भारत
कांग्रेस का नेतृत्व सिर्फ एक ही परिवार के लिए आरक्षित: जेटली
लोकसभा चुनावों का बिगुल बजने के साथ ही भाजपा, कांग्रेस पर केवल चुनावी
मैदान में ही नहीं बल्कि सोशल मीडिया पर भी हमला कर रही है. पार्टी
अध्यक्ष अमित शाह और वरिष्ठ नेता अरुण जेटली द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म
पर लिखे अपने-अपने ब्लॉगों में विभिन्न विषयों को लेकर कांग्रेस को घेरा,
फिर चाहे वो राजनीति से जुड़ा हो या देश की सुरक्षा से.
वित्त
मंत्री और भाजपा नेता अरुण जेटली ने अपने ब्लॉग में देश के अंदर वंशवादी
राजनीति पर तीखा प्रहार किया है. कांग्रेस पर जमकर हमला बोलते हुए उन्होंने
लिखा, “आजादी से पहले कांग्रेस के अंदर कद्दावर नेताओं की कतार थी. पंडित
नेहरू ने अपनी बेटी को अपने उत्तराधिकारी के रुप में प्रोत्साहित किया.
पीढ़ी दर पीढ़ी कांग्रेस का नेतृत्व सिर्फ एक ही परिवार के सदस्यों के लिए
आरक्षित रहा. कांग्रेस की स्थिति खस्ताहाल है और परिवार के एक नए सदस्य ने
उपस्थिति दर्ज कराई है. ज्यादातर राजनीतिक दल जो 1991 में गठित हुए,
उन्होंने अपने आप को वंशवादी दल के रूप में परिवर्तित किया. उनके पास कोई
संगठित संरचना नहीं थी, कोई संसदीय बोर्ड नहीं था और ना ही निर्णय लेने
वाली कोई संस्था थी.”
जेटली ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 2014
के आम चुनावों में जीत के बहुत से कारण बताते हुए लिखा, “प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी एक बहुत ही साधारण और विनम्र पृष्ठभूमि से आते थे. इस पद तक
पहुंचने के लिए उन्होंने काफी काम और संघर्ष किया और पद को हासिल किया.
ज्यादातर परिवारवादी पार्टियों को हार का मुंह देखना पड़ा. ये सिर्फ पीएम
मोदी की लोकप्रियता के कारण नहीं था. भारत के अदंर आया बदलाव भी इसका एक
बड़ा कारण था. भारत को ये अहसास हुआ कि ये काम जनता के बीच से निकला हुआ
कोई योग्य एवं काबिल व्यक्ति ही कर सकता था. मुझे विश्वास है कि ये ट्रेंड
2019 में भी जारी रहेगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूरा देश साथ मिलकर
वंशवाद की राजनीति को खत्म करेंगे.”
भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने भी
ब्लॉग लिखकर कांग्रेस पर तीखा हमला किया. अमित शाह ने लिखा कि आतंकवाद पर
बयान देने से पहले राहुल गांधी को कांग्रेस का इतिहास देखना चाहिए. आतंकी
सरगना मसूद अजहर को लेकर पाकिस्तान भारी दबाव की स्थिति में है. दुनिया के
तमाम देश और वैश्विक संगठन भारत के साथ खड़े हैं, तब देश के अंदर कांग्रेस
सहित कुछ राजनीतिक दलों द्वारा उठाए जा रहे सवालों से आतंकी सरपरस्तों को
मदद मिल रही है. कांग्रेस 1999 के उस कंधार विमान अपहरण की घटना को आज अपनी
स्तरहीन राजनीति का हथियार बना रही है, राहुल गांधी मोदी सरकार से सवाल
पूछ रही है कि अटल बिहारी वाजपेयी जी की सरकार ने मसूद अजहर को क्यों छोड़
था.
अमित शाह ने साथ ही कांग्रेस द्वारा अपने शासन में आतंकियों को
छोड़ने की घटना का जिक्र करते हुए लिखा कि कंधार विमान अपहरण की घटना से दस
साल पहले देश के तत्कालीन गृहमंत्री मुफ़्ती मोहम्मद सईद की बेटी रूबैया
सईद का कश्मीर के घाटी क्षेत्र में आतंकियों ने अपहरण कर लिया. इसके बदले
उन्होंने 10 आतंकियों को छोड़ने की मांग की थी. कांग्रेस को बताना चाहिए कि
2010 में जब कांग्रेस की सरकार थी, तब 28 मई को 25 दुर्दांत आतंकियों को
क्यों छोड़ा गया?
भाजपा अध्यक्ष ने साथ ही लिखा की कांग्रेस की नीति
हमेशा आतंकवाद, अलगाववाद और नक्सलवाद को लेकर ढुलमुल रही है और अब पीएम
मोदी के नेतृत्व में देश की आंतरिक सुरक्षा में आतंकियों द्वारा सेंध लगा
पाना अब असंभव जैसा हो गया है.