भारत
आतंकवाद और बातचीत साथ-साथ नहीं हो सकता: सुषमा स्वराज
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की पाकिस्तान को खरी-खरी, कहा- शांति
वार्ता चाहता है पाकिस्तान तो पहले आतंकवाद पर कार्रवाई करे, फिर बात करे।
पाकिस्तान अगर वाकई में नया पाकिस्तान है, तो मसूद अज़हर को भारत को
सौंपे।
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने आंतकवाद के मुद्दे पर
पाकिस्तान को खरी-खरी सुनाते हुए कहा है कि अगर पाकिस्तान शांति वार्ता
चाहता है तो उसे अपनी जमीन से पनप रही आतंकवादी गतिविधियों पर लगाम कसना
पड़ेगा। भारत का शुरू से ही रुख साफ रहा है कि आतंकवाद और वार्ता एक साथ
नहीं चल सकती, और भारत अपने रुख पर कायम है।
विदेश मंत्री ने कहा कि
पाकिस्तान की हरकतें उसके झूठ का सुबूत है। पहले वो आतंकियों को पनाह देता
है ताकि वो हमारे यहां हमले करें, और जब भारत जवाबी कार्यवाही करता है तो
पाकिस्तान आतंकियों का पक्ष लेता है। सुषमा स्वराज ने कहा पाकिस्तान की
पुरानी फितरत रही है कि वो आतंकियों को शह देता रहा है, और जब उसके आतंकी
मारे जाते हैं तो उनको अपनाने से भी इन्कार कर देता है, ये बात और है कि हर
बार वो आतंकी उसकी ज़मीन पर ही पाया जाता है।