भारत
सेना की सफलता पर सवाल उठाने वालों पर सरकार का पलटवार
हमारी वायुसेना का पराक्रम लगातार सुर्खियों में बना है, आज जहां एक तरफ
केंद्रीय वित्त मंत्री ने भारतीय वायु सेना की आतंकियों पर हवाई कार्रवाई
की सराहना की तो केंद्रीय गृह मंत्री ने वायुसेना पर सवाल उठाने वालों को
आड़े हाथों लिया। वहीं, रफाल विमान सौदे से जुड़े दस्तावेज के ग़ायब होने
के मामले में वित्त मंत्री सहित कई भाजपा नेताओं ने कॉंग्रेस को कटघरे में
खड़ा कर दिया।
जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ काफिले पर हुए
आत्मघाती हमले के बाद भारतीय वायु सेना की हवाई कार्रवाई की केंद्रीय
मंत्री अरुण जेटली ने सराहना की है। कुछ दलों की ओर से कार्रवाई की सफलता
पर सवाल उठाने पर करारा पलटवार करते हुए अरुण जेटली ने कहा कि जब देश के
जवान आतंकवाद का सफाया कर रहे हैं तो कुछ लोग छोटे छोटे सवाल उठाकर उनरी
सफलता को कम कर रहे है।
गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने भी कहा है कि जो
लोग वायुसेना के हवाई हमले के बाद सवाल पूछ रहे हैं, उन्हें पता होना
चाहिए कि विमान के पायलट का काम अपने टारगेट को बर्बाद करना है, नुकसान का
आकलन करना नहीं।
उधर रफाल विमान सौदे से जुड़े दस्तावेज रक्षा
मंत्रालय से चोरी होने के मामले में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के
आरोपों पर सरकार और बीजेपी दोनों ने करारा पलटवार किया है। केंद्रीय वित्त
मंत्री अरुण जेटली ने जहां आरोपों को झूठा बताते हुए इसे राष्ट्रीय सुरक्षा
के अहम मसले से ध्यान भटकाने की साजिश बताया है तो वहीं रविशंकर प्रसाद ने
कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष को वायु सेना और कैग पर भरोसा नहीं है, तो क्या
वह पाकिस्तान पर भरोसा करना चाहते हैं ?
सरकार ने कहा कि देश के
सर्वोच्च न्यायालय ने पहले ही अपने फैसले में साफ कर दिया है कि रफाल की
खरीद प्रक्रिया में किसी तरह का अनुचित व्यवहार नहीं हुआ है और कैग को भी
कुछ गलत नहीं मिला है लेकिन कांग्रेस पार्टी झूठे तथ्य पेश कर रही है।
गौरतलब है कि सरकार ने बुधवार को उच्चतम न्यायालय को बताया कि राफेल विमान
सौदे से संबंधित दस्तावेज रक्षा मंत्रालय से चोरी हुए हैं और याचिकाकर्ता
इन दस्तावेजों के आधार पर विमानों की खरीद के खिलाफ याचिकायें रद्द करने के
फैसले पर पुनर्विचार चाहते हैं। सरकार ने कहा कि राफेल सौदे से संबंधित
दस्तावेज सार्वजनिक करने वाले सरकारी गोपनीयता कानून के तहत और न्यायालय की
अवमानना के दोषी हैं।