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जैश सरगना मसूद अजहर पर कसा शिकंजा

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पुलवामा आतंकी हमले के शाजिशकर्ता और आतंकी गिरोह जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को वैश्विक आतंकवादी घोषित करने के लिए अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने संयुक्त राष्ट्र में एक नया प्रस्ताव पेश किया है। पंद्रह सदस्यीय सुरक्षा परिषद में वीटो के अधिकार वाले तीन देशों ने बुधवार को यह नया प्रस्ताव पेश किया। तीन देशों की ओर से पेश इस नए प्रस्ताव पर सुरक्षा परिषद प्रतिबंध समिति को 10 कामकाजी दिन में विचार करना होगा।

आतंकवाद के खिलाफ भारत की मुहिम लगातार रंग ला रही है और पाकिस्तान इस मामले में अलग थलग पडता जा रहा है। आतंकवाद के खिलाफ दुनिया भी भारत के रुख से सहमत दिख रही है और यही वजह है कि अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने पाकिस्तान के आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को वैश्विक आतंकवादी घोषित करने के लिए संयुक्त राष्ट्र में एक नया प्रस्ताव पेश किया है। पंद्रह सदस्यीय सुरक्षा परिषद में वीटो के अधिकार वाले तीन देशों ने बुधवार को यह नया प्रस्ताव पेश किया। तीन देशों की ओर से पेश इस नए प्रस्ताव पर सुरक्षा परिषद प्रतिबंध समिति को 10 कामकाजी दिन में विचार करना होगा।

वैश्विक आतंकवादी की सूची में नाम आने से मसूद पर वैश्विक यात्रा प्रतिबंध लग जाएगा । साथ ही उसकी संपत्ति जब्त हो जाएगी। किसी प्रतिबंधित व्यक्ति अथवा संगठन की संपत्ति जब्त करने की सूरत में सभी देशों को उसको मिलने वाले धन पर तथा अन्य आर्थिक सहायता अथवा आर्थिक संसांधनों पर फौरन रोक लगानी होती है। इसी प्रकार से यात्रा प्रतिबंध के तहत सभी देश प्रतिबंधित व्यक्ति को अपने क्षेत्र में प्रवेश देने अथवा वहां से गुजरने देने पर रोक लगाते हैं। मसूद अजहर को वैश्विक आतंकवादी घोषित कराने के लिए पिछले 10 वर्षों में संयुक्त राष्ट्र में यह चौथा ऐसा प्रयास है। भारत ने 2009 में मसूद अजहर पर प्रतिबंध लगाने संबंधी प्रस्ताव पेश किया था। इसके बाद 2016 में भारत ने इस संबंध में पी3 देशों यानी अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस के साथ मिल कर संयुक्त राष्ट्र की 1267 सदस्यीय प्रतिबंध समिति के समक्ष मसूद अजहर पर प्रतिबंध लगाने संबंधी प्रस्ताव पेश किया था।  इसके बाद 2017 में भारत ने पी3 देशों के साथ इसी प्रकार का प्रस्ताव फिर से पेश किया लेकिन सभी मौकों पर वीटो का अधिकार रखने वाले सुरक्षा परिषद के स्थाई सदस्य चीन ने अपने अधिकार का इस्तेमाल करके इसमें अडंगा डाला।

इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उम्मीद जाहिर की है कि भारत और पाकिस्तान के बीच जल्द ही स्थिति में सुधार देखने को मिलेगा। ट्रंप ने हनोई में एक प्रेस कॉन्फ्रेस में कहा कि जल्द ही भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव खत्म होगा।

उधर ऑस्ट्रेलिया ने भारत और पाकिस्तान से संयम बरतने और सैन्य कार्रवाई को आगे नहीं बढ़ाने की दोबारा अपील करते हुए कहा कि तनाव बढ़ना सभी के लिए बेहद खतरनाक है। इस बीच जापान ने पाक से आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा है। जापान के विदेश मंत्री तारो कोनो ने एक बयान में कहा- जापान 14 फरवरी 2019 को पुलवामा में हुए आतंकवादी हमले की कड़े शब्दों में निंदा करता है जिसकी जिम्मेदारी जैश-ए-मोहम्मद ने ली है। जापान ने पाकिस्तान से  आतंकवाद के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई करने को कहा है।

जर्मनी ने भी पाकिस्तान से आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा है। जर्मन विदेश मंत्री हीको मास ने एक बयान में कहा है कि वो ऐसे कदम उठाए ताकि उसकी जमीन से आतंकवादी संगठन किसी गतिविधि को अंजाम नहीं दे सके।

इस बीच विदेश मंत्री सुषमा स्वराज इस्लामिक देशों के विदेश मंत्रियों के सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में विशिष्ट अतिथि के तौर पर शामिल होने के लिए अबू धाबी पहुंच रही हैं। हालांकि पाकिस्तान ने सुषमा स्वराज को आमंत्रण दिए जाने पर आपत्ति जताई थी लेकिन उसकी एक नहीं सुनी गयी। इस बीच भारत की ओर से राजनयिक कोशिशें जारी हैं। विदेश सचिव ने 10 देशों के राजनयिकों के साथ बैठक ही और उन्हें मौजूदा हालात की जानकारी दी। कुल मिलाकर पाकिस्तान को चौतरफा घेरा जा रहा है ताकि इसे हर ओर से मुंह की खानी पडे।

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