पंजाब
केंद्र सरकार द्वारा पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप का 1663.47 करोड़ रुपए का बकाया- साधु सिंह धर्मसोत
केंद्र द्वारा जारी 327.39 करोड़ की राशि में से 314.63 करोड़ जारी करके प्रयोग सर्टिफिकेट केंद्र को भेजे जा चुके हैं
चंडीगढ़ – पंजाब के सामाजिक न्याय, सशक्तिकरण और अल्पसंख्यक मंत्री स. साधु सिंह धर्मसोत ने कहा है कि केंद्र सरकार द्वारा अनुसूचित जाति विद्यार्थियों को मिलती पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप की 1663.47 करोड़ की राशि बकाया है, जिसको जल्द जारी करवाने के लिए केंद्र के साथ बातचीत का सिलसिला लगातार जारी है। स. धर्मसोत ने आज यहां विभाग के उच्च अधिकारियों के साथ पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप संबंधी समीक्षा मीटिंग के बाद कहा कि अनुसूचित विद्यार्थियों को दी जाती पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप 100 प्रतिशत केंद्र स्पांसर स्कीम है और इस स्कीम की वर्ष 2016-2017, 2017 -2018 और 2018 -2019 की 1663.47 करोड़ रुपए की राशि केंद्र सरकार की तरफ बकाया है। उन्होंने बताया कि यह राशि वर्ष 2016-2017 की 719.52 करोड़ रुपए, 2017-2018 की 567.55 करोड़ रुपए और 2018-2019 की 376.40 करोड़ रुपए बनती है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की तरफ से वर्ष 2015-2016 के लिए जारी की गई 327.39 करोड़ की राशि में से 314.63 करोड़ जारी करके प्रयोग सर्टिफिकेट केंद्र को भेजे जा चुके हैं जबकि 12.76 करोड़ रुपए की राशि के बिल खज़़ाना कार्यालय में भुगतान के लिए जमा करवाए जा चुके हैं।
स. धर्मसोत ने बताया कि पिछली सरकार की नाकामियों को उजागर करने के लिए कैप्टन सरकार ने पिछले कुछ वर्र्षे के दौरान जारी की गई स्कॅालरशिप राशि का ऑडिट करवाने का फ़ैसला किया था। उन्होंने बताया कि प्राईवेट शिक्षा संस्थाओं के पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप संबंधी किये जा रहे ऑडिट में अब तक 512 करोड़ रुपए की राशि ऐतराजय़ोग्य पाई गई है। उन्होंने बताया कि राज्य में कुल 3606 शिक्षा संस्थाएं हैं, इनमें से 2588 संस्थाओं की विशेष ऑडिट संबंधी रिपोर्टें प्राप्त हो गई हैं। उन्होंने बताया कि जिन 2588 संस्थाओं का ऑडिट मुकम्मल हो चुका है, उनमें से 1967 संस्थाएं प्राईवेट हैं जबकि 621 संस्थाएं सरकारी हैं। उन्होंने बताया कि इन 2588 संस्थाएं में से 920 संस्थाओं को फिलहाल भुगतान नहीं किया जा सकता क्योंकि ऑडिट पार्टी ने इनके दावों के भुगतान पर ऐतराज़ दर्ज करवाया है। उन्होंने बताया कि बाकी बचती 990 प्राईवेट शिक्षा संस्थाओं को 100.34 करोड़ रुपए की राशि का पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप के अंतर्गत भुगतान कर दिया गया है।
स. धर्मसोत ने स्पष्ट करते हुए कहा कि पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप संबंधी फ़ीसों के लेन /देन की हिदायतें केंद्र सरकार की तरफ से ही जारी की जाती हैं, जिनके अनुसार राज्य सरकार और विभिन्न शिक्षा संस्थाओं ने कार्य करना होता है। उन्होंने कहा कि केंद्र की ओर से जारी हिदायतों के अनुसार अब स्कॉलरशिप की राशि शिक्षा संस्थाओं को नहीं बल्कि विद्यार्थियों के खातों में पाई जायेगी। उन्होंने बताया कि जारी हिदायतों के अनुसार जिस संस्था के स्कॉलरशिप हासिल करने वाले 50 प्रतिशत एस.सी विद्यार्थी पास होंगे, उस संस्था में पढ़ते विद्यार्थी ही स्कॉलरशिप का लाभ लेने के योग्य होंगे।इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. रौशन सुंकारिया, डायरैक्टर एस.सी. सब प्लान श्री राज बहादर सिंह, अतिरिक्त डायरैक्टर सामाजिक न्याय, सशक्तिकरण और अल्पसंख्यक श्रीमती बिन्दु वालिया और डिप्टी डायरैक्टर श्री जसविन्दर सिंह गिल उपस्थित थे।