पंजाब
नैबक्राफ्ट मेला- प्रदर्शनी सह मेला – दिनांक 17-19 फरवरी, 2019
चंडीगढ़ – नाबार्ड, एक शीर्ष विकास वित्तीय संस्थान होने के नाते, सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में नए स्केलेबल सामाजिक और आर्थिक उद्यमों को डिजाइन करने और स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है. नाबार्ड ने बैंकों, राज्य सरकार के विभागों, गैर सरकारी संगठनों, स्वैच्छिक एजेंसियों और अन्य संगठनों सहित कई चैनल पार्टनरों के साथ मिल कर स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) – बैंक लिंकेज कार्यक्रम, किसान क्लब, संयुक्त देयता समूहों, किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ), के माध्यम से प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और कृषि एवं गैर कृषि गतिविधियों के लिए ग्रामीण आजीविका, वित्तीय समावेशन, सामाजिक सुरक्षा, आदि जैसे प्रमोशनल और विकासात्मक कार्यक्रमों के कार्यान्वयन में भागीदारी की है.नाबार्ड के पास पंजाब में अब तक 42,000 एसएचजी और 91 एफपीओ क्लस्टर मोड में हैं, इसके अतिरिक्त ग्रामीण कारीगर हैं, नाबार्ड क्षमता निर्माण और कौशल विकास पहल के माध्यम से इनकी आय बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है. नाबार्ड ग्रामीण कारीगर, एसएचजी सदस्यों और अन्य के लिए आय और रोजगार सृजन हेतु विभिन्न कौशल विकास / अपग्रेडेशन और प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए सहायता प्रदान करता है. इन उद्यमियों के सामने आने वाली विभिन्न चुनौतियों में से मार्केटिंग एक प्रमुख चुनौती है. नाबार्ड ग्रामीण मार्ट के माध्यम से और विभिन्न राज्यों में आयोजित की जाने वाली विभिन्न प्रदर्शनियों / मेलों में उन्हें प्रतिनियुक्त कर मार्केटिंग में उन्हें सहायता प्रदान कर रहा है. उन्हें एक मार्किट प्लेटफार्म प्रदान करने के लिए, नाबार्ड पंजाब क्षेत्रीय कार्यालय चंडीगढ़ द्वारा किसान भवन, सेक्टर -35 चंडीगढ़ में दिनांक 17-19 फरवरी, 2019 तक नैबक्राफ्ट मेला- प्रदर्शनी सह मेला आयोजित किया जा रहा है. नाबार्ड द्वारा मार्केटिंग पार्टनर के रूप में मार्कफेड के सहयोग से यह मेला आयोजित किया जा रहा है.नैबक्राफ्ट मेले का उद्घाटन श्री वी. पी. सिंह बदनोर, माननीय राज्यपाल, पंजाब और प्रशासक यूटी चंडीगढ़ द्वारा दिनांक 17 फरवरी, 2019 को किसान भवन, सेक्टर -35 चंडीगढ़ किया गया. मेले में, पंजाब, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, ओडिशा, मध्य प्रदेश, बिहार, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और महाराष्ट्र जैसे कई अन्य राज्यों के ग्रामीण कारीगरों, एसएचजी और एफपीओ ने उनके विभिन्न उत्पादों के प्रदर्शन के लिए 60 स्टॉल लगाए हैं. माननीय राज्यपाल ने नैबक्राफ्ट मेले का उद्घाटन कर सभी स्टालों को देखा और विभिन्न मेला प्रतिभागियों के साथ बातचीत की. उन्होंने विभिन्न उत्पादों की सराहना की और कारीगरों को प्रोत्साहित किया. उन्होंने नाबार्ड द्वारा मेले के आयोजन की पहल की सराहना की और इस बात पर जोर दिया कि कारीगरों और एसएचजी की आजीविका को बनाए रखने और उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए, निरंतर मार्किट सहयोग और इस तरह की प्रदर्शनियां और मेलों का आयोजन करने की आवश्यकता है.श्री जे.पी.एस. बिंद्रा, नाबार्ड पंजाब क्षेत्रीय कार्यालय के मुख्य महाप्रबंधक, ने ग्रामीण कारीगरों, एसएचजी और एफपीओ को नाबार्ड द्वारा दी जा रही विभिन्न वित्तीय एवं अन्य सहायताओं के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि पहली बार नाबार्ड द्वारा कारीगरों और एफपीओ के उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए विशेष मेले का आयोजन किया गया है. उन्होंने बताया कि नैबक्राफ्ट मेला दिनांक 17 से 19 फरवरी 2019 तक आयोजित किया गया है और यह मेला इन तीन दिनों में प्रात: 10.30 से रात 8 बजे तक पब्लिक के लिए खुला रहेगा. उन्होंने कहा कि नैबक्राफ्ट मेले में ग्रामीण कारीगरों, एसएचजी और एफपीओ को अपने उत्पादों की प्रदर्शनी से मार्केटिंग के अवसर के साथ – साथ नेटवर्किंग के लिए प्लेटफॉर्म भी मिलेगा.मेले में प्रदर्शित किए जा रहे विभिन्न उत्पादों में वुडन इनले आइटम, वुडन आर्ट वर्क, ओडिशा का ढोकरा हैंडीक्राफ्ट, ट्राइबल ज्वेलरी, वुड कार्विंग, अंगोरा शॉल, चमड़े का काम, सफेद धातु की मीनाकारी वर्क-प्लेट्स / मध्यप्रदेश के बर्तन, घर की सजावटी वस्तुएं, हस्तनिर्मित एप्लीक वर्क, कॉयर वर्क, हैंडलूम साड़ी, हाथ से बनी वॉल हैंगिंग, हस्तनिर्मित ऊनी कपड़े जैसे मफलर, कैप, स्टॉल, लाहौली मोजे, कुल्लवी शॉल, हस्तकला मक्रम डोरी सजावटी सामान, पंजाब से फुलकारी, पंजाबी जुत्ती, ट्वीड और जूट जैकेटस, जूट बैग, जूट आइटमस, आर्गेनिक उत्पाद और उपर्युक्त राज्यों से विभिन्न अन्य आइटम भी शामिल हैं.