भारत
ब्रह्मपुत्र नदी पर देश के सबसे बड़े रेल और सड़क पुल का उद्धाटन
पीएम मोदी ने असम के बोगीबील में ब्रह्मपुत्र नदी पर बने देश के सबसे बड़े रेल और सड़क पुल का किया उद्धाटन, यात्री ट्रेन को भी किया रवाना, कहा अगर पिछली सरकारे संवेदनशील होती लोगों को नही करना पडता इतना इंतज़ार, सरकार ने बदली ”टालमटोल” की कार्य संस्कृति
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बोगीबील में ब्रह्मपुत्र नदी पर देश के सबसे लंबे रेल और सड़क सेतु को राष्ट्र को समर्पित किया। असम को अरुणाचल प्रदेश से जोड़ने वाला यह सेतु पूर्वुोत्तर के लिए बहुत खास तोहफा है। इस पुल की आधारशिला पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने साल 2002 में रखी थी और आज अटलजी के जन्मदिवस पर ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने यह सेतु राष्ट्र को समर्पित किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने सेतु मार्ग से होकर गुजरने वाली पहली यात्री रेलगाड़ी को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस सेतु रेलवे मार्ग से 705 किमी और सड़क मार्ग से 150 किमी की दूरी को कम करते हुए डिब्रूगढ़ से नाहरलागुन तक सीधा संपर्क स्थापित होगा।
4.94 किमी. की डिब्रूगढ़ से धीमाजी तक की दूरी प्रधानमंत्री ने सड़क मार्ग से तय की। ब्रह्मपुत्र के उत्तरी छोर पर बसे असम के ही ज़िले धीमाजी तक जाना पहले आसान नहीं था। इससे पहले रेलवे पुल डिब्रूगढ़ से तकरीबन 450 किमी. की दूरी पर गुवाहटी में ही मौजूद था साथ ही सड़क पुल यहां 250 किमी. दूर। ऐसे में प्रधानमंत्री ने धीमाजी में जनसभा मंच से इस रेल-रोड़ ब्रिज का लोकार्पण किया साथ ही तिनसुकिया से अरुणाचल प्रदेश के नाहरलगून तक चलने वाली रेलगाड़ी को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होने कहा कि ये पुल लोगों के लिए एक जीवन रेखा बनकर सेवा देगा।
ब्रह्मपुत्र जलस्तर से 32 मी. ऊंचाई पर बने इस पुल में कुल 42 डबल डी वेल फाउंडेशन खंभों का इस्तेमाल हुआ है। लोगो के लिए खुल जाने के बाद अब लोगों डिब्रूगढ से धीमाजी जाने के लिए 700 किमी.की दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी। साथ ही ख़तरनाक तरीक़े से नदी को नाव के ज़रिए पार करने से भी मुक्ति मिलेगी।
पुल बनने से ईटानगर तक जाने के लिए रेलवे सुविधा को विस्तार मिलेगा। इसके अलावा भारत की सामरिक दृष्टि से चीन से लगती हुई सीमा की निगेहबानी को भी मज़बूती मिलेगी। अपने कार्यारंभ से 16 साल बाद बनकर तैयार हुआ पुल पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी के जन्मदिन का एक ख़ास उपहार तो है ही साथ ही न्यू इंडिया की एक झलक भी।