भारत
मायावती और केजरीवाल ने कांग्रेस के साथ गठबंधन से किया इनकार
चुनाव के लिए सियासी दलों की तैयारियां तेज़ होते ही विपक्ष के
महागठबंधन को लगा झटका, मायावती और केजरीवाल ने कांग्रेस के साथ गठबंधन से
इनकार किया। टीएमसी ने 42 उम्मीदवारों की सूची जारी की।
चुनाव
की तारीखों का ऐलान होते ही राजनीतिक सरगर्मियों के साथ साथ उठा-पटक भी तेज
हो गई है। पश्चिम बंगाल में ममता बेनर्जी को दोहरा झटका लगा जब टीएमसी के
वर्तमान सांसद अनुपम हज़़ारा और एक विधायक दुलाल चंद्र ने कल भाजपा का दामन
थाम लिया । इसके अलावा सीपीएम के एक विधायक खड़गे मुर्मू भी भाजपा में
शामिल हो गये ।
मंगलवार को भाजपा की की संकल्प समिति की एक बार फिर
बैठक हुई। इस बीच बहुजन समाज पार्टी ने आज साफ कर दिया कि वो कांग्रेस के
साथ किसी भी हाल में गठबंधन नहीं करेगी। इधर अरविंद केजरीवाल ने भी कहा है
कि कांग्रेस के साथ आम आदमी पार्टी का गठबंधन नहीं होगा। लोकसभा और कुछ
राज्यों में विधानसभा चुनाव की घोषणा के साथ ही पूरे देश में चुनावी
सरगर्मियां तेज़ हो गई हैं । चुनावों को लेकर भाजपा तैयारियों में जुटी हुई
है । मंगलवार को एक बार फिर पार्टी की संकल्प समिति की बैठक हुई। समिति
के अध्यक्ष के तौर पर राजनाथ सिंह इस समय बैठकों में व्यस्त हैं। मंगलवार
की बैठक में जितेन्द्र सिंह, महेश शर्मा, संतोष गंगवार भूपेंद्र यादव,
मुख्तार अब्बास नक़वी, अर्जुन मुंडा समेत कई नेता शामिल हुए।
चुनावी
घोषणा के साथ ही बंगाल में तृणमूल कांग्रेस को झटका लगा है । उसके वर्तमान
सांसद अनुपम हज़़ारा और एक विधायक दुलाल चन्द्र ने भाजपा का दामन थाम लिया ।
इसके अलावा सीपीएम के एक विधायक खर्गे मुर्मु भी भाजपा में शामिल हो गये।
इस बीच पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को राज्य में
लोकसभा की सभी 42 सीटों के लिए तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवारों की सूची
जारी कर दी । पार्टी ने 10 मौजूदा सांसदों का नाम काट दिया। सूची में 41
प्रतिशत उम्मीदवार महिलाएं हैं।
वहीं चुनावों से पहले कांग्रेस
पार्टी को राज्यों में लगातार झटके लग रहे हैं। गुजरात से विधायकों के
भाजपा में शामिल होने के बाद महाराष्ट्र से भी उसके लिए बुरी खबर है।
महाराष्ट्र में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं विधानसभा में विपक्ष के नेता
राधाकृष्ण विखे पाटील के पुत्र सुजय विखे पाटील मंगलवार को भाजपा में शामिल
हो गए। उधऱ महाराष्ट्र के दलित नेता प्रकाश आंबेडकर ने कांग्रेस-एनसीपी के
गठबंधन को करारा झटका देते हुए प्रदेश की सभी 48 लोकसभा सीटों पर अपने
उम्मीदवार उतारने का फैसला किया है।
विपक्ष को झटका बहुजन समाज
पार्टी प्रमुख मायावती ने भी दिया और कांग्रेस के साथ किसी भी राज्य में
गठबंधन करने से साफ इंकार कर दिया। मायवती ने कहा कि सपा-बसपा गठबंधन भाजपा
को हराने में सक्षम है। वहीं दिल्ली में आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद
केजरीवाल ने भी कहा कि अकेले ही चुनाव लड़ेगें। वहीं बिहार में महागठबंधन
में रार मची हुई है। कांग्रेस ने बिहार में राजद के साथ सीटों का
तालमेल नहीं होने पर कहा कि उनकी पार्टी राज्य में गठबंधन में शामिल अन्य
दलों की “मोहताज” नहीं है। उनके इस बयान पर आरजेडी ने लोकसभा चुनावों में
भाजपा को हराने की कांग्रेस की प्रतिबद्धता पर सवाल खड़े किए।
बात
दक्षिण की करें तो AIADMK ने चुनाव आयोग में शिकायत करते हुए कहा कि
पुडुचेरी मुख्यमंत्री वी नारायणस्वामी ने मुख्यमंत्री राहत कोष से पहले की
तारीख में बैंक चेक का आवंटन जनता के बीच किया है जो कि मॉडल कोड ऑफ
कन्डक्ट का उल्लंघन है। उधर मेघालय में लोकतांत्रिक गठबंधन एम.डी.ए. ने
राज्य की दो लोकसभा सीटों के लिए संयुक्त उम्मीदवार की घोषणा कर दी है।
वहीं
ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने मंगलवार को किसी पार्टी के साथ
गठबंधन की संभावना से इंकार करते हुए कहा कि उनकी पार्टी लोकसभा और
विधानसभा चुनाव में अकेले उतरेगी। कुल मिलाकर सभी राजनैतिक दलों ने अपनी
अपनी चुनावी बिसात के हिसाब से रणनीति को अन्तिम रुप देना शुरु कर दिया है ।