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पंजाब सरकार द्वारा एस.सी. /बी.सी. /बी.पी.एल. परिवारों के लिए बिजली की 3000 यूनिटों की सालाना ऊपरी सीमा ख़त्म करने का फ़ैसला
सब्सिडी के घेरे में वापस 1.17 लाख परिवारों को लाने का उद्देश्य, कुल 17.76 लाख घरेलू खपतकारों को लाभ मिलेगा
चंडीगढ़ – पंजाब सरकार ने अनुसूचित जाति, पिछड़ीं श्रेणियों और गरीबी रेखा से नीचे वाले परिवारों के लिए बिजली खपत की सालाना ऊपरी सीमा 3000 यूनिट हटाने का फ़ैसला किया है ताकि इन श्रेणियों के सभी घरेलू खपतकार मुफ़्त में प्रति माह 200 यूनिट बिजली प्राप्त करने के योग्य हो सकें । इस फ़ैसले के साथ 1.17 लाख घरेलू खपतकार वापस इस स्कीम के अधीन आ जाएंगे जो कि ऊपरी सीमा लागू होने के कारण इस घेरे में से बाहर हो गए थे । इससे सरकारी खजाने पर 163 करोड़ रुपए का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा ।प्रवक्ता के अनुसार इस फ़ैसले से इन श्रेणियों के सभी खपतकारों को दो महीने बाद आने वाले बिल के आधार पर केवल 200 यूनिट प्रति माह से अधिक खपत किये यूनिटों के लिए भुगतान करना पड़ेगा । इससे एस.सी. घरेलू खपतकारों, ग़ैर -एस.सी. बी.पी.ऐल. घरेलू खपतकारों, पिछड़ीं श्रेणियों के घरेलू खपतकारों के 17.76 लाख से अधिक परिवारों को लाभ होगा । इस सम्बन्ध में स्वीकृत लोड एक किलो वॉट तक होगा । इससे सरकारी खजाने पर सालाना 1253 करोड़ रुपए का सब्सिडी का बोझ पड़ेगा । मंत्री मंडल ने इस स्कीम के अधीन इनकम टैक्स अदा करने वाले सभी पर प्रति माह 200 यूनिट मुफ़्त बिजली की सुविधा प्राप्त करने पर रोक लगाने का फ़ैसला किया ।