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अनिल अंबानी को हो सकती है तीन महीने की जेल

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कल तक एरिक्सन को 543 करोड़ रुपये नहीं दिए तो अंबानी को जेल

कर्ज से लदी रिलायंस कम्युनिकेशंस की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं। एक ट्राइब्यूनल ने आरकॉम और इसकी एक सब्सिडियरी से कहा है कि वे भारती इंफ्राटेल को 16.43 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी का भुगतान करें। यह रकम 11 मार्केट्स में टावर साइट्स को तय समय से पहले बंद करने के लिए एग्जिट/इनवॉइस चार्जेज की मद में दी जानी है। आरकॉम टेलीकॉम डिपार्टमेंट को 21 करोड़ रुपये के स्पेक्ट्रम पेमेंट पर डिफॉल्ट कर चुकी है। 19 मार्च तक उसे स्वीडन की एरिक्सन को 453 करोड़ रुपये भी देने हैं। अगर उसने एरिक्सन को यह रकम नहीं दी तो उसके चेयरमैन अनिल अंबानी को तीन महीने की जेल हो सकती है। इसके अलावा करीब 46000 करोड़ रुपये के कर्ज से लदी आरकॉम को अप्रैल में 281 करोड़ रुपये का भुगतान भी करना है।

आरकॉम ने ताजा घटनाक्रम से जुड़े सवालों का जवाब नहीं दिया। भारती एयरटेल की लिस्टेड टावर कंपनी भारती इंफ्राटेल ने जो आरोप लगाए हैं, वे आरकॉम और रिलायंस टेलीकॉम के साथ उसके मास्टर सर्विसेज एग्रीमेंट से जुड़े हैं। यह एग्रीमेंट अप्रैल 2010 में हुआ था। इसके तहत मोबाइल सर्विसेज के लिए 11 सर्कलों में पैसिव इंफ्रास्ट्रक्चर सपोर्ट दिया जाना था। पैसिव इंफ्रास्ट्रक्चर के दायरे में टावर, शेल्टर, डीजल जेनसेट, एयर कंडीशनर और सिविल/इलेक्ट्रिक वर्क्स आते हैं।

सुप्रीम कोर्ट के तीन रिटायर्ड जजों की सदस्यता वाले एक आर्बिट्रल ट्राइब्यूनल ने 11 मार्च 2019 को आरकॉम और आरटीएल को निर्देश दिया था कि वे किसी नेशनलाइज्ड बैंक के जरिए चार सप्ताहों के भीतर भारती इंफ्राटेल के पक्ष में बैंक गारंटी दें। ट्राइब्यूनल के अंतरिम आदेश के मुताबिक एग्जिट फी और इनवॉइस चार्जेज की मद में भारती इंफ्राटेल के क्लेम क्रमश: 79 करोड़ रुपये और 22.92 करोड़ रुपये के हैं। हालांकि इस आदेश में आर्बिट्रल ट्राइब्यूनल ने आरकॉम और आरटीएल से कहा है कि वे भारती इंफ्राटेल को एग्जिट फीस के 15 प्रतिशत और इनवॉइस चार्जेज के 20 प्रतिशत के बराबर बैंक गारंटी दें। इस तरह यह रकम कुल 16.43 करोड़ रुपये होती है। उसने आरकॉम/आरटीएल से यह भी कहा है कि बैंक गारंटी भारती इंफ्राटेल के फेवर में ‘तब तक बनी रहेगी, जब तक ट्राइब्यूनल फाइनल अवॉर्ड नहीं दे देता।’

मामले से वाकिफ लोगों ने बताया कि आरकॉम इस अंतरिम आदेश को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दे सकती है। आरकॉम ने इस संबंध में ईटी के सवालों के जवाब नहीं दिए। भारती इंफ्राटेल ने भी ईटी के सवालों पर कमेंट करने से मना कर दिया।

एक अलग केस में आर्बिट्रल ट्राइब्यूनल ने हाल में सिस्टेमा श्याम टेलीसर्विसेज पर भारती इंफ्राटेल के 195 करोड़ रुपये के एग्जिट चार्ज के दावे को खारिज कर दिया था। उसने कहा था कि रूस की सिस्टेमा जेएसएफसी की भारतीय इकाई पर सर्विस कॉन्ट्रैक्ट्स को तय समय से पहले खत्म करने के मामले में कोई देनदारी नहीं बनती क्योंकि उसके मोबाइल लाइसेंस सुप्रीम कोर्ट ने 2जी केस में रद्द किए थे। भारती इंफ्राटेल को अप्रैल के पहले हफ्ते तक देने होंगे 16.43 करोड़ रुपये, कल तक एरिक्सन को 543 करोड़ रुपये नहीं दिए तो अंबानी को हो सकती है जेल।

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