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इमरान को न बुलाना भारत की मजबूरी शाह महमूद कुरैशी
लोकसभा चुनाव 2019 में जीत हासिल करने वाले नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में इस बार पाकिस्तान को आमंत्रित नहीं किया गया है। इसके लिए पाकिस्तान ने बड़ी चालाकी से सफाई दी और भारत के सिर ही ठीकरा फोड़ते हुए कहा कि वहां की आंतरिक राजनीति मोदी को ऐसा करने से रोक रही है।पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा, ‘पाक विरोधी कार्ड पर ही नरेंद्र मोदी ने चुनाव जीता और अब उनके लिए तुरंत पाक को आमंत्रित करना अपनी बात से मुकरना होगा जो संभव नहीं इसलिए ही उन्होंने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान को न्योता नहीं भेजा है। विदेश मंत्री कुरैशी ने कहा नरेंद्र मोदी ने पाक विरोधी कार्ड पर राष्ट्रवाद का दावा करते हुए चुनाव लड़ा। उन्होंने आगे कहा कि इसलिए ही मोदी को तुरंत अपने बात से मुकरना संभव नहीं क्योंकि विपक्ष से उनकी निंदा और आलोचना शुरू हो जाएगी। कुरैशी ने इसके लिए उदाहरण देते हुए कहा कि पेंडुलम को एक ओर जाने के बाद दोबारा आने में समय लगता है।कुरैशी ने आगे कहा कि इमरान ने मोदी को फोन कर जीत की बधाई दी इसमें कुछ नया नहीं है। बीते साल जब इमरान खान ने पाकिस्तान में चुनाव जीता था तो मोदी ने भी फोन पर और बाद में एक पत्र के जरिए बधाई दी थी।कुरैशी ने कहा कि शपथग्रहण समारोह में जाना कोई मुद्दा नहीं है, बेहतर है कि कश्मीर, सियाचिन और सर क्रीक जैसे विवादों पर कोई बातचीत आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि अगर मोदी दक्षिण एशिया में विकास चाहते हैं तो उन्हें पाकिस्तान के साथ मिलकर बातचीत से इन मुद्दों का हल निकालना होगा। कुरैशी ने ये भी दावा किया कि अब दुनिया जानती है कि पुलवामा आतंकी हमले में पाकिस्तान का हाथ नहीं था।