पंजाब

पंजाब के मुख्यमंत्री द्वारा ठेके पर काम कर रहे कर्मचारियों को नियमित करने सम्बन्धी विशेष कानून लाने का ऐलान

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अध्यापकों और बाकी कर्मचारियों की सभी जायज माँगों का जल्द हल का भरोसा
चंडीगढ़ – पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने बुधवार को ठेके वाले कर्मचारियों को रेगुलर करने के लिए एक विशेष कानून लाने के अलावा अध्यापकों और प्रांतीय सरकार के अन्य कर्मचारियों की लंबे समय से लम्बित माँगों और शिकायतों के निपटारे के लिए और कदम उठाने का ऐलान किया। मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों को उनकी जायज माँगों के जल्द हल करने का भरोसा दिया, जिनको पूरा करने में राज्य की वित्तीय हालत ठीक न होने के कारण देरी हुई है। उन्होंने कहा कि उनकी समस्याओं संबंधी वह भली भाँति अवगत हैं और इनके हल के लिए सरकार गंभीरता से काम कर रही है। विधानसभा में अपने भाषण के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि साधनों की कमी के कारण कुछ माँगों को पूरा करने में देरी हो रही है और उनकी सरकार की तरफ से कर्मचारियों की मुश्किलों के हल के लिए कई फ़ैसले लिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकार की तरफ से बनाए गए कानून को वापस लेना पड़ा था क्योंकि हाई कोर्ट ने उसे रद्द करने की चेतावनी दी थी, जैसे कि उसने हरियाणा के मामले में किया था। उन्होंने ठेके वाले कर्मचारियों को रेगुलर करने के लिए विशेष कानून के फ़ैसले का ऐलान किया। कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने यह भी ऐलान किया कि कर्मचारियों को 6 प्रतिशत महँगाई भत्ता देने के लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिया है और उनकी सरकार ने सभी सरकारी वोकेशनल /प्रोफेशनल कॉलेजों में सरकारी कर्मचारियों (ग्रुप सी और डी) के बच्चों के लिए दो प्रतिशत सीटें आरक्षित रखी गई हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐंप्लॉयज़ कोऑपरेटिव ग्रुप हाउसिंग सोसाइटीज़ के लिए डिवैल्पमैंट अथॉरिटीज़, इम्पू्रवमैंट ट्रस्टज़ और म्यूंसिपल कौंसलज़ को ज़मीन आरक्षित कीमत पर अलॉट करने का फ़ैसला किया गया है। उन्होंने ऐलान किया कि 40 कर्मचारियों के लिए एक एकड़ ज़मीन अलॉट करने के लिए इस अपेक्षित योजना संबंधी सरकार द्वारा नोटिफिकेशन जारी किया जायेगा। उन्होंने आगे बताया कि डिवैल्लपमैंट अथॉरिटीज़, म्युंसिपल कौंसलज़, इम्प्रूवमैंट ट्रस्टज़ या किसी अन्य सरकारी एजेंसी की तरफ से सरकारी कर्मचारियों को रिहायशी प्लॉटों में 3 फ़ीसदी आरक्षण दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि कर्मचारियों के लिए एक और अहम बड़ी राहत के अंतर्गत सरकार द्वारा अपेक्षित योग्यता सेवा में कटौती के द्वारा तरक्की में तेज़ी लाने के लिए नियमों में संशोधन करने के लिए काम किया जा रहा है।
यदि अपेक्षित योग्यता सेवा दो साल या कम हो तो कोई कटौती नहीं
यदि अपेक्षित योग्यता सेवा दो साल से अधिक परन्तु पाँच साल से कम हो तो एक साल की कटौती की जायेगी
यदि अपेक्षित योग्यता सेवा सात साल या इससे अधिक हो तो दो साल की कटौती होगी
यदि अपेक्षित योग्यता सेवा दस साल या अधिक हो तो तीन साल की कटौती होगी
संबंधित विभागों द्वारा इस सम्बन्धी अपने सेवा नियमों में संशोधन किया जाएगा।
कर्मचारियों की माँगों के हल में नाकाम रहने और उनके कल्याण के लिए कोई कदम न उठाने के लिए पिछली शिरोमणी अकाली दल -भाजपा सरकार की आलोचना करते हुए मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों की जायज़ माँगों के जल्दी हल को यकीनी बनाने के प्रति वचनबद्धता दोहराई।

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