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पंजाब सरकार द्वारा पाकिस्तान की ओर जाते पानी को रोकने के लिए मकोडा पत्तन पर डैम बनाने के लिए केंद्र से 412 करोड़ रुपए की मांग

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तृप्त बाजवा और सुखबिन्दर सरकारिया द्वारा केंद्रीय मंत्री गडकरी के साथ मीटिंग
नई दिल्ली – पंजाब सरकार ने पाकिस्तान को जा रहे पानी को रोक कर राज्य की सिंचाई ज़रूरतों को पूरा करने के लिए मकोडा पत्तन पर नया डैम बनाने के लिए केंद्र सरकार से 412 करोड़ रुपए की राशि जारी करने की माँग की है। राज्य के ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री श्री तृप्त रजिन्दर सिंह बाजवा और जल संसाधन मंत्री श्री सुखबिन्दर सिंह सरकारिया ने आज केंद्रीय जल संसाधन मंत्री श्री नितिन गडकरी के साथ मुलाकात करके बताया कि रावी और ऊझ दरियाओं के संगम वाले स्थान पर बनाऐ जाने वाले इस डैम से पाकिस्तान को जाने वाले तकरीबन 600 क्यूसिक पानी को सिंचाई के लिए इस्तेमाल किया जा सके। श्री बाजवा और श्री सरकारिया ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि इस डैम से सात किलोमीटर लम्बी नयी नहर निकाल कर यह पानी कलानौर -रमदास नहरी प्रणाली में डाला जायेगा। उन्होंने बताया कि यह नयी सिंचाई प्रणाली बनाने से सरहदी क्षेत्र में पड़ते सिंचाई सुविधा से वंचित तकरीबन एक लाख एकड़ रकबे की सिंचाई की जा सकेगी। इसके अलावा सरहदी क्षेत्र के तकरीबन 100 गाँवों और 6 कस्बों को पीने के लिए साफ़ पानी मुहैया करवाया जा सकेगा।पंजाब के मंत्रियों ने श्री गडकरी को इस प्रोजैक्ट को राष्ट्रीय प्रोजैक्ट के तौर पर तुरंत मंजूरी देकर ज़रुरी फंड मुहैया कराने की अपील की जिससे इस प्रोजैक्ट को जल्द से जल्द मुकम्मल करके पाकिस्तान को बेकार जा रहे दरियाई पानी को रोक कर देश के हित में इस्तेमाल किया जा सके। श्री नितिन गडकरी ने इस प्रस्ताव से सैद्धांतिक सहमति प्रकटाते हुये इस स्कीम की विस्तृत प्रोजैक्ट रिपोर्ट बनाकर भेजने के लिए कहा जिससे इस राष्ट्रीय हित वाले प्रोजैक्ट को अमली जामा पहनाने से पहले इसका सभी पक्षों से तकनीकी निरीक्षण करवाया जा सके।इसके अलावा दोनों कैबिनेट मंत्रियों द्वारा अप्पर बाहरी दुआब नहर को मज़बूत करके इसका सामथ्र्य बढ़ाने के लिए केंद्र द्वारा पहले ही स्वीकृत किये जा चुके प्रोजैक्ट पर केंद्र और राज्य सरकार द्वारा किये जाने वाले ख़र्च लागत पैटर्न को जल्द से जल्द निश्चित करने के लिए भी केंद्रीय मंत्री को कहा गया। उन्होंने बताया कि इस नहर के अंतर्गत आते 5.13 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में से अब केवल 2.76 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल को ही सिंचाई के लिए पानी मुहैया हो रहा है। इस नये प्रोजैक्ट के शुरू होने से इस नहर प्रणाली के सामथ्र्य में होने वाली वृद्धि से बाकी रहते क्षेत्रफल को भी नहरी सिंचाई प्रणाली के अंतर्गत लाया जा सकेगा।श्री बाजवा और श्री सरकारिया ने श्री गडकरी को सडक़ परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा नयी दिल्ली से कटरा तक बनाऐ जाने वाले ऐक्सप्रैस हाईवे को अमृतसर -फतेहगढ़ चूडिय़ां-डेरा बाबा नानक और कलानौर के द्वारा निकालने की भी विनती की। उन्होंने कहा कि इस ऐक्सप्रैस वे को डेरा बाबा नानक में से निकलने से इसको डेरा बाबा नानक -करतारपुर साहिब बनने वाले नये कॉरिडोर के साथ भी जोड़ा जा सकेगा। उन्होंने कहा कि इस कॉरिडोर के इस वर्ष श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व के मौके पर मुकम्मल होने से हर रोज़ दुनिया भर से लाखों श्रद्धालु श्री करतारपुर साहिब के दर्शनों को जाया करेंगे और यह ऐक्सप्रैस वे बनने से श्रद्धालुओं को सुविधा मिलने के साथ-साथ सरहदी क्षेत्र के विकास में अहम भूमिका निभाएगा।श्री गडकरी ने इस प्रस्ताव से सैद्धांतिक तौर पर सहमत होते अपने विभाग के अधिकारियों को हिदायत की कि इस ऐक्सप्रैस-वे की पहली और इस नये प्रस्ताव के खर्च संबंधी तुलनात्मक रिपोर्ट तैयार करके पेश करने के लिए कहा।

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