पंजाब
कैप्टन अमरिन्दर सिंह द्वारा चुनाव अभियान में सैनिकों की तस्वीरों के प्रयोग के विरुद्ध चुनाव आयोग के निर्देशों का स्वागत
सशस्त्र सेनाओं के सियासीकरन के विरुद्ध चेतावनी
चंडीगढ़ – भारतीय चुनाव आयोग द्वारा चुनाव प्रचार के दौरान रक्षा सैनिकों से सम्बन्धित तस्वीरों के प्रयोग के विरुद्ध जारी किये दिशा-निर्देशों का स्वागत करते हुये पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने राजनैतिक लाभ कमाने के लिए रक्षा सेनाओं के सियासीकरन का अंत करने का न्योता दिया है।यहाँ से जारी एक बयान में मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सेना के सियासीकरन के द्वारा शोहरत कमानी उतनी ही गलत है, जितनी राजनैतिक लाभ कमाने के लिए रक्षा सेनाओं की तस्वीरें इस्तेमाल करना है। चुनाव आयोग ने शनिवार को देश की सभी राष्ट्रीय और क्षेत्रीय पार्टियों को एडवाइजरी जारी करके कहा था कि अपने चुनाव प्रचार या मुहिम के दौरान इश्तहारों या अन्य किसी भी तरह रक्षा सेनाओं की तस्वीरें या रक्षा सेनाओं की भागीदारी वाले समागमों वाली तस्वीरें छापने से संकोच किया जाये। राजनैतिक पार्टियों को रक्षा सेनाओंं के सियासीकरन की किसी भी कोशिश से दूर रहने की अपील करते हुये कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि यह बहुत अच्छी बात है कि चुनाव आयोग ने नियंत्रण रेखा से पार हाल ही में भारतीय वायु सेना की सर्जीकल स्ट्राईक के मद्देनजऱ राजनैतिक लाभ कमाने के लिए ऐसी फोटो बरतने के शर्मनाक अमल का नोटिस लिया है। मुख्यमंत्री जो स्वयं पूर्व फ़ौजी हैं, ने कहा कि सेना जाति, धर्म और राजनैतिक विचारधाराओंं जैसी तंग विचारों से पर होती है और यदि भारत ने प्रभुसत्ता सम्पन्न देश रहना है तो सेना का मौजूदा स्वरूप बरकरार रखना भी ज़रूरी है। उन्होंने सीमा पर नाजुक स्थिति के मौके पर सेना को जैसे चाहे उसी तरह निपटने के लिए छुट देने की ज़ोरदार वकालत की।कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि सेना के कामकाज में किसी भी तरह की राजनैतिक दखलअन्दाज़ी सुरक्षा और देशऔर यहाँ के लोगों के लिए बहुत घातक है। मुख्यमंत्री ने रक्षा सेनाओं पर राजनैतिक नियंत्रण देश और इसके भविष्य के लिए उतना ही घातक हो सकता है, जितना राजनीति में सेना के दख़ल से हो सकता है। उन्होंने राजनैतिक पार्टियों को यह गलती न करने चेतावनी दी क्योंकि ऐसी भूल ने कई देशों को संकट में डाला है। उन्होंने सचेत करते हुये कहा कि सेना हमारे देश की अहम संस्था है और उनके अथॉरटी को किसी तरह का नुक्सान पहुंचने से हमारे लोगों की सुरक्षा को ख़तरा पैदा हो सकता है।