पंजाब
मुख्य चुनाव अधिकारी पंजाब द्वारा चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों को आदर्श चुनाव आचार संहिता की हिदायतों की पालना करने की अपील
राजनैतिक पार्टियाँ और उम्मीदवार सुरक्षा बलों की गतिविधियों का प्रयोग चुनाव प्रचार के लिए न करें
चंडीगढ़ – मुख्य चुनाव अधिकारी डा. एस. करुना राजू द्वारा चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों को आदर्श चुनाव आचार संहिता की हिदायतों की पालना करने की अपील की है।डा. राजू ने राजनैतिक पार्टियों और उम्मीदवारों को सलाह देते हुए कहा कि आदर्श चुनाव आचार संहिता के अनुसार चुनाव प्रचार के दौरान उच्च मानक मापदण्डों की पालना ज़रूर की जाये।उन्होंने कहा कि अलग -अलग समय पर जारी हिदायतों के अनुसार कोई भी राजनैतिक पार्टी या उम्मीदवार धार्मिक स्थान का प्रयोग चुनाव सम्बन्धी मनोरथ के लिए नहीं किया जा सकता। धार्मिक स्थानों का दुरुपयोग रोकने सम्बन्धी एक्ट 1988 के नं. 41 ऑफ 1988 के सैक्शन 3,5 और 6 धार्मिक स्थान का प्रयोग चुनाव मनोरथ के लिए करने से रोकने के साथ-साथ इन धार्मिक स्थानों के वित्तीय संस्थाओं का प्रयोग चुनाव मनोरथ के लिए करने से भी रोकता है। इसके अंतर्गत यदि कोई किसी ख़ास राजनैतिक विचारधारा या गतिविधि के प्रसार के लिए धार्मिक स्थान के वित्तीय संस्थाओं का प्रयोग करता है तो पाँच साल कैद समेत जुर्माना हो सकता है।डा. राजू ने कहा कि वोट हासिल करने के लिए जाति या सांप्रदायिक भावनाओं पर आधारित अपील करने की मनाही है इसके अलावा बैर नीति के अंतर्गत आपसी भाईचारे को नुक्सान पहुँचाने के लिए उकसाउ और भडक़ाउ बयानबाज़ी नहीं करनी चाहिए, भद्दी शब्दावली का प्रयोग नहीं करना चाहिए, राजनैतिक विरोधियों के निजी जीवन और व्यवहार सम्बन्धी टिप्पणियाँ या पोस्टर बैनरों के द्वारा प्रचार नहीं करना चाहिए, हीन भावना के अंतर्गत विभिन्न समुदायों में आपसी नफऱत पैदा करनी, विभिन्न राजनैतिक पार्टियाँ, जाति, धर्म, समुदायों और अन्य के आधार पर फूट डालने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। इसके अलावा भाषा, जातियों, धर्मों और अन्य राजनैतिक पार्टियों संबंधी ऐसी टिप्पणियाँ नहीं करनी चाहिए जिससे स्थिति तनावपूर्ण बने। विरोधी राजनैतिक पार्टियों के प्रचार के दौरान दूसरी पार्टी की नीति और प्रोग्रामों एवं अतीत में किये गए कामों सम्बन्धी अपने विचार प्रकट कर सकती हैं परंतु पार्टियाँ और उम्मीदवार किसी भी नेता या पार्टी वर्कर की निजी जि़ंदगी जिसका सम्बन्ध सार्वजनिक गतिविधियों से नहीं है उस संबंधी प्रचार करने से गुरेज़ करें। इसके अलावा राजनैतिक पार्टियाँ और उनके वर्कर एक दूसरे के खि़लाफ़ ऐसे दोष जिनकी पुष्टि न हुई हो, लगाने से गुरेज़ करें।मुख्य चुनाव अधिकारी ने कहा कि भारतीय चुनाव आयोग द्वारा अतीत में सभी राजनैतिक पार्टियों /उम्मीदवारों को किसी भी किस्म के राजनैतिक प्रचार सम्बन्धी गतिविधियों के लिए सुरक्षा बलों का प्रयोग न करने हेतु सलाह जारी की है।उन्होंने कहा कि आयोग द्वारा 9.3.2019 को एक पत्र के द्वारा जनरल अडवाईजऱी की थी, जिसके अनुसार राजनैतिक पार्टियों /उम्मीदवारों द्वारा किसी विज्ञापन में सुरक्षा अधिकारी की फोटो या सुरक्षा अधिकारी सम्बन्धी समारोह की फोटो लगाने से मनाही के साथ ही अब राजनैतिक पार्टियाँ /उम्मीदवार को यह भी सलाह दी है कि वह अपने चुनाव प्रचार या चुनावी मुहिम के दौरान सुरक्षा बलों से सम्बन्धित किसी भी गतिविधि को इस्तेमाल करने से गुरेज़ करें। मुख्य चुनाव अधिकारी ने कहा कि लोक प्रतिनिधि एक्ट 1951 की धारा 123 की मद 3, ए और बी के अनुसार यदि कोई उम्मीदवार या उसका एजेंट या कोई ऐसा व्यक्ति जिसको उम्मीदवार या एजेंट द्वारा मंजूरी दी हो द्वारा किसी को धर्म, नसल, जाति, भाईचारा या भाषा, धार्मिक चिन्ह या राष्ट्रीय चिन्ह जैसे कि राष्ट्रीय झंडा या राष्ट्रीय चिन्ह का प्रयोग किसी के हक में वोट डालने या न डालने के लिए और चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए नहीं किया जा सकता।उन्होंने पंजाब राज्य के समूह रिटर्निंग अफसरों और डिप्टी कमीश्नरों को हिदायत की कि वह उम्मीदवारों को आदर्श चुनव आचार संहिता की हिदायतों सम्बन्धी अवगत करवा दे और यदि कोई आदर्श चुनव आचार संहिता का उल्लंघन करता है तो उसके विरुद्ध तुरंत कार्यवाही अमल में लाई जाये।डा. राजू ने पंजाब राज्य के वोटरों से अपील की कि वह यदि कहीं आदर्श चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन होते हुए देखते हैं तो इस सम्बन्धी सी-विजिल ऐप या हेल्पलाइन नं. 1950 पर शिकायत दजऱ् करवा सकते हैं।