पंजाब
पर्यटन विभाग ने 7.90 करोड़ की लागत से छत्तबीड़ की कायाकल्प की
पर्यटक सहूलतों का प्रोजैक्ट पर्यटन क्षेत्र और पंजाब की आय के लिए मज़बूत स्तम्भ होगा साबित-नवजोत सिंह सिद्धू
छत्तबीड़ (चंडीगढ़) – पंजाब में जंगली जीव पर्यटकों की संख्या को बढ़ाने के लिए पंजाब हेरिटेज एंड टूरिज्म परमोशन बोर्ड द्वारा छत्तबीड़ चिडिय़ा घर में पर्यटकों के लिए बढिय़ा सहूलताएं प्रदान करने का बड़ा प्रयास किया है और चिडिय़ा घर की मुकम्मल छवि बदल गई है। इस प्रोजैक्ट की कुल लागत 7.90 करोड़ रुपए है और यह अब आखिरी पड़ाव पर है। यह प्रोजैक्ट 26 जनवरी तक मुकम्मल हो जायेगा और मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह इसका औपचारिक उद्घाटन करेंगे। यह खुलासा पर्यटन और संस्कृतिक मामलों के मंत्री स. नवजोत सिंह सिद्धू ने आज चिडिय़ा घर में इस व्यापक प्रोजैक्ट का जायज़ा लेने के उपरांत पत्रकारों से बातचीत करते हुए किया। इस मौके स. सिद्धू ने मीडिया कर्मियों को साथ लेकर पूरे चिडिय़ा घर का दौरा करके नये प्रोजैक्ट दिखाऐ।स. सिद्धू ने कहा कि पर्यटन एवं संास्कृतिक विभाग द्वारा धार्मिक श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए राज्य में मौजूद 55 विभिन्न ऐतिहासिक, धार्मिक और पर्यटकीय स्थानों की मुकम्मल छवि बदली जा रही है जिसके अंतर्गत जंगली जीव पर्यटकों की सुविधा के लिए चिडिय़ा घर की मुकम्मल कायाकल्प की गई है। 7.90 करोड़ की राशि के साथ चिडिय़ा-घर पर्यटकों के लिए आकर्षण भरपूर बन गया। उन्होंने कहा कि पिछले दो से तीन वर्षों के समय के दौरान चिडिय़ा-घर आने वाले पर्यटकों की संख्या में प्रति वर्ष साढ़े पाँच लाख से बढक़र साढ़े आठ लाख हो गई है जो कि तीन लाख वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि नये प्रोजैक्ट के मुकम्मल होने के उपरांत पर्यटकों की संख्या 10 लाख तक पहुंचने का लक्ष्य है। यह प्रोजैक्ट इंफरास्टरकचर डिवैल्पमैंट इनवेस्टमैंट प्रोग्राम फॉर टूरिज्म के अंतर्गत एशियन डिवैल्पमैंट बैंक की वित्तीय सहायता के साथ शुरू किया गया। एक बार इस प्रोजैक्ट के पूरा होने से यह पंजाब के पर्यटन क्षेत्र की आय में विस्तार करेगा जोकि पंजाब की अर्थ व्यवस्था के लिए मज़बूत स्तम्भ साबित होगा।चिडिय़ा-घर में पर्यटकों को दी जाने वाली सहूलतों संबंधी जानकारी देते हुए स. सिद्धू ने बताया कि जंगली जीवों की संभाल के विषय के साथ प्रवेश द्वार को डिज़ाइन किया गया है और मुख्य गेट के साथ वृक्ष और जानवरों का रेखा-चित्र बनाया गया है। टिकट काउन्टर को कुदरती आसपास को ध्यान में रखते हुए डिज़ाइन किया गया है। चार मल्टीब्रांडों वाले बढिय़ा फूड प्लाज़ा की व्यवस्था की गई है जिसमें बाहर और छत पर बैठने की सुविधा उपलब्ध है। इसके इलावा ‘इंटरपटेशन सैंटर’ बनाया गया है जिसमें एक लॉबी, दो प्रदर्शनी हाल, एक आडियो-विडियो रूम और महिलाओं और मर्दों के लिए साफ़ -सुथरे शौचालय बनाऐ गए हैं।