पंजाब
मलेरकोटला की घटना बेअदबी नहीं, जांच में शार्ट सर्कट सामने आया
मुख्यमंत्री ने अकालियों की सरकार के मुकाबले केस को तुरंत हल करने के लिए पुलिस की पीठ थपथपाई
मलेरकोटला – पंजाब पुलिस ने बीते दिन मलेरकोटला के गाँव हथोआ के गुरुद्वारा साहिब में घटी घटना को आज पूरी मुस्तैदी और फुर्ती के साथ हल करते हुए खुलासा किया कि गुरुद्वारा साहिब में अचानक आग लग गई थी जिसके उपरांत अपनी नौकरी और कोताही के लिए जि़म्मेदार ठहराए जाने के डर से ग्रंथी सिंह ने झूठी कहानी घड़ दी।यह मामला चण्डीगढ़, लुधियाना और संगरूर की फोरेंसिक माहिर टीमों के ठोस और सांझे प्रत्यनों के कारण हल हुआ जिसमें पंजाब पुलिस द्वारा मुबंयी से गोपाल रेलकर के नेतृत्व में लाई माहिरों की टीम का भी अपेक्षित सहयोग लिया गया।मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने पटियाला रेंज के आई.जी ए.एस. राय और संगरूर के जि़ला पुलिस प्रमुख सन्दीप गर्ग के नेतृत्व अधीन टीमों द्वारा किये गए काम की प्रशंसा की। डी.जी.पी दिनकर गुप्ता इन टीमों द्वारा की जा रही जांच की निगरानी करने के साथ-साथ मौके का लगातार जायज़ा ले रहे थे। कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने रिकार्ड समय में मामला हल करने के लिए पुलिस की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे मामले राज्य में सांप्रदायिक तनाव पैदा कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि अकालियों के राज में बेअदबी का कोई भी मामला हल नहीं हुआ जिन्होंने खासकर साल 2015 में अकाली-भाजपा सरकार को हिला कर रख दिया था।पुलिस विभाग के एक प्रवक्ता ने बताया कि जांच में यह बात सामने आई कि गाँव हथोआ के गुरूद्वारा साहिब के अंदर दीवार पर लगा पंखा गर्म हो जाने के कारण अचानक आग लग गई। पंखे के आसपास लगा पी.वी.सी. का कवर आग की लपेट में आ गया और नारंगी परना जिससे पंखा बंधा हुआ था जो आगे पालकी साहिब के स्तम्भ के साथ बंधा हुआ था, को भी आग लग गई। आग लगने के उपरांत दोनों पंखे और परना फर्श पर बिछाऐ ग़लीचे पर जा गिरे जिससे आग फैलती हुई श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बीड़ को लग गई।प्रवक्ता ने बताया कि जब फोरेंसिक टीमों ने ग्रंथी जोगा सिंह से पूछताछ की और सबूतों संबंधी जानकारी माँगी तो उसने माना कि उसने खुद ही सारी कहानी घड़ी है। उसने जांच टीम को बताया कि उसे डर था कि गाँव वासी उस पर लापरवाही का दोष लगाकर उसे नौकरी से निकाल देंगे जो कि चार सदस्यों वाले उसके परिवार की आमदनी का एकमात्र साधन है। कुछ गर्मख्यालियों द्वारा गुरुद्वारा साहिब में पहुँचने और मौके का लाभ लेने ने भी ग्रंथी सिंह को शक के घेरे में नहीं आने दिया।पुलिस पार्टी, जो कि घटना की ख़बर मिलते ही तुरंत गुरुद्वारा साहिब में पहुँच गई थी, की पूछताछ से डरते हुए ग्रंथी ने लोकल प्रबंधक कमेटी के प्रधान के पास सारी बात मान ली। उसने प्रधान को बताया कि उसने एक आरज़ी पंखा टाँगा था जिसको आग लग गई। उसने पुलिस को आधा जला कपड़ा और पंखे की मोटर भी दिखाई जो कि उसने गुरुद्वारा साहिब में बने अपने घर के पीछे छिपाने की कोशिश की।