भारत
भारत: पायलट अभिनंदन को तत्काल और सुरक्षित वापस करे पाक
भारत ने पाकिस्तान की अकारण आक्रामकता के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया ।
भारतीय वायुसेना के घायल पायलट के साथ किए गए अमानवीय व्यवहार को जिनेवा
संधि का उल्लंघन बताया, पायलट की सकुशल और सुरक्षित वापसी की उम्मीद जतायी,
पुलवामा हमले में जैश-ए-मुहम्मद की भूमिका को लेकर डोज़ियर सौंपा ।
बालाकोट
में आतंकी ठिकानों पर भारत के हवाई हमले के बाद पाकिस्तान ने बुधवार को
भारत के सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने के लिए अपनी वायुसेना का
इस्तेमाल किया, लेकिन भारतीय सेना की सतर्कता के कारण पाकिस्तान की इस
कोशिश को नाकाम कर दिया गया। भारतीय वायुसेना ने हवाई कार्रवाई में
पाकिस्तान के एक एफ-16 विमान को मार गिराया। लेकिन इस हवाई कार्रवाई में
भारत का एक मिग-21 विमान भी क्रैश हो गया। पाकिस्तान ने दावा किया है कि
विमान का भारतीय पायलट उसके कब्जे में है। इसके बाद भारत ने कड़े शब्दों
में कहा है कि भारतीय पायलट की सुरक्षित और सकुशल वापसी होनी चाहिए। साथ ही
विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा है कि भारत कड़ी और निर्णायक कार्रवाई का
अधिकार रखता है।
बालाकोट में जैश ए मोहम्मद के आतंकी शिविरों को
नेस्तानाबूत करने की भारतीय वायुसेना की शानदार कार्रवाई के बाद बौखलाया
पाकिस्तान नापाक हरकतों पर उतर आया है। बुधवार को पाकिस्तान ने भारत के
सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने के लिए अपनी वायुसेना का इस्तेमाल
किया, लेकिन उसके प्रयास को सफलतापूर्वक विफल कर दिया गया। विदेश मंत्रालय
के प्रवक्ता ने एअर वाइस मार्शल आरजीके कपूर के साथ एक संक्षिप्त बयान में
कहा कि इस दौरान हमने एक मिग 21 विमान को खो दिया ।
यह घटनाक्रम
भारतीय वायुसेना द्वारा पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सबसे
बड़े आतंकी शिविर को निशाना बनाए जाने के एक दिन बाद हुआ है । इस घटना के
बाद विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान के उप उच्चायुक्त सैयद हैदर शाह को तलब
करके विरोध जताया है। विदेश मंत्रालय ने आज सुबह पाकिस्तान की ओर से किए गए
भारतीय वायुसीमा के उलंलघन और भारतीय सैन्य ठिकानों को निशाने बनाने जैसी
हरकतों पर कडा विरोध पत्र दिया।
ये दुर्भाग्यपूर्ण है कि
अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं को पूरा करने और अपनी जमीन पर पल रहे
आतंकवादियों और आतंकी संगठनों के खिलाफ विश्वसनीय कार्रवाई करने की बजाए
पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ आक्रामकता दिखायी है । ये साफ बता दिया गया कि
भारत आक्रामक कार्रवाई या सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ अपनी राष्ट्रीय
सुरक्षा , संप्रुभता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा करने के लिए कडी और
निर्णायक कार्रवाई का अधिकार रखता है । पाकिस्तान को ये भी बता दिया गया है
कि वो ये सुनिश्चित करे कि उसकी हिरासत में भारत के किसी सुरक्षा कर्मी को
कोई नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए । भारत उसकी तुरंत और सुरक्षित रिहाई की
उम्मीद करता है ।
भारत ने पाकिस्तान को एक डोजियर भी सौंपा है
जिसमें पुलवामा के हमले में जैश ए मोहम्मद की भूमिका की जानकारी के साथ ही
जैश के आतंकी शिविरों और उनके आकाओं की पाकिस्तान में मौजूदगी को विस्तार
से बताया गया है । उधर शाम होते होते पाकिस्तान का झूठ बेनकाब हो गया ।
पाकिस्तान ने दोपहर में दो पायलटों के पकडने का दावा किया लेकिन शाम होते
होते उसने स्वीकार कर लिया कि उसने एक पायलट को पकडा है ।
इस बीच
केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने नार्थ ब्लॉक में उच्च स्तरीय बैठक की
अध्यक्षता की जिसमें सुरक्षा हालात का जायजा लिया गया । बैठक में
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोवाल के साथ ही , रॉ प्रमुख, आईबी प्रमुख,
गृह सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी बैठक में शामिल हुए । देर शाम सेना
प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की । उधर
केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने ओसामा बिन लादेन को खत्म करने के लिए
2011 में अमेरिका द्वारा पाकिस्तान में चलाए गए अभियान की ओर बुधवार को
इशारा किया और संकेत दिया कि भारत भी ऐसा करने में सक्षम है।
गौरतलब
है कि 14 फरवरी को आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने पुलवामा में सीआरपीएफ
के काफिले पर आत्मघाती हमला किया था जिसमें 40 जवान शहीद हुए थे। इसके बाद
भारत ने 100 घंटे के भीतर कश्मीर मे जैश के कमांडरों को ढेर कर दिया तो
साथ ही पाक को दिया गया सर्वाधिक तरजीही देश का दर्जा वापस ले लिया । इसके
बाद मंगलवार, तड़के भारत ने आतंकवादियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए
बालाकोट स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सबसे बड़े शिविर को तबाह कर
दिया जिसमें बडी संख्या में आतंकवादी और उनके प्रशिक्षक मारे गए। भारत ने
साफ कहा था कि ये पूर्व नियोजित असैन्य हमला था और इसका निशाना केवल
आतंकवादी शिविर थे । हमले के बाद भारतीय सुरक्षा बल पूरी तरह से चौकस हैं
और पाक के किसी भी दुस्साहस का जवाब देने के लिए तैयार भी ।