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धूप की तपिश के फायदे, शरीर के कई रोग हो जाएंगे दूर

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रोज इतनी देर सेंकेंगे धूप तो शरीर के कई रोग हो जाएंगे दूर

अग्नि (ऊष्मा) का मुख्य सोर्स होने के कारण सूर्य की रोशनी ठंड से सिकुड़े शरीर को गर्माहट देती है, जिससे शरीर के भीतर की ठंडक और पित्त की कमी दूर होती है। आयुर्वेद में सनबाथ को ‘आतप सेवन’ नाम से जाना जाता है। विटामिन डी शरीर में हड्डी की मजबूती के लिए अहम है। इस विटामिन का जरूरी नेचरल सोर्स सूर्य की रोशनी ही है। शरीर में उचित मात्रा में विटामिन डी मौजूद होने पर ही शरीर कैल्शियम का अवशोषण कर पाता है।

सूरज की रोशनी में ऐसे चमत्कारी गुण होते हैं, जिनके कारण शरीर पर विभिन्न प्रकार के इन्फेक्शंस के असर की आशंका कम हो जाती है। इससे शरीर की इम्यूनिटी मजबूत होती है। धूप के सेवन से शरीर में WBC का पर्याप्त निर्माण होता है जो रोग पैदा करने वाले कारकों से लड़ने का काम करते हैं।

सूरज की किरणों से शरीर को कैंसर से लड़ने वाले तत्व मिलते हैं। इससे कैंसर का खतरा टलता है तो जिन्हें कैंसर है उन्हें भी लाभ होता है।आयुर्वेद के अनुसार, शरीर में पाचन का कार्य जठराग्नि द्वारा किया जाता है, जिसका मुख्य स्रोत सूर्य है। दोपहर (12 बजे के आसपास) में सूर्य अपने चरम पर होता है और उस समय तुलनात्मक रूप से जठराग्नि भी ज्यादा सक्रिय होती है। इसलिए कहा जाता है कि इस समय लिया गया भोजन अच्छी तरह से पचता है।

आपको अच्छा महसूस कराने वाले हॉर्मोन सेरेटॉनिन और एंडोर्फिन का धूप के असर से शरीर में पर्याप्त स्राव होता है, जोकि डिप्रेशन, सीजनल अफेक्टिव डिसऑर्डर, साइकॉलजिकल-इमोशनल हेल्थ और बॉडी क्लॉक-रिद्म के संतुलन में फायदेमंद है।

धूप सेंकने से नींद नहीं आने की समस्या दूर होती है क्योंकि धूप का सीधा असर हमारे पीनियल ग्लैंड पर होता है। यह ग्लैंड शरीर में मेलाटोनिन नामक हॉर्मोन बनाता है। एक ऐसा पावरफुल एंटी-ऑक्सीडेंट मेलाटोनिन हमारी नींद की क्वॉलिटी तय करता है और डिप्रेशन को भी दूर रखता है।सुबह की धूप सेंकने से त्वचा संबंधी कई लाभ भी होते हैं। धूप सेंकने से खून साफ होता है और फंगल प्रॉब्लम, एग्जिमा, सोरायसिस और स्किन संबंधी दूसरी कई बीमारियां दूर होती हैं। यह बीपी को कम करने में भी मदद करती है।
कितनी देर हो धूप से मिलन

धूप का भरपूर लाभ लेने के लिए सप्ताह में कम से कम 3-4 बार सुबह (10:30 से 12 बजे) या ढलती दोपहर (3 से 5 बजे तक) से 20 से 30 मिनट गुनगुनी धूप में बैठना अच्छा माना जाता है। बच्चों में कफ ज्यादा बनता है। ऐसे में उनके लिए सुबह 10 बजे के बाद ही धूप सेवन अच्छा रहता है क्योंकि सुबह में कुछ ठंड ज्यादा रहती है। बुजुर्गों के लिए दोपहर का समय धूप सेंकने के लिए ज्यादा लाभदायक माना जा सकता है।पर्याप्त विटामिन डी के लिए गोरे लोगों को सांवले या काले रंग के लोगों के मुकाबले कम समय धूप सेंकने की ज़रूरत होती है। सामान्य रंग वाले व्यक्ति 30 मिनट, गोरे रंग वाले 15-20 मिनट जबकि सांवले या काले रंग वाले व्यक्ति को 30 मिनट से ज्यादा धूप सेवन करना चाहिए।

कई बार धूप में कम गर्मी हो तो ठंड लग सकती है। ऐसे में जुराब, टोपी आदि उतार कर धूप में बैठें ताकि पूरी धूप लग सके।
जो लोग सूर्य की किरणों या धूप के प्रति ज्यादा सेंसिटिव हैं वे धूप की तरफ मुंह की बजाय पीठ करके बैठ सकते हैं।
जिनके पास एक जगह बैठकर धूप सेंकने का टाइम नहीं है, वे चलते-फिरते अपने कामों को निपटाने के दौरान भी धूप की तपिश का लाभ ले सकते हैं।
धूप में ज्यादा देर बैठना हो तो साथ में पानी लेकर बैठें। बीच में थोड़ा-थोड़ा पानी पीते रहें।

गुनगुनी धूप में तेल मालिश का शरीर को काफी फायदा होता है, लेकिन इसके लिए कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी होता है। जानते हैं:
ज्यादा ठंडी हवा में खुले बदन मालिश न करे, ठंड लग सकती है।
धूप सेंककर और मालिश करके एकदम ठंडे पानी से न नहाएं। इसी तरह नहाकर फौरन धूप में आकर न बैठें, सर्द-गर्म हो सकता है।

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