबद्ध है। इसके अलावा कृषि के लिए 100 प्रतिशत लागत सब्सिडी और खपतकारों की विभिन्न श्रेणियों के लिए मुफ़्त बिजली देने के लिए भी दृढ़ है।मीटिंग के दौरान 14,000 मेगावॉट की माँग से निपटने के लिए किये गए प्रबंधों संबंधी बिजली कंपनियों ने मुख्यमंत्री को जानकारी दी। हालाँकि पंजाब स्टेट पॉवर कॉर्पोरेशन लिमिटड द्वारा 13,500 मेगावॉट की माँग की संभावना जताई गई है।मुख्यमंत्री ने गर्मियों के दौरान 24 घंटे और धान के सीजन के दौरान राज्य के सभी इलाकों में बिजली सप्लाई यकीनी बनाने के लिए पी.एस.पी.सी.एल. और पी.एस.टी.सी.एल. को निर्देश दिए हैं।बिजली कंपनियों के अधिकारियों ने मीटिंग के दौरान बताया कि बाँधों में पानी का स्तर बढिय़ा है जो पी.एस.पी.सी.एल. के अपने हाइडल प्लांटों के साथ-साथ बी.बी.एम.बी. के प्लांटों के द्वारा हाईड्रो उत्पादन के लिए मददगार होगा। सभी थर्मल प्लांटों पर कोयले का भी पर्याप्त स्टॉक है। लहरा मोहब्बत में 32 दिन, रोपड़ में 48 दिन, राजपुरा में 25 दिन, तलवंडी में 14 दिन और गोइन्दवाल साहिब में 22 दिन का स्टॉक पड़ा हुआ है। खुद के हाईड्रो से 1000 मेगावॉट, खुद के थर्मल से 1760 मेगावॉट, बी.बी.एम.बी. समेत सैंट्रल सैक्टर से 8580 मेगावॉट, पंजाब में आई.पी.पी. से 3370 मेगावॉट, एन.आर.एस.ई. स्रोतों से 800 मेगावॉट धान के सीजन के लिए बैंकिंग प्रबंधों से 2570 मेगावॉट बिजली का प्रबंध किया गया है।प्रवक्ता ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2018-19 के दौरान पंजाब के 34,52,600 खपतकारों को 8855 करोड़ रुपए का लाभ दिया गया है। वर्ष 2019-20 के दौरान 37,40,348 खपतकारों को 9674 करोड़ रुपए की सब्सिडी दी जायेगी। एस.सी., ग़ैर-ऐस.सी. बी.पी.एल. और बी.सी. घरेलू खपतकारों को 200 यूनिट प्रति महीना मुफ़्त बिजली मुहैया कराई जा रही है। यह बिजली यूनिटों की खपत संख्या की किसी भी शर्त के बिना मुहैया कराई जा रही है, जो कि 21 लाख रुपए से अधिक की है। स्वतंत्रता संग्रामियों को प्रति महीना 300 यूनिट मुफ़्त बिजली दी जा रही है। राज्य में कृषि के लिए 14 लाख खपतकारों को मुफ़्त बिजली दी जा रही है।पंजाब सरकार 1,44,000 उद्योगों को सब्सिडी वाली बिजली मुहैया करा रही है। तकरीबन 1,05,000 छोटे बिजली खपतकारों से प्रति यूनिट 4.99 रुपए की दर से वसूले जा रहे हैं। इसके अलावा 30,000 मध्यमवर्गीय और 9000 बड़े सप्लाई खपतकारों को पाँच रुपए प्रति यूनिट के हिसाब से रियायती बिजली दी जा रही है।

Click to comment

Most Popular

Copyright © 2018 www.dinkarnews.com. All Rights Reserved Designed by TEJ iNFO