भारत
संयुक्त राष्ट्र में आतंकवाद की फंडिग से जुडे प्रस्ताव के पारित होने का भारत ने किया स्वागत
आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत के प्रयास रंग लाते नज़र आ रहे है…
संयुक्त राष्ठ्र संध में आतंकवाद के खिलाफ अमेरिका द्दारा लाये गये एक
प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया गया है जिसके बाद आतंवाद को वित्तीय समेत किसी
भी प्रकार की मदद करने बाले भी अब कानून के घेरे में लाये जा सकेगें।
आतंकवाद
के खिलाफ लड़ाई में भारत को वैश्विक स्तर पर बड़ी कामयाबी मिली है।
संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा समिति में एक अमेरिकी प्रस्ताव को सर्वसम्मति
से स्वीकार किया गया है जिसमें सभी सदस्य देशों से आग्रह किया गया है कि वे
आतंकियों को मिलने वाली वित्तीय मदद के रास्ते बंद करने के लिये कदम
उठाएं। साथ ही जो देश आतंकवादियों की आर्थिक मदद करते हुए पाए जाएंगे, उनके
खिलाफ संयुक्त राष्ट्र की ओर से कार्रवाई भी की जा सकेगी। भारत ने
प्रस्ताव स्वीकार किए जाने का स्वागत करते हुए इसे आतंकवाद के वित्त पोषण
के अपराधीकरण के लिए प्रमाणिक ढांचा बनाने के वैश्विक प्रयास में ‘‘मील का
पत्थर’’ बताया।
इस प्रस्ताव को स्वीकार किए जाने से पहले भारत ने
पाकिस्तान का नाम लिए बिना उस पर निशाना साधते हए उसे ‘लगातार अपराध करने
वाला’ बताया। ‘आतंकवाद के वित्त पोषण को रोकने और उससे निपटने’ पर सुरक्षा
परिषद की खुली चर्चा में भाग लेते हुए संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी
प्रतिनिधि सैयद अकबरुद्दीन ने कहा कि आतंकवादियों का समर्थन’’ करने वाले
देश अपनी कार्रवाई और निष्क्रियता को उचित ठहराते हुए उन्हें ‘‘पनाह’’ देते
रहेंगे।
भारत ने सुरक्षा परिषद से संयुक्त राष्ट्र द्वारा
प्रतिबंधित आतंकवादियों और संस्थाओं के खिलाफ अहम प्रतिबंधों को सख्ती से
लागू करने का आह्वान भी किया। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय से
आतंकवाद के खिलाफ सख्ती से कदम उठाने को भी कहा ।
गौरतलब है कि
संयुक्त राष्ट्र में जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मौलाना मसूद अजहर को घेरने के
लिए भारत लगातार दवाब बना रहा है। भारत की पहल पर ही अमेरिका, ब्रिटेन और
फ्रांस संयुक्त राष्ट्र में उसपर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव फिर से लेकर
लाए हैं। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में आतंकवाद के मसले पर
पाकिस्तान पर दबाव बढ़ता जा रहा है। अमेरिका और बाकी देश भी पाकिस्तान पर
लगातार दबाव बनाए हुए हैं।