संसार
पाकिस्तान पर बढ़ा अंतरराष्ट्रीय दवाब
पुलवामा हमले के बाद पाकिस्तान पर बढ़ा अंतरराष्ट्रीय दवाब। अफगानिस्तान
ने की संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से शिकायत। कहा, पाकिस्तान सरकार
बिना अफगानिस्तान को शामिल किए तालिबान प्रतिनिधियों के साथ कर रही है
बातचीत। अपने 27 रिलोव्यूशनरी गार्ड्स की मौत के मामले में ईरान के विदेश
मंत्रालय ने पाकिस्तान के राजदूत को किया तलब।
पुलवामा आतंकी हमले
के बाद पाकिस्तान चौतरफा आलोचनाओं से घिर गया है। अमेरिका की कड़ी चेतावनी
के बाद पाकिस्तान को एक और बड़ा झटका लगा है। अफगानिस्तान ने संयुक्त
राष्ट्र सुरक्षा परिषद से अपील की है कि पाकिस्तान सरकार बिना अफगानिस्तान
को शामिल किए तालिबान प्रतिनिधियों से उच्च स्तरीय बैठक कर रही है। इन
तालिबान प्रतिनिधियों पर संयुक्त राष्ट्र की तरफ से रोक लगी हुई है और इस
तरह की बातचीत अफगानिस्तान की सुरक्षा और स्थिरता के लिए खतरा है। साथ ही
उसने कहा कि सुरक्षा परिषद पाकिस्तान को अपनी ज़मीन पर पलने वाले आतंकवादी
और चरमपंथी गुटों पर सख्त कार्रवाई करने को कहे।
इस बीच ईरान के
विदेश मंत्रालय ने कल पाकिस्तान के राजदूत को तलब किया। दरअसल, तेहरान ने
अपने सुरक्षा बलों पर हुए एक आत्मघाती हमले के पीछे मौजूद एक जिहादी संगठन
को पनाह देने का इस्लामाबाद पर आरोप लगाते हुए यह कदम उठाया है। मंत्रालय
ने हमले को अंजाम देने वालों की पहचान करने और उन्हें गिरफ्तार करने के लिए
शीघ्रता से आवश्यक कदम उठाने की अपील की। दक्षिण-पूर्वी
सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत में हाल ही में एक आत्मघाती हमले में
रिवोल्यूशनरी गार्ड के 27 सदस्य मारे गये थे।