भारत
एनडीए के नेता चुने गए नरेंद्र मोदी
लोकसभा चुनाव में शानदार जीत के बाद भाजपा ने नई सरकार के गठन के लिए औपचारिक शुरुआत कर दी. चुनाव आयोग द्वारा राष्ट्रपति को औपचारिक रूप से निर्वाचित सांसदों की सूची सौंपने के बाद प्रक्रिया शुरू हो गई. इसके बाद राष्ट्रपति ने अधिसूचना जारी की और चुनावों में 303 सीटों के साथ जीत दर्ज़ करने वाली पार्टी भाजपा ने अपने संसदीय दल के नेता को चुनने की प्रक्रिया शुरू की. संसद के ऐतिहासिक केंद्रीय कक्ष में भाजपा के निर्वाचित सांसद धीरे-धीरे उपस्थित होने लगे. उत्साह से भरे सांसदों की इंतज़ार की घड़ियां ख़त्म हुईं, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का काफिला संसद भवन पहुंचा. पार्टी अध्यक्ष अमित शाह और भाजपा के वरिष्ठ नेता राजनाथ सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र दामोदर दास मोदी का स्वागत किया. केंद्रीय कक्ष में उपस्थित होते ही सदस्यों का उत्साह बढ़ा और राष्ट्रगीत से सभा की शुरुआत हुई. इसके बाद पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम 17वीं लोकसभा के लिए संसदीय दल के नेता के रूप में प्रस्तावित किया.इसका समर्थन राजनाथ सिंह ने किया और अनुमोदन भाजपा के पूर्व अध्यक्ष रहे और पार्टी के वरिष्ठ नेता नितिन गडकरी ने किया. उपस्थित भाजपा के सदस्यों ने इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने नेता के रूप में चुना और इसके साथ ही भाजपा संसदीय दल के रूप में नेता का चुनाव हुआ. इसके बाद राजग के घटक दलों ने नेता चुनने की प्रक्रिया शुरू की. बीजेपी संसदीय दल की बैठक में नरेंद्र मोदी को नेता चुने जाने के बाद एनडीए ने भी उन्हें प्रधानमंत्री पद के लिए अपना नेता चुन लिया. शिरोमणि अकाली दल के नेता और एनडीए के संयोजक प्रकाश सिंह बादल ने उनके नाम का प्रस्ताव रखा, जिसे शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे और लोक जनशक्ति पार्टी के नेता रामविलान पासवान समेत सभी एनडीए में शामिल सभी राजनीतिक दलों ने मोदी के नाम पर मुहर लगा दी.नेता चयन के बाद अमित शाह ने संसदीय दल की बैठक को संबोधित किया. बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि 2019 के जनादेश में जनता ने तुष्टिकरण की राजनीति करने वाले दलों को नकार कर प्रदर्शन करने वाले लोगों को अपना जनमत दिया है. उन्होंने कहा कि 2014 की चुनाव में जनता ने जो प्रयोग किया वह सफल रहा है.2019 के जनादेश को ऐतिहासिक करार देते हुए बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने उम्मीद जताई की पीएम मोदी के नेतृत्व में देश महाशक्ति बनकर उभरेगा. उन्होंने कहा कि देश की गरीब जनता इस देश में अपनी जगह ढूंढ रही थी, जिसे मोदी जी ने पूरा कर दिखा दिया.
इसी के साथ 17वीं लोकसभा के लिए प्रधानमंत्री पद के लिए चुनाव प्रक्रिया की समाप्ति हो गई. संसद के केंद्रीय कक्ष में प्रधानमंत्री चुनने की प्रक्रिया देश के संकल्प को एक नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ाते हुए एक नई यात्रा की शुरूआत हुई, जिसका साक्षी पूरा देश बना.