पंजाब
उद्योगों का पुर्नोद्धार करने के लिए एकमुश्त निपटारा नीति अहम- सुंदर शाम अरोड़ा
पी.एस.आई.डी.सी. और पी.एफ.सी. को एकमुश्त नीति -2018 के अंतर्गत 44 करोड़ रुपए के प्रस्ताव हासिल हुये
चंडीगढ़ – पंजाब सरकार द्वारा उद्योगों का पुर्नोद्धार करने के लिए बनाई गई एकमुश्त निपटारा नीति बेहद अहम् कदम है, जिससे राज्य में उद्योगों के पुर्नोद्धार के लिए उपयुक्त माहौल बनेगा। यह प्रगटावा पंजाब के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री श्री सुन्दर शाम अरोड़ा ने आज यहां विभिन्न कर्जदारों के साथ की गई मुलाकात के बाद किया।श्री अरोड़ा ने बताया कि यह नीति रुके हुये औद्योगिक निवेश को और एसैटस को जारी करने में सहायता करेगी जिससे इनके उचित प्रयोग से पंजाब के मौजूदा उद्योगों का पुर्नोद्धार किया जा सके। उन्होंने बताया कि इस नीति से इन दोनों निगमों की मुकद्मेबाज़ी घटाने और इन विकास गतिविधियों के लिए राजस्व जुटाने में भी मदद मिलेगी।श्री अरोड़ा ने बताया कि पंजाब सरकार द्वारा 06 दिसंबर, 2018 को पंजाब स्टेट इंडस्ट्रियल डिवेलपमैंट निगम लिमटिड (पी.एस.आई.डी.सी.) और पंजाब वित्तीय निगम (पी.एफ.सी.) की कजऱ्दार कंपनियों के लिए उदारवादी एकमुश्त नीति-2018 का ऐलान किया गया है जोकि 90 दिन भाव 05 मार्च, 2019 तक प्रमाणिक है। उन्होंने बताया कि पी.एस.आई.डी.सी. और पी.एफ.सी. को अबतक लगभग 44 करोड़ रुपए के 37 प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं।श्री अरोड़ा ने आगे बताया कि पी.एस.आई.डी.सी. और पी.एफ.सी. के कर्जदारों ने पंजाब सरकार की उदारवादी एकमुश्त नीति -2018 में और ज्यादा रुचि दिखाई है। उन्होंने बताया कि इस नीति की मियाद 05 मार्च, 2019 तक है। उन्होंने बताया कि पी.एस.आई.डी.सी और पी.एफ.सी दोनों को एकमुश्त नीति -2018 के अंतर्गत आने वाले दिनों में सकारात्मक समर्थन की आशा है।इस मौके पर उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती विनी महाजन, और एम.डी /पी.एफ.सी. स. डी. पी. एस. खरबन्दा भी उपस्थित थे।