व्यापार
आयकर छूट की सीमा 2.5 लाख से बढ़ाकर 3 लाख रुपए की जा सकती है
चुनावी साल में सरकार अंतरिम बजट पेश करती है लेकिन इस बार पूर्ण बजट की चर्चा
नई
दिल्ली-बजट 2019 / 2.5 लाख से बढ़ाकर 3 लाख रुपए की जा सकती है। आयकर
छूट की सीमा आखिरी बार 2014 में आयकर छूट की लिमिट 2 लाख से बढ़ाकर 2.5 लाख
रु की गई थी। सरकार 1 फरवरी को बजट पेश करेगी। हालांकि, चुनावी साल होने
की वजह से इस बार अंतरिम बजट पेश किया जाएगा। लेकिन, इस बात के भी आसार हैं
कि सरकार पूर्ण बजट पेश कर सकती है।
बजट-2014:- आयकर
छूट की सीमा 2 लाख से बढ़ाकर 2.5 लाख रुपए,80सी के तहत बचत की सीमा 1 लाख
से बढ़ाकर 1.5 लाख, होम लोन पर टैक्स छूट की लिमिट 1.5 लाख से बढ़ाकर 2 लाख
रुपए
बजट-2015:-एनपीएस में निवेश पर अतिरिक्त 50 हजार रुपए पर टैक्स
छूट,सुकन्या समृद्धि योजना के तहत निवेश से मिलने वाला ब्याज टैक्स फ्री
,हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम पर डिडक्शन 15000 से बढ़ाकर 25000 रुपए
बजट-2016:-घर
के किराए पर टैक्स छूट 24000 से बढ़ाकर 60000 रुपए, 5 लाख से कम आय वालों
को टैक्स छूट 2000 से बढ़ाकर 5000 रुपए, घर खरीदारों को 35 लाख तक के लोन
पर अतिरिक्त 50000 रुपए की टैक्स छूट
बजट-2017:-2.5 लाख से 5 लाख रुपए तक की आय पर टैक्स दर 10 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी, 50 लाख से 1 करोड़ रुपए की कमाई पर 10% सरचार्ज
बजट-2018:-40000 का स्टैंडर्ड डिडक्शन देकर 34200 की छूट वापस ली, शेयरों से लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन पर 10% टैक्स लगाया
लोकसभा
चुनाव नजदीक होने की वजह से इस बार लोक लुभावन घोषणाओं की उम्मीद की जा
रही है। आयकर में छूट का दायरा 2.5 लाख रुपए से बढ़ाकर 3 लाख रुपए तक किया
जा सकता है।
4 साल पहले 80सी के तहत छूट का दायरा बढ़ा था।