पंजाब
ध्वनि प्रदूषण के नियमों का उल्लंघन करने वालों के खि़लाफ़ सख्त कार्यवाही होगी
सिविल और पुलिस प्रशासन को इम्तिहानों के दिनों के दौरान धार्मिक
स्थानों के लाऊड स्पीकरों और मैरिज पैलेसों के डी.जे. पर सख्त निगाह रखने
के लिए कहा
चंडीगढ़ – पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर
सिंह ने आज सदन को भरोसा दिया कि ध्वनि प्रदूषण को रोकने के लिए हर संभव
कदम उठाने के अलावा नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त
कार्यवाही की जायेगी।आप के विधायक अमन अरोड़ा द्वारा आज विधानसभा में लाए
गए ध्यानाकर्षण नोटिस के जवाब में कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि ध्वनि
प्रदूषण से समाज के सभी वर्गों के जीवन ख़ासकर विद्यार्थियों को इम्तिहानों
की तैयारी करने में बहुत ज़्यादा मुश्किल पेश आती है।विद्यार्थियों को
पढ़ाई के लिए सुखद माहौल मुहैया करवाने के लिए अपनी सरकार की वचनबद्धता
प्रकटाते हुए मुख्यमंत्री ने लाऊड स्पीकरों, डी.जे. और अन्य संगीतक यंत्रों
का प्रयोग करके ख़ासकर विद्यार्थियों की परीक्षाओं के दौरान ध्वनि प्रदूषण
के नियमों का उल्लंघन करने वालों के खि़लाफ़ कड़ी कार्यवाही का भरोसा
दिया।इस समस्या के साथ कारगर ढंग से निपटने के लिए उनकी सरकार द्वारा उठाए
कदमों का जि़क्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने भारत सरकार
की तरफ से ध्वनि प्रदूषण (रैगूलेशन एंड कंट्रोल) रूल्ज़, 2000 के अधीन दिए
अधिकारों का प्रयोग करते हुए और पंजाब इंस्ट्रूमैंट्स (कंट्रोल ऑफ नुआइस)
एक्ट, 1956 के उपबंधों के अनुसार लाऊड स्पीकरों और सार्वजनिक अडरैस सिस्टम
आदि के प्रयोग से होने वाले आवाज़/ध्वनि प्रदूषण की रोकथाम संबंधी व्यापक
दिशा-निर्देश दिए गए हैं। कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि इस संबंध में
जि़ला पुलिस, जि़ला प्रशासन, प्रदूषण रोकथाम बोर्ड और स्थानीयनिकाय विभाग
के अधिकारियों को ध्वनि प्रदूषण कंट्रोल संबंधी दिशा-निर्देश लागू करने के
लिए कहा गया है। राज्य सरकार द्वारा डिप्टी कमीशनरों को दिशा -निर्देश जारी
करके हिदायत की गई है कि गुरुद्वारों/मन्दिरों में लाऊड स्पीकरों का
प्रयोग और मैरिज पैलिसों में डी.जे. सिस्टमों के प्रयोग से पैदा होने वाले
ध्वनि प्रदूषण की रोकथाम के लिए भी उचित हुक्म जारी किये जाएँ। इसी तरह
सब-डिविजऩल मैजिस्ट्रेटों को उनके अधीन आती धार्मिक संस्थाओं /मैरिज
पैलैसों में लाऊड स्पीकरों के प्रयोग से पैदा होने वाले ध्वनि प्रदूषण
संबंधी जागरूकता पैदा करने के लिए तहसील स्तर, ब्लॉक स्तर, गाँव स्तर पर
गुरूद्वारे /मन्दिरों और मैरिज पैलैसों के मालिकों के साथ मीटिंगें करने के
लिए हिदायतें जारी की गई हैं और इसके साथ यह भी यकीनी बनाने के लिए कहा है
कि लाऊड स्पीकरों के प्रयोग करने के लिए ऐसी विधि बनाई जाये जिससे ध्वनि
निर्धारित मापदण्डों से अधिक न हो। पंजाब प्रदूषण रोकथाम बोर्ड ने अपने
पत्र नंबर 39819-40/39793-95 /39797-818 तारीख़ 7 अक्तूबर, 2011, पत्र नंबर
39909-30 तारीख़ 30 अक्तूबर, 2015 और पत्र नंबर 3422-24 तारीख़ 1 फरवरी,
2018 के द्वारा राज्य के सभी डिप्टी कमीश्नरों, पुलिस कमीश्नरों और सीनियर
पुलिस कप्तानों को विनती की है कि विद्यार्थियों के इम्तिहान के समय को
मद्देनजऱ रखते हुए लाऊड स्पीकरों से पैदा होने वाले ध्वनि प्रदूषण के
विरुद्ध कानून के मुताबिक कार्यवाही की जाये और यह यकीनी बनाया जाये कि
धार्मिक स्थानों और मैरिज पैलैसों से होने वाले ध्वनि प्रदूषण निर्धारित
मापदण्डों के अंदर ही सीमित रहे। श्री अकाल तख्त साहिब और शिरोमणि
गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी(एस.जी.पी.सी) ने भी गुरुद्वारा साहिबान के सभी
मैनेजरों को गुरुद्वारा साहिबान के स्पीकरों की आवाज़ गुरूद्वारे के दायरे
अंदर ही रखने के लिए कहा है।