हिमाचल प्रदेश

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री के साथ सड़क कनेक्टिविटी के मुद्दों पर चर्चा की

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मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने आज नई दिल्ली में केन्द्रीय भूतल परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के साथ एक बैठक की और सैद्धांतिक रूप से राज्य के लिए स्वीकृत किए गए 53 राज्य मार्गां को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने का आग्रह किया, जिसके लिए मंत्रालय को पहले ही एलाइनमेंटस (संरेखण) प्रस्तुत किए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री ने सरकाघाट-घुमारवीं और रानीताल-कोटला राज्य राजमार्गों को नए राष्ट्रीय राजमार्गों के रूप में अधिसूचित करने के अतिरिक्त सैद्धांतिक रूप से स्वीकृत शेष पांच राष्ट्रीय राजमार्गों को मंजूरी देने का आग्रह किया। उन्होंने ठियोग बाईपास के लिए अनुमानों को मंजूरी देने के अतिरिक्त विकास और समुचित रखरखाव के लिए ठियोग-हाटकोटी सड़क मार्ग को राज्य लोक निर्माण विभाग को सौंपने का आग्रह किया। उन्होंने एनएचआईआईपी चरण-2 के तहत हमीरपुर-मंडी (एनएच-70) और पांवटा साहिब-गुम्मा-फीड्ज पुल (एनएच-72) को शामिल करने के लिए मंत्रालय की मंजूरी मांगी और कहा कि सड़कें पहाड़ी राज्य की जीवन रेखाएं हैं और राज्य के भीतर कनेक्टिविटी का सबसे बेहतर साधन हैं। इसलिए इन परियोजनाओं पर तीव्र कार्रवाई बेहतर कनेक्टिविटी का मार्ग प्रशस्त करेंगी। उन्होंने केन्द्रीय मंत्री को कालका-सोलन राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना के फोरलेन कार्य की धीमी प्रगति के बारे में भी अवगत कराया जो राज्य की राजधानी में आने वाले पर्यटकों के लिए यातायात की भीड़ और असुविधा का कारण है। उन्होंने यह भी अवगत करवाया कि मटौर-शिमला (एनएच-88) और पठानकोट-मंडी (एनएच-20) पर कोई प्रगति नहीं हुई है। उन्होंने नादौन-हमीरपुर और ब्रह्मपुखर शिमला (एनएच-88), पठानकोट-मंडी (एनएच-20) की स्थिति में सुधार के लिए अनुरोध किया क्योंकि इन सड़कों का कोई उचित रखरखाव नहीं हो रहा है।  मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री को अवगत करवाया कि किरतपुर साहब-नेरचौक (एनएच-21) पर काम रोक दिया गया है और कहा कि पिंजौर-बद्दी-नालागढ़ फोरलेन परियोजना के कार्य में देरी हो रही है। हालांकि, उन्होंने जल्द ही निर्माण कार्य शुरू करने का आग्रह किया क्योंकि यह औद्योगिक क्षेत्र के लिए जीवन रेखा है, जो एक बड़ा फार्मा हब है और देश का 37 प्रतिशत दवा उत्पादन यहां हो रहा है। उन्होंने कहा कि इस सड़क मार्ग पर वाहनों की भारी आवाजाही है, इसलिए इस सड़क मार्ग पर तेज गति से निर्माण कार्य करने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने केंद्र से राज्य सरकार द्वारा पहले से प्रस्तुत किए गए उपयोगिता प्रमाण पत्रों के दृष्टिगत धनराशि प्रदान करने का भी आग्रह किया। मुख्यमंत्री को अवगत करवाया गया कि पठानकोट-मंडी पर काम जल्द से जल्द शुरू किया जाएगा और इसके लिए 27 करोड़ रुपये पहले ही प्रदान किए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री को यह भी अवगत करवाया गया कि जल्द ही किरतपुर साहब-नेरचौक पर मुरम्मत का कार्य शुरू करने का प्रयास किया जाएगा और कहा कि सरकार द्वारा भेजी गई केंद्रीय सड़क निधि के तहत परियोजनाओं को जल्द ही मंजूरी दी जाएगी। मुख्यमंत्री के प्रधान निजी सचिव विनय िंसंह, उप आवासीय आयुक्त विवेक महाजन और राज्य लोक निर्माण विभाग एवं केन्द्रीय मंत्रालय के अधिकारीगण भी बैठक में उपस्थित थे।  

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