इस प्रोजैक्ट की अन्य विशेषताओं संबंधी बताते हुए स. सिद्धू ने कहा कि उनके विभाग की तरफ से चिडिय़ाघर की अंदरूनी सडक़ों के साथ-साथ विभिन्न स्थानों पर रेन-बसेरे बनाऐ गए हैं इसके साथ ही 3.5 किलोमीटर की लंबाई वाले अंदरूनी फुटपाथ पर इंटरलाक टायलें लगाई गई हैं। सेम के कारण होने वाली पानी की कमी को रोकने के लिए मौजूदा झील को वाटरप्रूफ करके फिर सुरजीत किया गया है। सैंट्रल आइलैंड पर एक पानी का झरना बनाया गया है। चिडिय़ा-घर में जंगल प्रशिक्षण और एडवेंचर स्पोर्टस विषय पर बच्चों के लिए पार्क की सुविधा भी मुहैया करवाई गई है।स. सिद्धू ने इस मौके पर पर्यटन विभाग द्वारा तैयार की गई विशेष बस का भी उद्घाटन किया। इस बस में राज्य के अंदर मौजूद विभिन्न पर्यटन स्थानों की जानकारी, तस्वीरें और वीडियो फिल्में चलेंगी। स. सिद्धू ने कहा कि पंजाब में कहीं भी कोई बड़ा त्योहार, मेला या उत्सव हो जहाँ बड़ी संख्या में लोगों का जलसा होगा, उस जगह यह बस पार्किंग में खड़ी की जाये जिससे पर्यटकोंं को आकर्षित किया जाये। पायलट प्रोजैक्ट के अंतर्गत यह पहली बस ली गई है और भविष्य में दो और ऐसी बसें तैयार की जाएंगी। बस में अलग -अलग धार्मिक और पर्यटनकीय स्थानों की जानकारी संबंधी पुस्तिकें भी रखी गई हैं। यह बस बाहर से भी राज्य की प्रमुख ऐतिहासिक, धार्मिक स्थानों के आकर्षक भरपूर तस्वीरें लगाई गई हैं।स. सिद्धू ने छत्तबीड़ चिडिय़ा-घर प्रशासन की तरफ से स्पांसर राशि के साथ जानवर गोद लेने की स्कीम की तारीफ़ करते हुए मौके पर ही सफ़ेद बाघों के जोड़े को गोद लेने का फ़ैसला किया। सफ़ेद बाघों की जोड़ी ‘अमन’ और ‘दीआ’ को गोद लेने की कीमत प्रति वर्ष कुल 4 लाख रुपए है। इस मौके पर स. सिद्धू ने ऐलान किया कि चिडिय़ा-घर में एक वर्ष के अंदर 5 करोड़ की लागत वाला अत्याधुनिक ‘ऐकुएरीयम’ स्थापित किया जायेगा जिसमें हर किस्म की मछलियां पर्यटकों के देखने के लिए रखी जाएंगी। उन्होंने कहा कि इसको स्थापित करने के लिए वह मुख्यमंत्री जी के साथ निजी तौर पर बात करेंगे।इस मौके पर पर्यटन और संस्कृतिक मामलों के विभाग के प्रमुख सचिव श्री विकास प्रताप, डायरैक्टर श्री मालविन्दर सिंह जगी, प्रमुख मुख्य वनपाल (वन्य जीव) श्री कुलदीप कुमार, मुख्य वनपाल (वन्य जीव) श्री बसंता राज कुमार, छत्तबीड़ चिडिय़ा घर के फील्ड डायरैक्टर डा.एम. सुधागर, रेंज अफ़सर श्री हरपाल सिंह, स. सिद्धू के विशेष कार्य अफ़सर श्री रुपिन्दर सिंह संधू और सलाहकार श्री अंगद सिंह सोही, प्रोजैक्ट कोआरडीनेटर (प्रशासन) श्री एस.पी.सिंह ढींडसा, चीफ़ जनरल मैनेजर श्री योगेश गुप्ता, मुख्य इंजीनियर श्री प्रेम गुप्ता भी उपस्थित थे।