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पाकिस्तान में अमेरिका और तालिबान की वार्ता रद, अफगान सरकार ने दिया ये तर्क

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इस्लामाबाद-पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अमेरिका और अफगान तालिबान के बीच सोमवार को होने वाली वार्ता रद कर दी गई। तालिबान ने आरोप लगाया कि अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र की ओर से लगाए गए प्रतिबंधों के कारण उसके कई वार्ताकार पाकिस्तान की यात्रा नहीं कर सके। तालिबान के प्रवक्ता जबीउल्ला मुजाहिद ने पिछले हफ्ते इस वार्ता का एलान किया था।वार्ता के बाद तालिबान के प्रतिनिधिमंडल को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान से भी मिलना था। तालिबान ने कहा है, ‘इस्लामिक अमीरात ने हमारे प्रतिनिधियों की भागीदारी की व्यवस्था की थी, लेकिन दुर्भाग्य से वार्ता टीम के कई सदस्य अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र की काली सूची के चलते यात्रा नहीं कर पाए। इसके चलते वार्ता स्थगित कर दी गई।’सुरक्षा अधिकारियों का हालांकि कहना है कि तालिबान के कई सदस्य अब भी प्रतिबंधों के दायरे में हैं, लेकिन वार्ता रद होने की सिर्फ यही एक वजह नहीं है। इस वार्ता को लेकर अफगानिस्तान की नाखुशी और सऊदी क्राउन प्रिंस मुहम्मद बिन सलमान के पाकिस्तान दौरे में हुई एक दिन की देरी भी इसकी वजह हैं।अफगानिस्तान में 17 साल से जारी संघर्ष समाप्त करने के प्रयास में अमेरिका और तालिबान के बीच शांति वार्ता चल रही है। इस कवायद में दोनों पक्षों में अगले दौर की शांति वार्ता दोहा में 25 फरवरी को प्रस्तावित है। पिछले माह भी दोहा में कई दौर की वार्ता हुई थी।तालिबान के प्रतिनिधिमंडल को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान से भी मुलाकात करना था। इस मुलाकात में पाकिस्तान और अफगान संबंधों पर व्यापक रूप से चर्चा की जानी थी। बता दें कि अफगानिस्तान के करीब आधे हिस्से पर तालिबान का नियंत्रण है। यह आतंकी संगठन 2001 में अमेरिका के हमले के बाद से ज्यादा मजबूत हुआ है। युद्ध प्रभावित इस देश में अमेरिका के करीब 14 हजार सैनिक तैनात हैं।

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