भारत
प्रधानमंत्री ने जन औषधि केंद्र के संचालकों और इसके लाभार्थियों को किया संबोधित
प्रधानमंत्री मोदी ने पांच हजार जन औषधि केंद्र के संचालकों और इसके लाभार्थियों से वीडियो कांफ्रेंसिंग के ज़रिए बातचीत की
7
मार्च को पहले जन औषधि दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री देश भर के 5000 से
ज्यादा जन औषधि केन्द्रों और इसके लाभार्थियों को संबोधित किया। इस दौरान
इन तमाम जन औषधि केन्द्रों पर लाभार्थी, डॉक्टर सहित आम जनता भी मौजूद थे।
आम
आदमी तक सस्ती और सुलभ दवाईयां मुहईया हो इसके लिए देश भर में
प्रधानमंत्री जन औषधि परियोजना की शुरूआत की गई है। आज देश भर में इन
केन्द्रों का आंकड़ा 5000 के पार पहुंच चुका है।
केन्द्रीय रसायन
एवं उर्वरक राज्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने कहा कि उनके मंत्रालय का लक्ष्य
देश के सभी सभी ब्लॉक तक जन औषधि केन्द्रों की सुविधा को लेकर जाना
है।वर्तमान में 10 से 15 लाख लाभार्थी हर दिन जन औषधि परियोजना का लाभ उठा
रहे हैँ। आंकड़ों के मुताबिक जेनरिक दवाई की भागीदारी बाजार में महज़ 2
प्रतिशत थी लेकिन आज ये आंकड़ा बढ़कर 7 प्रतीशत तक हो गया है। इससे दवाई
के मूल्यों में भी कमी देखी जा रही है। जिसका सीधा लाभ गरीब जनता को हुआ
है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि जनऔषधि परियोजना से
देश भर में लोगों को किफायती दामों पर ज़रूरी दवाईयां तो मिल ही रही हैं,
वे अपनी मेहनत की कमाई के बड़े हिस्से की बचत भी कर पा रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में स्वास्थ्य क्षेत्र को गति और स्वास्थ्य
सेवाओं में बेहतरी के लिए पिछले साढ़े चार वर्षों में देश भर में 15 एम्स
या तो बन गए हैं या बनाए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने
देश भर में 31,000 एमबीबीएस और पोस्ट ग्रेजुएशन सीटों का इजाफ़ा किया है।