भारत
राज्यसभा में आर्थिक रुप से पिछड़ों के लिए आरक्षण विधेयक पास
सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को 10 प्रतिशत आरक्षण देने
के लिए लाया गया संविधान (124वां संशोधन) विधेयक राज्यसभा से पास हो गया ।
यह विधेयक लोकसभा में मंगलवार को ही पारित हो चुका है। केंद्र सरकार सबका साथ सबका विकास की बात करती रही है और उसका ये फैसला समाज के हर वर्ग के विकास की उसकी प्रतिबद्धता को दिखाता है।
सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को शिक्षा एवं रोजगार में 10 प्रतिशत आरक्षण देने के प्रावधान वाले ऐतिहासिक संविधान संशोधन विधेयक को संसद की मंजूरी मिल गयी। राज्यसभा ने करीब 10 घंटे तक चली बैठक के बाद संविधान 124 वां संशोधन 2019 विधेयक को सात के मुकाबले 165 मतों से मंजूरी दे दी। इससे पहले सदन ने विपक्ष द्वारा लाए गए संशोधनों को मत विभाजन के बाद नामंजूर कर दिया।
लोकसभा ने इस विधेयक को मंगलवार को ही मंजूरी दी थी जहां मतदान में तीन सदस्यों ने इसके विरोध में मत दिया था। उच्च सदन में विपक्ष सहित लगभग सभी दलों ने इस विधेयक का समर्थन किया। कुछ विपक्षी दलों ने इस विधेयक को लोकसभा चुनाव से कुछ पहले लाये जाने को लेकर सरकार की मंशा तथा इस विधेयक के न्यायिक समीक्षा में टिक पाने को लेकर आशंका जतायी। हालांकि सरकार ने दावा किया कि कानून बनने के बाद यह न्यायिक समीक्षा की अग्निपरीक्षा में भी खरा उतरेगा क्योंकि इसे संविधान संशोधन के जरिये लाया गया है।
आर्थिक रूप से कमजोर व्यक्तियों को शिक्षा एवं रोजगार में 10 प्रतिशत आरक्षण देने संबंधी संविधान संशोधन विधेयक को बुधवार को चर्चा एवं पारित कराने के लिए राज्यसभा में पेश किया किया गया । सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री थावरचंद गहलोत ने विपक्षी सदस्यों के हंगामे के बीच 124वां संविधान संशोधन विधेयक 2019 सदन में रखा। गहलोत ने विधेयक पेश करते हुए कहा कि इस विधेयक से समाज के बड़े वर्ग को लाभ मिलेगा।
10 फीसदी का ये आरक्षण मौजूदा 49.5 प्रतिशत आरक्षण से अलग होगा। आरक्षण आर्थिक रूप से पिछड़े ऐसे गरीब लोगों को दिया जाएगा जिन्हें अभी मौजूदा आरक्षण व्यवस्था के तहत फायदा नहीं मिल रहा है। फैसले को लागू करने के लिए संविधान के अनुच्छेद 15 और 16 में नए उपबंध जो़ड़े जा रहे हैं । संविधान संशोधन विधेयक पर राज्यसभा में बुधवार को हुई चर्चा में विभिन्न दलों के सदस्यों ने इसका समर्थन किया। हालांकि कुछ दलों ने विधेयक के समय पर सवाल उठाए ।
लोकसभा इस विधेयक को मंगलवार को पारित कर चुकी है। इस विधेयक को उच्च सदन में पारित करने के लिए इसकी बैठक को एक दिन के लिए बढ़ाया गया है। राज्यसभा के बाद इसे राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा और मंजूरी मिलने के बाद ये कानून लागू हो जाएगा ।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य सभा में 124वाँ संविधान संशोधन बिल, 2019 पारित होने को सामाजिक न्याय की जीत बताया और कहा कि यह देश की युवा शुक्ति को अपना कौशल दिखाने के लिए व्यापक मौका सुनिश्चित करेगा तथा देश में एक बड़ा बदलाव लाने में सहायक होगा। ट्वीट कर उन्होने कहा कि “राज्य सभा में 124वाँ संविधान संशोधन बिल, 2019 पास होना मेरे लिए प्रसन्नता का विषय है। बिल को जिस तरह व्यापक समर्थन मिला है उससे काफी खुश हूं। बिल पर बहस के दौरान सदस्यों ने गंभीरता से अपनी राय रखी जिससे सदन में जीवंत बहस देखने को मिली। संसद के दोनों सदनों में 124वाँ संविधान संशोधन बिल, 2019 पास होना सामाजिक न्याय की जीत है। हम यह बिल पास करवाकर अपने संविधान निर्माताओं और उन महान स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि दे रहे है जिन्होने एक सशक्त भारत भारत की परिकल्पना की थी।”
भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने विधेयक के राज्य सभा में पास होने पर प्रधानमंत्री मोदी को बधाई दी है। ट्वीट कर उन्होने कहा कि ‘लोक-कल्याण का निरंतर प्रयास है, जन-जन का साफ नीयत में विश्वास है, चरितार्थ होता ‘सबका साथ-सबका विकास’ है। आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग को आरक्षण देने वाले विधेयक के राज्य सभा में पास होने पर प्रधानमंत्री मोदी जी को हार्दिक बधाई और इसका समर्थन करने वाले सभी सदस्यों का आभार।
संसदीय कार्यमंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने आरक्षण संबंधी विधेयक के संसद से पारित होने पर पीएम मोदी और सभी राजनैतिक दलों का शुक्रिया अदा किया है। लेकिन आम आदमी पार्टी पर हमला बोला। नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि आम आदमी पार्टी पहले अपने गिरेवांन में झांके फिर बीजेपी-आरएसएस की बात करें।