पंजाब
कैप्टन अमरिन्दर सिंह द्वारा किसान कजऱ् राहत स्कीम के लिए फंडों में वृद्धि
चंडीगढ़ – पंजाब सरकार की किसान कजऱ् राहत स्कीम को उस समय बड़ा प्रोत्साहन मिला जब पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने इसके लिए फंडों के आवंटन में 5500 करोड़ रुपए तक विस्तार कर दिया। मुख्यमंत्री ने इस फ़ैसले का ऐलान आज दोपहर प्रांतीय ग्रामीण विकास बोर्ड की 45वीं मीटिंग की अध्यक्षता करते हुए किया। कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने राज्य भर में संपर्क सडक़ों की मुरम्मत के लिए चल रहे प्रोजेक्टों में तेज़ी लाने के लिए भी मंडी बोर्ड के सचिव को हिदायत जारी की जिससे इनको समय सीमा में मुकम्मल किये जाने को यकीनी बनाया जा सके।मीटिंग सम्बन्धी विस्तृत जानकारी देते हुए एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि किसान खेती कजऱ् फंडों में विस्तार किये जाने से इस स्कीम का और प्रसार करने में मदद मिलेगी और इससे कजऱ्े में दबे और किसानों को इस स्कीम के अधीन लाया जा सकेगा। मुख्यमंत्री ने मीटिंग के दौरान बताया कि उनकी सरकार राज्य के संकट में घिरे किसानों को राहत मुहैया करवाने की अपनी वचनबद्धता में फंडों की कमी नहीं आने देगी। उन्होंने बताया कि उनकी सरकार कजऱ् माफी स्कीम के अधीन भूमि रहित किसानों को भी लाने के लिए पहले ही यत्न कर रही है। मीटिंग के दौरान मंडी बोर्ड के सचिव ने मुख्यमंत्री को बताया कि सडक़ों की मुरम्मत संबंधी एक व्यापक प्रोग्राम तैयार किया गया है। इसके अधीन पहले पड़ाव के दौरान 15000 किलोमीटर सडक़ों की मुरम्मत की जा रही है और यह पड़ाव जून 2019 तक मुकम्मल हो जायेगा। दूसरे पड़ाव के दौरान ग्रामिण संपर्क सडक़ों की मुरम्मत शुरू की जायेगी। इस पड़ाव के दौरान भी 15000 किलोमीटर सडक़ों की मुरम्मत की जायेगी। इसके लिए टैंडर प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है और इस साल फरवरी में कार्य अलॉट कर दिया जायेगा, जो जून 2020 तक मुकम्मल हो जायेगा।
मीटिंग में उपस्थित दूसरों में राजस्व मंत्री सुखबिन्दर सिंह सरकारिया, ग्रामीण विकास मंत्री तृप्त रजिन्दर सिंह बाजवा, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार रवीन ठुकराल, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रमुख सचिव सुरेश कुमार, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव तेजवीर सिंह और अतिरिक्त मुख्य सचिव विकास विसवाजीत खन्ना शामिल थे।