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कैप्टन अमरिन्दर सिंह द्वारा उद्योग को ग़ैर ज़रूरी नोटिस जारी करने के विरुद्ध कर एवं आबकारी विभाग के खि़लाफ़ सख़्त कार्यवाही की चेतावनी

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चंडीगढ़ – पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने उद्योग को किसी भी तरह के ग़ैर ज़रूरी कर अनुमान नोटिस जारी करने के लिए कर एवं आबकारी विभाग के किसी भी अधिकारी के विरुद्ध सख़्त कार्यवाही की चेतावनी दी है। मुख्यमंत्री ने विभाग द्वारा कोई भी ग़ैर ज़रूरी नोटिस जारी न करने को यकीनी बनाने के लिए कर एवं आबकारी कमिशनर को कहा है। उन्होंने कर विभाग को योग्य अथॉरिटी की पहले ली गई मंज़ूरी के साथ जारी किये गए सभी नोटिसों को अपनी पोर्टल सूची में पोस्ट करने के लिए भी निर्देश दिए हैं जिससे उद्योग की संतुष्टी के अनुसार किसी भी गलती को सुधारा जा सके। उन्होंने 2019 -20 के प्रांतीय बजट को अंतिम रूप देने से पहले प्रतिनिधिमंडल के साथ जल्दी ही एक मीटिंग करने के लिए वित्त मंत्री को कहा है जिससे उनके विचारों पर ध्यान दिया जा सके। यह निर्देश मुख्यमंत्री ने उस समय पर जारी किये जब पंजाब प्रदेश व्यापार मंडल का एक प्रतिनिधिमंडल राज्य में उद्योग को आसान बनाने के लिए मुख्यमंत्री का धन्यवाद करने आया। कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने अपनी सरकार द्वारा प्रतिनिधिमंडल को हर सहयोग और समर्थन देने का भरोसा दिलाया। उन्होंने लम्बित पड़े वैट और जी.एस.टी. की उद्योग को पुनर्जिवित की प्रक्रिया को और तेज़ करने के लिए कर एवं आबकारी विभाग को कहा। विचारक अनुमान शुरू करके सभी बकाया टैक्स मुल्यांकन के मामलों का निपटारा करने की प्रतिनिधिमंडल की विनती के सम्बन्ध में कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने इस प्रस्ताव की संभवानाओं का जायज़ा लेने के लिए विभाग को कहा। इलेक्ट्रॉनिक वे बिल बनाने के लिए छूट की सीमा बढ़ाने की माँग पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वह जीएसटी कौंसिल के पास इस मुद्दे को उठाएंगे।प्रांतीय कैटलफीड एक्ट के दायरे में ऑयल फीड को शामिल करने के मुद्दे के सम्बध में कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने इस प्रस्ताव का तुरंत जायज़ा लेने के लिए विभाग को कहा। कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने अपने विशेष प्रमुख सचिव को कहा कि वह 5 रुपए प्रति यूनिट से अधिक बिजली बिल आने के मुद्दे को जाँचें । यह मुद्दा प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के ध्यान में लाया। प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख प्यारे लाल सेठ ने राज्य पर थोपे गए 31000 करोड़ रुपए के अनाज के मुद्दे को सफलतापूर्वक उठाने के लिए मुख्यमंत्री की प्रशंसा की। उन्होंने राज्य में उद्योग को और बढ़ावा देने के लिए मौजूदा लघु इकाईयों को और वित्तीय रियायतें देने के लिए भी मुख्यमंत्री को विनती की। पिछले दो सालों से राज्य में सकारात्मक औद्योगिक माहौल पैदा करने के लिए मुख्यमंत्री की प्रशंसा करते हुए सेठ ने पंजाब को फिर से खुशहाल बनाने के सरकार के यत्नों में हर सहयोग देने का भरोसा दिलाया। मीटिंग के दौरान राज्य में व्यापारियों के जि़ला बोर्ड पुनर्जिवित करने के लिए मुख्यमंत्री को विनती की और इसके साथ ही उन्होंने अमृतसर में समर्पित स्टील यार्ड स्थापित करने के लिए भी विनती की। सरहिन्द में फोकल प्वाइंट स्थापित करने और छोटे व्यापारियों के लिए बीमा स्कीम लागू करने की माँग भी प्रतिनिधिमंडल ने उठाई। कुछ सदस्यों ने उद्योग के पानी से सम्बन्धित मुद्दों के हल के लिए प्रांतीय ग्राउंड वॉटर अथॉरिटी बनाने की भी माँग की।मीटिंग में शिक्षा मंत्री ओ.पी. सोनी, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार रवीन ठुकराल, आबकारी और कर कमिशनर विवेक प्रताप सिंह, मुख्यमंत्री के विशेष प्रमुख सचिव गुरकिरत किरपाल सिंह, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रमुख सचिव श्री गिरीश दयालन के अलावा उद्योग और व्यापारी एसोसिएशनों से सम्बन्धित मैंबर उपस्थित थे।

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