पंजाब
मुख्यमंत्री ने लुधियाना सी.एल.यू. मामले में मुकम्मल प्रक्रिया अपनाए बिना किसी के विरुद्ध मनमानी कार्यवाही को रद्द किया
चंडीगढ़ – पंजाब विधानसभा के अंदर विरोधी पक्ष द्वारा किये गए हंगामे के दौरान मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने लुधियाना सी.एल.यू. मामले में किसी के भी विरुद्ध मुकम्मल प्रक्रिया अपनाए जाने के बिना मनमाने ढंग से कार्यवाही किये जाने को रद्द करते हुए कहा है कि कानून इस मामले में अपना काम करेगा।आज शून्य काल के दौरान अकाली दल और आम आदमी पार्टी के विधायकों द्वारा यह मामला उठाए जाने के बाद मुख्यमंत्री ने यह स्पष्ट किया कि वह मीडिया रिपोर्टों के आधार पर या विरोधी पक्ष को संतुष्ट करने की ख़ातिर किसी के भी विरुद्ध कोई कार्यवाही नहीं करेंगे। विरोधी पक्ष की तरफ से कैबिनेट मंत्री भारत भूषण आशु को मंत्रीमंडल में से बाहर करने की माँग करने पर बरसते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय निकाय विभाग द्वारा इस मामले में पहले ही जांच की जा रही है और किसी भी कार्यवाही से पहले कसूरवारों की पहचान करने के लिए मुकम्मल प्रक्रिया अपनाई जायेगी। मुख्यमंत्री ने विरोधी पक्ष को कहा कि वह पुख़्ता सबूतों के बिना ही निष्कर्ष पर पहुँच कर न्याय प्रक्रिया को प्रभावित करने का यत्न न करें। विरोधी पक्ष द्वारा राई का पहाड़ बनाने के यत्नों को आड़े हाथों लेते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार की भ्रष्टाचार के विरुद्ध कोई नरमी न इस्तेमाल करने और प्रशासकीय मामलों में दखलअन्दाज़ी न करने की नीति है और वह किसी भी हालत में इस नीति से पीछे नहीं हटेंगे।