भारत
डीबीटी से एक लाख करोड़ रुपये से ज़्यादा की बचत
सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार और फर्जीवाड़े को रोकने के लिए मोदी
सरकार ने कई अहम कदम उठाए हैं, जिसका फायदा भी बड़े पैमाने पर दिखने लगा
है. डीबीटी के ज़रिए अब तक 6 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि सीधे आम
लोगों के बैंक खातों में पहुंची है.
डीबीटी के वेब पोर्टल के
मुताबिक 26 जनवरी को दोपहर 12 बजे तक छह लाख पांच हज़ार सात सौ अस्सी
(6,05,780) करोड़ रुपये डायरेक्ट बेनिफिट ट्रान्सफर यानी प्रत्यक्ष लाभ
अंतरण योजना के तहत लोगों को सीधे मिले हैं. इसमें पांच लाख 80 हज़ार
करोड़ से ज्यादा रुपये पिछले साढ़े चार वर्षों में यानी मोदी सरकार के
कार्यकाल में सीधे लोगों के बैंक खातों में आए हैं.
इतना ही नहीं
डीबीटी की वजह से सरकार को एक लाख करोड़ रुपये से ज़्यादा की बचत हुई है.
दरअसल इसके चलते सरकारी पैसे की लूट अब नहीं हो पाती है। डीबीटी के
इस्तेमाल को व्यापक बनाना और इसको विस्तार देना प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी
की सोच और उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति का ही नतीजा है. पहले जहां सरकारी मदद,
सब्सिडी और पेंशन आदि का पैसा अपात्रों के हाथों में चला जाता था, वहीं अब
ये पैसा सीधे जरूरतमंद के हाथों में पहुंचने लगा है। सरकार के मुताबिक साल
2018- 19 के पहले नौ महीनों में यानी अप्रैल से दिसम्बर तक डायरेक्ट
बेनिफिट ट्रान्सफर के ज़रिए करीब 20 हज़ार करोड़ रुपये की बचत हुई है. इस
तरह से इस योजना में कुल बचत 1,09,983 करोड़ रुपये यानी करीब एक लाख 10
हज़ार करोड़ रुपए हो गई है.