पंजाब
राज्य की सभी कृषि ज़मीनों के पोषक तत्वों के नक्शे तैयार
चंडीगढ़ – भूमि स्वास्थ्य प्रबंधन की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए पंजाब सरकार द्वारा अपने प्रमुख प्रोग्राम मिशन तंदुरूस्त पंजाब के अंतर्गत राज्य की सभी कृषि ज़मीनों के पोषक तत्वों के नक्शे तैयार किये गए हैं।इस बारे जानकारी देते हुए मिशन डायरैक्टर, तंदुरुस्त पंजाब मिशन स. के.एस. पन्नू ने बताया कि ज़मीन के पोषक तत्वों के यह नक्शे मिट्टी की पौष्टिकता और फ़सल की पैदावार में सुधार करने और रासायनिक खादों का संयम से प्रयोग के उद्देश्य के साथ तैयार किये गए हैं। अधिक जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि कृषि और किसान कल्याण विभाग के अधिकारियों द्वारा भूमि स्वास्थ्य कार्ड स्कीम के अंतर्गत 12581 गाँवों में से मिट्टी के तकरीबन 17 लाख नमूने लिए गए और 20 लाख भूमि स्वास्थ्य कार्ड तैयार किये गए हैं। इसके बाद इस डेटा का प्रयोग जी.पी.एस. के साथ करके ज़मीन के पोषक तत्वों के नक्शे तैयार किये गए। स. पन्नू ने बताया कि ब्लॉक अनुसार ज़मीन के पोषक तत्वों के नक्शे तैयार करने और राज्य के 150 ब्लॉकों के 12581 गाँवों में यह नक्शे लगाने के लिए मुहिम चलाई गई है। उन्होंने बताया कि इन नक्शों के द्वारा ज़मीन के 8 पोषक तत्व जैसे कि आर्गेनिक कार्बन, फॉसफोरस, पोटाश, सल्फर, सॉइल पी.एच, जि़ंक, आयरन और मैग्नीज़ की मात्रा दिखाई गई है। इन नक्शों में ज़मीन के 8 पोषक तत्वों की उपलब्धता अलग-अलग रंगों के साथ दिखाई गई है, जिसमें लाल रंग तत्व की कमी और हरा रंग तत्व की ज़मीन में बहुतायत को दिखाता है, जबकि पीला रंग ज़मीन का पोषक स्तर सामान्य होने का प्रतीक है।मिशन डायरैक्टर ने बताया कि हरेक ब्लॉक के लिए ज़मीन के पोषक तत्वों के यह नक्शे तैयार करके गाँवों में सार्वजनिक स्थानों जैसे कि सहकारी सभाओं, पंचायत घरों और गुरूद्वारों के नज़दीक लगाए जा रहे हैं जिससे अधिक से अधिक लोग इनका लाभ उठा सकें। उन्होंने बताया कि तंदुरुस्त पंजाब मिशन का लक्ष्य है कि धान की बिजाई से पहले पहले यह नक्शे समूचे गाँवों में लगाए जाएँ। उन्होंने कहा कि यह देखा गया है कि रासायनिक खादों की बिना सिफारिश, ज़रूरत से ज़्यादा प्रयोग से ज़मीन के पोषक तत्वों और फ़सल की पैदावार पर बुरा प्रभाव पडऩे के साथ साथ किसानों की आय पर भी बुरा प्रभाव पड़ा है। स. पन्नू ने आशा जताई कि इस कदम और इससे सम्बन्धित शुरु की गई जागरूकता मुहिम के सकारात्मक नतीजे सामने आएंगे। और अधिक जानकारी साझा करते हुए स. पन्नू ने बताया कि राज्य भर में से लिए गए नमूनों में से 1,09,244 में जि़ंक, 99,978 में सल्फर, 1,10,632 में आयरन और 4,55,592 में मैग्नीज़ की कमी पाई गई है। उन्होंने बताया कि सहकारी सभाओं को पोटाश की कमी वाले क्षेत्रों में एन.पी.के. और एम.ओ.पी. और जि़ंक और सल्फर की कमी वाले क्षेत्रों में क्रमवार जि़ंक स्लफेट और जिप्सम की उचित स्पलाई के प्रबंध करने के निर्देश दिए गए हैं जिससे किसानों को समय पर इनकी स्पलाई की जा सके।