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Ind vs Aus: ऐतिहासिक सीरीज़ जीत के बाद भी निराश हैं कप्तान विराट कोहली, जानिए क्यों?
सिडनी। भारत ने ऑस्ट्रेलिया में 2-1 टेस्ट सीरीज़ जीतकर
इतिहास रच दिया। 71 साल में ये पहला मौका है जब भारत ने कंगारुओं को उन्हीं
की धरती पर टेस्ट सीरीज़ में मात दी हो, लेकिन इस ऐतिहासिक जीत के बाद भी
भारतीय कप्तान विराट कोहली निराश हैं। इस बात का खुलासा किसी और ने नहीं
बल्कि खुद कोहली ने ही किया है।
इस वजह से निराश हैं कोहली;-बारिश
की वजह से पांचवें और अंतिम दिन का खेल नहीं हो पाया और अंपायरों ने लंच
के बाद मैच ड्रॉ करने का फैसला किया जिससे भारत ने चार मैचों की श्रृंखला
2-1 से अपने नाम की। इस तरह से भारत बॉर्डर-गावस्कर ट्राफी बरकरार रखने में
भी सफल रहा। सिडनी टेस्ट मैच के पांचवें दिन का खेल बारिश की वजह से नहीं
खेला जा सका और सिडनी टेस्ट मैच को ड्रॉ घोषित कर दिया गया। सिडनी टेस्ट
में भारतीय टीम मजबूत स्थिति में थी और भारत 2-1 की जगह इस सीरी़ज का अंत
3-1 से कर सकता था। कोहली के निराश होने की भी यही वजह है। कोहली ने मैच के
बाद कहा कि हम सीरीज़ जीतकर बहुत खुश है, लेकिन हम ये सीरीज़ 2-1 की जगह
3-1 से जीतना चाहते थे। भारतीय कप्तान ने कहा कि बारिश और खराब रोशनी की
वजह हम ऐसा नहीं कर सके और इसके लिए हम निराश है, लेकिन मौसम पर हमारा बस
नहीं चलता।
कोहली ने की इन खिलाड़ियों की तारीफ:-मैच
के बाद कोहली ने कहा कि ये पूरी टीम की जीत है। मैं खुशनसीब हूं कि मेरे
पास ऐसी टीम है जो कहीं भी, किसी भी देश में जाकर अच्छा क्रिकेट खेल सकती
है। कोहली ने कहा कि पुजारा ने उम्दा प्रदर्शन किया, मयंक अग्रवाल ने भी
अपने रोल को समझते हुए शानदार प्रदर्शन किया। बुमराह के बारे में कोहली ने
कहा कि मेरे लिए तो वो दुनिया के बेस्ट गेंदबाज़ है और उन्होंने ये साबित
भी किया है। इसके साथ ही कोहली ने हनुमा विहारी की भी तारीफ की। कोहली ने
कहा कि उन्हें जो जिम्मेदारी मिली उन्होंने उसे बखूबी निभाया, फिर चाहे वो
ओपनिंग पर आना हो या नंबर छह पर बल्लेबाज़ी करना हो।
युवाओं को प्रेरित करेगी ये जीत:-भारतीय
कप्तान विराट कोहली ने ऑस्ट्रेलियाई सरजमीं पर ऐतिहासिक 2-1 से जीत को
अपनी ‘सबसे बड़ी उपलब्धि’ करार दिया। कोहली ने कहा, मैं तीसरी बार इस देश
में आया हूं और यहां पर टेस्ट सीरीज़ जीतना बेहद खास है। ये बहुत बड़ी जीत
है। मुझे लगता है कि इस सीरीज़ को जीतने के बाद हमें एक टीम के तौर पर अलग
पहचान मिलेगी। ये जीत भारत में बैठे देख रहे युवाओं को भी ऐसा करने के लिए
प्रेरित करेगी