भारत
केंद्रीय विश्वविद्यालयों में खत्म होगा विभागवार आरक्षण
केंद्रीय विश्वविद्यालयों में विभागवार आरक्षण खत्म होगा। 13 की बजाए
200 प्वॉइंट रोस्टर को लागू करने से जुड़े अध्यादेश को मंजूरी दे दी गई है।
वहीं कैबिनेट की बैठक में सरकार ने चीनी मिलों को बैंक कर्ज पर 2,790
करोड़ रुपये की ब्याज सहायता देने को हरी झंडी देने के साथ दिल्ली मेट्रो
के चौथे चरण की परियोजना के 3 कॉरिडोर को भी मंजूरी दी।
केंद्रीय
कैबिनेट ने आज एक बेहद ही महत्वपूर्ण फैसला लिया शिक्षण संस्थानों में
आरक्षण की व्यवस्था को लेकर। कैबिनेट ने उच्च् शिक्षण संस्थानों में 13
प्वाइंट रोस्टर को पलटकर 200 अंक रोस्टर सिस्टम लागू करने के लिए अध्यादेश
को मंजूरी दे दी। साथ ही केंद्र सरकार ने चीनी मिलों को बैंक कर्ज पर 2,790
करोड़ रुपये की ब्याज सहायता देने को हरी झंडी दे दी है। साथ ही सरकार ने
दिल्ली मेट्रो के चौथे चरण की परियोजना के 3 कॉरिडोर को मंजूरी दे दी है।
इसके अलावा और कौन कौन से रहे कैबिनेट के महत्वपूर्ण फैसले आईए नज़र डालते
हैं।
विश्वविद्यालयों में सामाजिक रुप से कमजोर वर्गों के
प्रतिनिधित्व को और मजबूत करने के लिए एक बडा फैसला लेते हुए केंद्र सरकार
ने 13 प्वॉइंट रोस्टर को पलटकर 200 अंक रोस्टर सिस्टम लागू करने के लिए
अध्यादेश को मंजूरी दे दी है। पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई
केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इसके लिए ‘केंद्रीय शैक्षणिक संस्थान
(शिक्षक कैडर में आरक्षण) अध्यादेश 2019 को मंजूरी दी गयी। इस अध्यादेश
में विभाग या विषय की बजाए विश्वविद्यालय या कालेज को इकाई माना गया है।
अब
एससी, एसटी और ओबीसी को केंद्रीय विश्वविद्यालयों में पुराने सिस्टम के
हिसाब से आरक्षण मिलेगा और शिक्षक कैडर में सीधी भर्ती के तहत 5000 से अधिक
रिक्तियों को भरते समय यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि अनुसूचित जाति,
अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए नियत आरक्षण प्रावधान का पालन
हो सके। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने अपने एक फैसले में आरक्षण रोस्टर का
निर्धारण विश्वविद्यालय को यूनिट मानकर तय करने की बजाय विभाग को यूनिट
मानकर तय करने का निर्देश दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने भी इस फैसले पर मुहर
लगायी थी।
मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने अध्यादेश
को ऐतिहासिक बताते हुए कहा है कि इससे सामाजिक न्याय की लड़ाई और मजबूत
होगी। केंद्र सरकार ने चीनी मिलों को बैंक कर्ज पर 2,790 करोड़ रुपये की
ब्याज सहायता देने को हरी झंडी दे दी है। इससे पहले जून 2018 में भी 1,332
करोड़ रुपये की ब्याज सहायता को मंजूरी दी गयी थी।
कैबिनेट के अन्य
फैसलों की बात करें तो सरकार ने दिल्ली मेट्रो के चौथे चरण की परियोजना के 3
कॉरिडोर को मंजूरी दे दी है। इन तीनों कॉरिडोर की लम्बाई 61.679 किलोमीटर
है। तीनों मेट्रो कॉरिडोर की कुल लागत 24,948.65 करोड़ रुपये होगी। पश्चिम
बंगाल के नारायणगढ़ और ओडिशा के भद्रक के बीच तीसरी रेलवे लाइन के निर्माण
को मंजूरी दे दी है। इससे 37.2 लाख मानव दिवस का रोजगार सृजित होने का
अनुमान है। कैबिनेट ने बिहार के बक्सर और उत्तर प्रदेश के खुर्जा में थर्मल
पावर प्लांट के विकास के लिए मंज़ूरी प्रदान की है। जम्मू-कश्मीर में
मेसर्स चिनाब वैली पावर प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड द्रारा 624 मेगावाट
की कीरू पनबिजली परियोजना के निर्माण के लिए निवेश करने को मंजूरी दे दी
है। सरकार ने संकट में फंसी बिजली परियोजनाओं को लेकर मंत्री समूह की
सिफारिशों को मंजूरी दे दी है । इनमें अल्पावधि के विद्युत खरीद अनुबंधों
के लिये कोयला आपूर्ति सुविधा की मंजूरी भी शामिल है।
कैबिनेट ने
सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी एनएचपीसी को कर्ज में फंसी कंपनी लैंको की
सिक्किम स्थित 500 मेगावाट की तीस्ता जल विद्युत परियोजना का अधिग्रहण करने
की मंजूरी दी है। मंत्रिमंडल ने कपड़ा क्षेत्र को समर्थन देने के लिये
राज्यों और केंद्र द्वारा लगाये जाने वाले करों में छूट की योजना को मंजूरी
दी है। मंत्रिमंडल ने अटल नवाचार मिशन को 2019- 20 तक जारी रखने के लिए
1000 करोड़ रुपए को मंजूरी दे ही है। मुंबई शहरी परिवहन प्रोजेक्ट के तीसरे
फेज को भी हरी झंडी मिल गयी है। इसके साथ ही दिल्ली की अनिधकृत कालोनियों
को अधिकृत करने के तौर तरीकों पर विचार करने के लिए एलजी की अध्यक्षता में
कमेटी का गठन किया गया है जो तीन महीने में रिपोर्ट देगी।