पंजाब
सरकारी मैडीकल कॉलेजों में टीचिंग फेकल्टी के सीधे कोटे के 153 पद भरने की मंत्रीमंडल द्वारा स्वीकृति
चण्डीगढ़ – राज्य की स्वास्थ्य प्रणाली को मज़बूत बनाने की ओरएक बड़ा कदम उठाते हुए कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व में पंजाब मंत्रीमंडल ने सरकारी मैडीकल कॉलेजों अमृतसर और पटियाला में सीधे कोटे के 153 खाली पड़े पदों को भरने की मंजूरी दे दी है जिनमें 42 प्रोफैसर, 46 एसोसिएट प्रोफैसर और 65 असिस्टेंट प्रोफेसर के पद शामिल हैं ।ये पद पी.जी.आई.एम.ई.आर., चण्डीगढ़ के पूर्व डायरैक्टर डा. के.के. तलवाड़ के नेतृत्व वाली समिति द्वारा भरे जाएंगे । एक सरकारी प्रवक्ता के अनुसार इनको पंजाब पब्लिक सर्विस कमिशन के घेरे में से बाहर निकाल कर पंजाब मैडीकल ऐजूकेशन (ग्रुप ए) सर्विस रूल्ज, 2016 के अधीन भरा जायेगा ।सरकारी प्रवक्ता के अनुसार जो चयन समिति 22 अप्रैल, 2016 को स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा के सलाहकार डा. के.के. तलवाड़ के नेतृत्व में गठित की गई थी, उसे अब 22 अप्रैल, 2019 से अगले और तीन साल के लिए लगातार बने रहने की आज्ञा दी गई है ।इस समिति के सदस्यों की संख्या बढ़ाई गई है । इससे पहले बाबा फऱीद यूनिवर्सिटी ऑफ हैल्थ साईंसिज़ फरीदकोट के वाईस चांसलर, सचिव चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान, डायरैक्टर पी.जी.आई.एम.ई.आर. या उनके नुमायंदे, डायरैक्टर टाटा मेमोरियल हस्पताल, मुम्बई या उनके नुमायंदे (सिफऱ् कैंसर से सम्बन्धित इलाज के माहिर) और एम्ज़ /पी.जी.आई.एम.ई.आर. /टी.एम.सी. जैसी संस्थाओं के सम्बन्धित विषय के दो मैंबर समिति में शामिल थे । इसके अलावा डायरैक्टर अनुसांधान एंव चिकित्सा शिक्षा, पंजाब इस समिति के मैंबर सचिव थे । अब इस समिति में कल्याण विभाग पंजाब का एक नुमायंदा मैंबर के तौर पर शामिल किया गया है । इससे समिति के सदस्यों की संख्या आठ हो गई है ।डा. के. के. तलवाड़ समिति, के समूचे स्टाफ की संख्या का जायज़ा लिया गया और इसका पुनर्गठन करने का प्रस्ताव किया गया । सीधे कोटे के प्रस्तावित सुपर-स्पैशेलिटी विभागों में कुल 46 पद सृजित किए गए । दोनों अस्पतालों में एम.बी.बी.एस. की सीटों और दोनों अस्पतालों में बिस्तरों की संख्या की वृद्धि बारे भी विचार किया गया। नतीजे के तौर पर चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग को तलवाड़ समिति द्वारा 153 पद भरने की आज्ञा दी गई ।समिति ने यह भी सिफारिश की कि ये सभी पद एक बार में न भरे जाने की सूरत में चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग को यह आज्ञा दी जाये कि वह ये पद भरे जाने तक बार-बार प्रयास करे । समिति ने आगे यह भी सिफारिश की कि भविष्य में सेवामुक्ति के कारण खाली होने वाले पदों को वित्त विभाग और ऑफिसर्ज समिति की स्वीकृति के लिए पहुँच किये बिना भरने की आज्ञा दी जाये ।